Fri Sep 11, 2026 | 09:17 PM IST

बार-बार मिट्टी खाने की इच्‍छा हो सकती है इस बीमारी का संकेत

What Causes Craving For Soil: अगर आपको भी मिट्टी खाने का मन होता है, तो इसे हल्के में न लें। यह एक तरह का रोग है, जिससे कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।

आपने अक्सर छोटे बच्चों को मिट्टी या चॉक खाते हुए देखा होगा। लेकिन, ये आदत सिर्फ छोटे बच्चों को ही नहीं, बल्कि बड़े लोगों को भी होती है। खासतौर पर, महिलाओं को कुल्हड़, घड़े की मिट्टी या चॉक खाने (Mitti Khane Ka Man Kyon Karta Hai?) का मन करता है। अधिकतर लोगों को लगता है कि यह कैल्शियम की कमी के कारण होता है। जबकि, इसके पीछे की वजह कुछ और ही है। दरअसल, यह एक तरह की बीमारी होती है। मिट्टी या चॉक खाने की इस आदत को जियोफेगिया (Geophagia) कहते हैं। इस बीमारी में व्यक्ति खुद को मिट्टी खाने से नहीं रोक पाता है। ज्यादातर प्रेगनेंट महिलाऐं इसका शिकार होती हैं। इस रोग में उन्हें मिट्टी खाने की लत ठीक वैसे ही होती है, जैसे किसी चीज का नशा करने पर होती है। इसकी वजह से उन्हें आगे चलकर काफी समस्याएं हो सकती हैं। 

मिट्टी खाने का मन क्यों करता है? - What Causes Craving For Soil 

मिट्टी खाने की तलब का संबंध पीका नाम की बीमारी से है। इस बीमारी में व्यक्ति को ऐसे पदार्थों को खाने की इच्छा होती है, जो खाने लायक नहीं होते हैं। दरअसल, पीका एक पक्षी का नाम है, जो कुछ भी खा लेता है। इस पक्षी के नाम पर इस बीमारी का नाम रखा गया है। महिलाओं में मिट्टी या चॉक खाने की तलब को कैल्शियम की कमी माना जाता है। जबकि, ऐसा नहीं है। यह बीमारी आयरन की कमी से संबंधित होती है। बार-बार मिट्टी खाने के कारण व्यक्ति को पेट संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।  

इसे भी पढ़ें: Unhealthy Gut Symptoms: आंत कमजोर होने पर शरीर में दिखते हैं ये 5 लक्षण, न करें नजरअंदाज

हो सकती हैं पेट से संबंधित समस्याएं   

जब कोई व्यक्ति या महिला मिट्टी या चॉक खाती है तो इससे उसकी आंतों में गड़बड़ी होने लगती है। मिट्टी खाने से लिवर पर भी बुरा असर पड़ता है, जिसकी वजह से पेट में सूजन आने लगती है। मिट्टी खाने के कारण पाचन तंत्र पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिसके कारण पेट से संबंधित समस्याएं होने लगती हैं। मिट्टी खाने से भूख मर जाती है और खाना पचाने में भी दिक्क्त होती है। ज्यादा मिट्टी खाने की वजह से पेट में कीड़े या पथरी की समस्या हो सकती है। दरअसल, मिट्टी पेट में घुल नहीं पाती है, जिसके कारण पथरी की समस्या हो जाती है। मिट्टी खाने के कारण पेट में तेज दर्द भी हो सकता है। 

Soil-Craving

डॉक्टर से संपर्क करें 

मिट्टी खाने के कारण एनीमिया की शिकायत भी हो सकती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक शरीर में आयरन या जिंक की कमी के कारण मिट्टी खाने की इच्छा होती है। ऐसी स्थिति में शरीर में व्यक्ति के शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, जिसकी वजह से वह एनीमिया का शिकार हो जाता है। मिट्टी खाने के कारण आगे चलकर कई अन्य गंभीर रोग भी हो सकते हैं। ऐसे में आपको तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए, ताकि वे इस बीमारी का इलाज कर सकें।   

इसे भी पढ़ें: पेट के बीच में दर्द के हो सकते हैं ये कारण, समय पर कराएं इलाज

What Causes Craving For Soil: अगर आपको भी मिट्टी खाने का मन करता है, तो इसे कैल्शियम की कमी समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करके इलाज करवाएं।

Read Next

पैर के तलवों में पसीना क्यों आता है? जानें 5 कारण

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Priya Mishra

Priya Mishra

Sub-Editor

जागरण न्यू मीडिया के ओनलीमायहेल्थ में बतौर सब एडिटर काम कर रही प्रिया मिश्रा को पत्रकारिता और लेखन में 2 सालों से ज्यादा का अनुभव है। इन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली है। वहीं, इन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा भी किया है। प्रिया को हेल्‍थ और लाइफस्टाइल के साथ-साथ एजुकेशन, करेंट अफेयर्स और पॉलिटिकल लेख लिखने का अनुभव है। कुकिंग की शौकीन प्रिया अपने लेखों के जरिए अपने पाठकों से जुड़ने की चाह रखती हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Nov 30, 2022 12:10 IST

    Published By : Priya Mishra

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content