शिशुओं के शरीर की मालिश सेहत के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है। आयुर्वेद में बच्चे के शरीर की मालिश न सिर्फ उनकी स्किन के लिए फायदेमंद मानी जाती है। भारत में मालिश एक पुरानी परंपरा है, जो बच्चे के शरीर को पोषण और विकास को बेहतर रखने में अहम भूमिका निभाता है। हालांकि, बच्चे के शरीर की मालिश के लिए सही तेल चुनना बच्चे के विकास के साथ हड्डियों, मांसपेशियों और संपूर्ण स्वास्थ्य विकास में मदद करता है। आमतौर पर लोग नारियल तेल या घी का इस्तेमाल बच्चों के शरीर की मालिश के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इन दोनों में से क्या ज्यादा बेहतर होता है? आइए इस बारे में मेवाड़ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एवं प्राकृतिक चिकित्सालय बापू नगर, जयपुर की वरिष्ठ चिकित्सक योग, प्राकृतिक चिकित्सा पोषण और आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता से जानते हैं।
घी से शिशु मालिश के फायदे
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता के अनुसार, आयुर्वेद में घी का इस्तेमाल काफी फायदेमंद माना जाता है, खासकर स्किन के लिए।
- घी में नेचुरल फैट और विटामिन ए, डी, ई और के पाए जाते हैं, जो स्किन को अंदर से पोषण देने में मदद करता है। यह शिशु की ड्राई स्किन के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है।
- सर्दी के मौसम में घी से मालिश करने से शरीर को गर्माहट मिलती है, जो ठंड के मौसम में फायदेमंद होता है।
- आयुर्वेद के अनुसार घी से बच्चों के शरीर की मालिश करने से हड्डियां और मांसपेशियां मजबूत बनती हैं।
- घी से बच्चों के शरीर की मालिश करने से स्किन की नेचुरल चमक बढ़ती है और ड्राइनेस कम होती है।
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बच्चों की मालिश के लिए घी के नुकसान
बच्चों के शरीर की मालिश करने के लिए घी का इस्तेमाल फायदेमंद होने के साथ-साथ इसके कुछ नुकसान भी हैं:
- गर्मियों में बच्चों के शरीर की मालिश के लिए घी का इस्तेमाल हैवी माना जाता है।
- कुछ शिशुओं की स्किन पर चिपचिपाहट या दाने निकलने की समस्या हो सकती है।
- अगर घी शुद्ध न होने पर इंफेक्शन का जोखिम बढ़ जाता है।
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नारियल तेल से शिशु की मालिश के फायदे
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता का कहना है कि, नारियल का तेल शिशु के शरीर की मालिश के लिए फायदेमंद और सुरक्षित माना जाता है।
- नारियल तेल हल्का होता है, जो स्किन पर आसानी से समा जाता है क्योंकि यह हल्का होता है और स्किन में जल्दी समा जाता है। इससे शिशु को किसी तरह की असुविधा नहीं होती है।
- नारियल तेल की तासीर ठंडी मानी जाती है जो हर्म मौसम में बच्चों की स्किन के लिए ज्यादा सही माना जाता है।
- नारियल तेल में नेचुरल एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो स्किन को इंफेक्शन से बचाने में मदद करते हैं।
- अगर शिशु की स्किन सेंसिटिव है या उससे एलर्जी की समस्या है तो नारियल ता तेल उनके लिए सुरक्षित विकल्प हो सकता है।
नारियल तेल के नुकसान
नारियल तेल बच्चों की स्किन के लिए फायदेमंद होने के साथ-साथ इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं, जैसे:
- सर्दियों में यह बच्चे के शरीर को सही तरह से गर्माहट नहीं दे पाता है।
- ज्यादा ठंडे मौसम में स्किन को सही तरह से नमी नहीं मिल पाती है।
मौसम के अनुसार कौन सा तेल बेहतर है?
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. किरण गुप्ता के अनुसार, बच्चे के शरीर की मालिश के लिए घी और नारियल तेल दोनों ही अपने-अपने स्थान पर सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है। हालांकि, सर्द मौसम में घी शिशु की स्किन के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है, क्योंकि यह स्किन को गहराई से पोषण और गर्माहट देता है। जबकि गर्मी के मौसम में नारियल तेल बच्चे की स्किन के लिए ज्यादा फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह हल्का होने के साथ-साथ शरीर को ठंडक भी देता है।
निष्कर्ष
घी और नारियल का तेल दोनों ही शिशु की मालिश के लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं। अगर मौसम ठंडा है, शिशु की स्किन ड्राई है तो घी का इस्तेमाल फायदेमंद माना जाता है। वहीं अगर मौसम गर्म है और शिशु की स्किन सेंसिटिव है तो नारियल का तेल ज्यादा बेहतर माना जाता है। सबसे जरूरी बात यह है कि आप जिस चीज से भी बच्चे की मालिश कर रहे हैं उसके बाद बच्चे की स्किन पर रिएक्शन जरूर देखें। अगर मालिश के बाद शिशु की स्किन पर रेडनेस, दाने, या खुजली की समस्या होती है तो तुरंत उस चीज का इस्तेमाल करना बंद कर दें।
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FAQ
बच्चों की मालिश दिन में कितनी देर तक करनी चाहिए?
बच्चों की मालिश दिन में 1 से 2 बार लगभग 10 से 15 मिनट तक करना बहुत जरूरी माना जाता है और सबसे अच्छा समय नहाने से पहले या सोने से पहले माना जाता है।क्या रोजाना बच्चे की मालिश करना जरूरी है?
हां, नवजात शिशुओं के शरीर की रोजाना मालिश करना शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है।शिशु के शरीर को मजबूत रखने के लिए मालिश का क्या महत्व है?
शिशु के शरीर को मजबूत और स्वस्थ रखने के लिए मालिश करना एक अहम प्रक्रिया है, जो न सिर्फ मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है, बल्कि ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने के साथ पाचन क्रिया को भी बेहतर बनाता है।
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Feb 15, 2026 14:01 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Feb 15, 2026 14:01 IST
Modified By : Katyayani TiwariFeb 15, 2026 14:01 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Kiran Gupta