माइग्रेन रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होती है दूब (दुर्वा), इन 2 तरीकों से करें इस्तेमाल

माइग्रेन की शिकायत को दूर करने के लिए आप दुर्वा घास का इस्तेमाल कर सकते हैं। आइए जानते हैं दुर्वा घास इस्तेमाल करने का तरीका क्या है? 

 

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraUpdated at: Mar 22, 2021 18:04 IST
माइग्रेन रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद होती है दूब (दुर्वा), इन 2 तरीकों से करें इस्तेमाल

माइग्रेन एक तरह से सिरदर्द की समस्या है, जो मस्तिष्क में तंत्रिका तंत्र के विकार की वजह से होता है। माइग्रेन (आधासीसी)  की मरीज के सिर में बार-बार सिर दर्द होना या फिर सिर के आधे हिस्से में दर्द होता है। माइग्रेन की वजह से उल्टी,  मतली, उल्टी, प्रकाश तथा ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता होती है।  माइग्रेन की वजह से मरीज को तेज आवाज और शोर शराबे से काफी परेशानी होती है। यह दर्द आपको कुछ घंटे या फिर कुछ दिनों तक रह सकता है। माइग्रेन की समस्या से राहत पाने के लिए कई लोग दवाईयों का सहारा लेते हैं। लेकिन आपको बता दें कि दवाईयां माइग्रेन के रोगियों के लिए अच्छी नहीं होती है। इससे आपकी समस्या ज्यादा बढ़ सकती हैं। माइग्रेन से छुटकारा पाने के लिए घरेलू उपाय सबसे बेहतर ऑप्शन होता है।

दूर्वा है माइग्रेन रोगियों के लिए असरकारी

माइग्रेन की दवा से राहत पाने के लिए कई लोग दवाईयों का सहारा लेते हैैं। लेकिन यह हमारे शरीर के लिए हानिकारक होती हैं। माइग्रेन से राहत पाने के लिए सड़क किनारे मिलने वाली दुर्वा सबसे बेहतरीन ऑप्शन होती है। दूर्वा घास के इस्तेमाल से आप माइग्रेन से राहत पा सकते हैं। यह एक देसी नुस्खा है, जिसे हमारे बड़े-बुजुर्ग अपनाते हैं। मेरे घर में भी मेरे नानजी द्वारा यह नुस्खा अपनाया जाता है। जो मैं आप आप लोगों के साथ शेयर करने जा रही हूं। 

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कैसे करें दूर्वा घास का इस्तेमाल?

दूर्वा घास का इस्तेमाल आप कई बीमारियों को खत्म करने के लिए कर सकते हैं। मेरे नानाजी इसका इस्तेमाल सिर दर्द और मन को शांत करने के लिए करते हैं। जो मैं आप लोगों के साथ शेयर कर रही हूं।

पहला तरीका

जरूरी सामाग्री

  • दुर्वा घास - 1 मुट्ठी
  • पानी - 1 गिलास
  • मुलेठी पाउडर - 1 चुटकी
  • काली मिर्च पाउडर - 1 चुटकी

विधि

सबसे पहले सुबह बाहर जाकर गार्डन से साफ और स्वच्छ दुर्वा तोड़ें। ध्यान रहे कि आपको घास नहीं तोड़ना है। दुर्वा घास वह होती है, जो घास के ऊपरी सिरे पर होती है, जिसमें 3 या फिर 5 पत्तियां निकली होती हैं। इसका इस्तेमाल ज्यादातर लोग पूठा-पाठ में करते हैं। अब इस दुर्वा को शिलबट्टे पर अच्छी तरह पीस लें। अब इस पीसे हुए दुर्वा को एक गिलास में डालें और इस गिलास को पानी से भरें। अब इसमें बाकि की चीजें मिक्स करें। इसे आप खाली पेट या फिर दोपहर में भी पी सकते हैं। करीब 1 महीने लगातार इसका सेवन करने से माइग्रेन की शिकायत दूर हो सकती है।

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दूसरा तरीका

यह तरीका माइग्रेन के साथ-साथ मन को शांत रखने में भी फायदेमंद होता है। इसे मेरे नानाजी अपने रेग्यूलर रुटीन में फॉलो करते थें। चलिए जानते हैं क्या है यह तरीका-

आवश्यक सामाग्री

  • दुर्वा घास - 1 मुट्ठी
  • पानी - 1 गिलास
  • चीनी - एक चौथाई टी-स्पून

विधि

इसमें आपको दुर्वा को शिलबट्टे पर अच्छी तरह पीसना है।  अब इस पीसे हुए पेस्ट को एक गिलास में रखें। इसके बाद इसमें आपको थोड़ी सी चीनीं डालनी है। ताकि कसैले स्वाद को हटाया जा सके। अगर आप इसमें चीनी नहीं डालना चाहते हैं, तो बिना चीनी के भी इसका सेवन कर सकते हैं। अब इसमें पानी डालकर अच्छी तरह मिक्स करें। नियमित रूप से इस जूस का सेवन करने से मानसिक समस्या दूर रहती है। आपका मन शांत रहता है। साथ ही याददाश्त क्षमता बढ़ती है।

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