अर्ध सेतुबन्धासन का नियमित अभ्यास करने से शरीर को मिलते हैं ये 7 फायदे, जानें तरीका

अर्ध सेतुबंधासन का अभ्यास करने से आपके शरीर की मांसपेशियों और अंदरूनी अंगों को फायदा मिलता है, जानें इसके फायदे और अभ्यास के तरीके बारे में।

 
Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Apr 13, 2022Updated at: Apr 13, 2022
अर्ध सेतुबन्धासन का नियमित अभ्यास करने से शरीर को मिलते हैं ये 7 फायदे, जानें तरीका

शरीर को हेल्दी और निरोगी बनाने के लिए रोजाना योग का अभ्यास बहुत उपयोगी होता है। योग के फायदों को देखते हुए आज दुनियाभर के लोग इसे अपना रहे हैं। अपनी फिटनेस रूटीन में योग का अभ्यास शामिल करने से आप न सिर्फ शरीर को शारीरिक रूप से हेल्दी और रोगमुक्त बनाते हैं बल्कि इसके अभ्यास से आपके मन और दिमाग को भी फायदा मिलता है। प्राचीन काल में ऋषि-मुनियों द्वारा योग का अभ्यास किया जाता है था। योग विज्ञान में शरीर के हर अलग-अलग अंगों के लिए अलग-अलग योगासनों का अभ्यास करने को लेकर जानकारी दी गयी है। शरीर के लिए फायदेमंद योग है अर्ध सेतुबंधासन (Ardha Setu Bandhasana) जिसे अंग्रेजी में हाफ ब्रिज पोज (Half Bridge Pose) भी कहा जाता है। इस योगासन का नियमित अभ्यास करने से आपके कमर, लोअर बैक और शरीर के अंदरूनी अंगों को बहुत फायदा मिलता है। अर्ध सेतुबंधासन का अभ्यास उन लोगों के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है जिन्हें पेट या पाचन से जुड़ी समस्याएं होती हैं। आइये जानते हैं अर्ध सेतुबंधासन का अभ्यास करने के फायदे और तरीका।

अर्ध सेतुबंधासन के फायदे ( Ardha Setubandhasana Benefits in Hindi)

अर्ध सेतु बंधासन का नियमित अभ्यास (Half Bridge Pose Benefits in Hindi) शरीर को निरोगी और फिट बनाने के लिए बहुत उपयोगी होता है। अगर आप नियमित रूप से इस योगासन का अभ्यास करने से तो आपके शरीर की मांसपेशियों को बहुत फायदा मिलता है। अर्ध सेतुबंधासन को आमतौर पर हलासन का अभ्यास करने के बाद पूरक योग के रूप में किया जाता है। इसका अभ्यास आप शोल्डरस्टैंड के बाद भी कर सकते हैं। यह एक मध्यम श्रेणी का योगासन है और इसमें आपकी मुद्रा आधे पुल की तरह से होती है। यह योगासन सेतुबंधासन का ही एक रूप है। अर्ध सेतुबंधासन का अभ्यास करने से आपके फेफड़ों, हृदय और लसीका तंत्र को बहुत फायदा मिलता है। आइये जानते हैं अर्ध सेतुबंधासन का नियमित अभ्यास करने से मिलने वाले फायदे के बारे में।

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1. शरीर की मांसपेशियों को लचीला बनाने के लिए और मांसपेशियों को हेल्दी बनाने के लिए अर्ध सेतुबंधासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। अगर आप नियमित रूप से इस योगासन का अभ्यास करते हैं तो आपके लोअर बैक और पीठ की मांसपेशियों को भी फायदा मिलता है।

2. आज के समय में खानपान और लाइफस्टाइल से जुड़े कारणों की वजह से लोगों में थायरॉयड की समस्या खूब हो रही है। थायरॉयड की समस्या में अर्ध सेतुंधासन का अभ्यास करना फायदेमंद होता है। अगर आप नियमित रूप से अर्ध सेतुबंधासन का अभ्यास करते हैं तो इससे आपकी थायरॉयड और पैराथायरायड ग्रंथियां उत्तेजित होती हैं।

3. दिल की धड़कन अनियमित होने की समस्या में भी अर्ध सेतुबंधासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है। इस योगासन का नियमित अभ्यास करने से आपके दिल की धड़कन कम होती है और ब्लड प्रेशर को कम करने में भी फायदा मिलता है। अगर आप अर्ध सेतुबंधासन का अभ्यास करते समय अपनी चेस्ट को इतना ऊपर उठाते हैं कि उसे ठुड्डी से दबाया जा सके तो इससे आपको ब्लड प्रेशर कम करने में और दिल की धड़कन कम करने में फायदा मिलता है।

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4. कंधे को मजबूत बनाने के लिए अर्ध सेतुबंधासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। इसका अभ्यास शोल्डरस्टैंड के अभ्यास के बाद भी किया जाता है। इसके अभ्यास से आपके कंधे की मांसपेशियों को भी फायदा मिलता है। 

5.  हृदय, फेफड़े, थाइमस और लसीका ग्रंथियों को उत्तेजित करने के लिए अर्ध सेतुबंधासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है। अगर आप नियमित रूप से इस योगासन का अभ्यास करते हैं तो आपको फेफड़ों से जुड़ी समस्या में भी फायदा मिलता है।

6. पेट और पीठ के निचले हिस्से के लिए अर्ध सेतुबंधासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है। पेट के निचले हिस्से में तनाव और दर्द को दूर करने के लिए अर्ध सेतुबंधासन का अभ्यास बहुत उपयोगी होता है। पीठ की मांसपेशियों को मजबूत और लचीला बनाने के लिए भी अर्ध सेतुबंधासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है।

7. पैरों और हिप्स की मांसपेशियों को मजबूत और टोन करने के लिए अर्ध सेतुबंधासन का अभ्यास बहुत उपयोगी माना जाता है।

अर्ध सेतुबंधासन का अभ्यास करने का तरीका (Ardha Setubandhasana Steps in Hindi)

अर्ध सेतुबंधासन का अभ्यास करने के लिए आप इन स्टेप्स को फॉलो करें।

  • सबसे पहले योगा मैट बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं।
  • इसके बाद अपने घुटनों को मोड़ें और पिअरों को कूल्हों के करीब लेकर जाएं।
  • अब अपने पैरों को हिप की चौड़ाई से अलग रखते हुए एडियों को फर्श पर रखें।
  • अपने हथेलियों को नीचे की तरफ रखते हुए हाथों को फर्श पर दबाएं।
  • इसके बाद सांस अंदर लेते हुए कूल्हों को ऊपर की तरफ उठाएं।
  • अब अपने हाथों को टखनों की ओर ले जाएं और चेस्ट को ठुड्डी की तरफ ले जाएं।
  • सामान्य रूप से सांस लें और कुछ देर इस पोज में रहने के बाद सामान्य स्थिति में आयें।

अर्ध सेतुबंधासन का अभ्यास करते समय शुरुआत में 30 सेकंड से लेकर 1 मिनट तक मुद्रा में रहना चाहिए उसके बाद धीरे-धीरे आप अपना समय बढ़ा सकते हैं। इस योगासन का अभ्यास करते समय शरीर के किसी भी अंग पर बहुत ज्यादा जोर नहीं देना चाहिए। अगर अर्ध सेतुबंधासन का अभ्यास करते समय आपको किसी भी प्रकार की दिक्कत हो रही है तो योग का अभ्यास न करें। शुरुआत में आपको अर्ध सेतुबंधासन का अभ्यास करते समय एक्सपर्ट या योग गुरु की मदद लेनी चाहिए।

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