नाई से गर्दन चटकवाना पड़ सकता है भारी, जानें क्‍यों

हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर आप शायद आगे कभी भी नाई से गर्दन की मालिश नहीं कराएंगे और ना ही गर्दन चटकवाएंगे।

 ओन्लीमाईहैल्थ लेखक
तन मनWritten by: ओन्लीमाईहैल्थ लेखकPublished at: Sep 21, 2017Updated at: Sep 22, 2017
नाई से गर्दन चटकवाना पड़ सकता है भारी, जानें क्‍यों

सैलून में बाल कटवाने के बाद अगर आप गर्दन की मसाज कराकर चटकवाते हैं, तो सावधान हो जाएं। ऐसा करना आपके लिए भारी नुकसानदायक हो सकता है। आमतौर पर देखा जाता है कि नाई की दुकान पर बाल कटवाने के बाद सिर का मसाज कराना और गर्दन चटकवाना ज्यादातर लोगों की आदत में शामिल है। नाई गर्दन और चिन को पकड़कर लेफ्ट-राइट साइड झुकाकर भी मसाज करते हैं। मगर क्या आपको पता है कि ये आपके लिए जानलेवा भी हो सकता है, यदि नहीं, तो जान लीजिये। हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे जानकर आप शायद आगे कभी भी नाई से गर्दन की मालिश नहीं कराएंगे और ना ही गर्दन चटकवाएंगे।

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जिंदगीभर लेना पड़ सकता है वेंटिलेटर का सहारा

अजय कुमार (54) हर बार की तरह पिछले महीने भी सैलून से बाल कटाकर और गर्दन की मसाज कराकर लौटे। इसके बाद अजय अचानक हांफने लगे और उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत होने लगी। अजय को अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टर ने बताया कि मसाज के दौरान गर्दन की फ्रेनिक नर्व्स डैमेज हो गई। ये नर्व्स डायाफ्राम को कंट्रोल करती है, जो श्वसन क्रिया को कंट्रोल करती है। अजय को वेंटिलेटर पर रखा गया है, जिससे उन्हें सांस लेने में मदद मिल सके। विशेषज्ञों का कहना है कि अजय का डायाफ्राम पैरालाइज्ड हो गया है। ऐसा भी हो सकता है कि अब अजय को जिंदगीभर वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत पड़े। जांच के बाद डॉक्टरों ने पाया कि अजय को पैराडॉक्सिअल ब्रीदिंग पैटर्न था। पैराडॉक्सिअल ब्रीदिंग होने का कारण जानने के लिए न्यू‍रोलॉजिकल परीक्षण किया गया, तो पाया गया कि फ्रेनिक नर्व्स डैमेज थी। अजय से पूछा गया, तो उन्होंने गर्दन की मसाज के बारे में बताया।

मौत भी हो सकती है

विशेषज्ञों का कहना है कि लोग बाल कटवाने के बाद नाई से इसलिए गर्दन की मसाज कराते हैं, क्योंकि इससे वे रिलैक्सव फील करते हैं। मगर गर्दन की मसाज से वर्टिब्रल आर्टरी डैमेज होने का भी खतरा रहता है। अगर टिश्यू हल्के से टियर हैं, तो वे जल्द ही खुद ही हील कर जाते हैं। मगर कुछ मामलों में सर्जरी तक करनी पड़ सकती है। गर्दन को शार्प तरीके से लेफ्ट या राइट झुकाने से आर्टरी डैमेज होने के कारण मरीजों को ब्रेन सेल्स की समस्याओं के लिए कैरोप्रैक्टिक थेरेपी तक लेनी पड़ सकती है। कई बार समस्या बढ़ने पर स्ट्रोक या मौत का जोखिम भी हो सकता है।

एक व्यभक्ति की जा चुकी है जान

कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश के भोपाल में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था। यहां हरनाम अहिरवार नामक एक किसान ने नाई से जब गर्दन चटकवाई, तो उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। नाई ने ठोड़ी पकड़कर हरनाम की गर्दन को जब झटका दिया, तो उसकी मेजर आर्टरी दब गई और वह जमीन पर गिरकर तड़पने लगा। इससे पहले कोई कुछ समझता हरनाम की जान जा चुकी थी।

Avanish Kumar Upadhyay

 

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