पेट के साइड में दर्द (फ्लैंक पेन) किन कारणों से हो सकता है? जानें इस दर्द का इलाज

कई बार आपके पेट और कमर के साइड में थोड़ा दर्द महसूस होता है, इसे फ्लैंक पेन कहते हैं। जानें इस दर्द का कारण और इलाज।

Monika Agarwal
अन्य़ बीमारियांWritten by: Monika AgarwalPublished at: May 29, 2021Updated at: May 29, 2021
पेट के साइड में दर्द (फ्लैंक पेन) किन कारणों से हो सकता है? जानें इस दर्द का इलाज

पहले तो आपका ये जानना जरूरी है कि फ्लैंक पेन (Flank Pain) क्या है। दरअसल शरीर की साइड, कमर और ऊपरी शरीर में थोड़ा दर्द और बेचैनी महसूस करने को हम फ्लैंक पेन (Flank Pain) कहते हैं। यह आपके हिप्स और कमर से ऊपर व पसलियों के नीचे के हिस्से में महसूस होता है। यह दर्द आपके शरीर की एक साइड में बहुत ज्यादा होता है। वैसे तो यह दर्द कुछ ही समय के लिए होता है और यह एक बार तो हर व्यक्ति को महसूस करने को मिलता ही है। अगर आपको यह फ्लैंक पेन (Flank Pain) लंबे समय तक महसूस होता है तो यह किसी गंभीर बीमारी का लक्षण भी हो सकता है। यह डिहाइड्रेशन और यूटीआई आदि का भी एक संकेत हो सकता है। या किसी किडनी की बीमारी का भी लक्षण हो सकता है। अगर आपको लंबे समय तक यह दर्द होता है तो आपको इसके बारे में अपने डॉक्टर से जरूर बात कर लेनी चाहिए क्योंकि यह कई बार बहुत गंभीर भी हो जाता है और आपका दर्द और अधिक भी बढ़ सकता है।

flank pain causes

फ्लैंक पेन के कारण (Causes Of Pain)

  • किडनी इंफेक्शन
  • किडनी में हुई पथरी
  • डिहाइड्रेशन
  • ब्लैडर इंफेक्शन
  • शिंगल्स
  • गठिया खासकर स्पाइन में गठिया
  • रीढ़ की हड्डी में फ्रेक्चर
  • डिस्क जैसी स्थिति
  • कमर में किसी नर्व का संकीर्ण हो जाना
  • न्यूमोनिया
  • पैंक्रियाटाइटिस
  • यूरिनरी ट्रैक्ट में ब्लॉकेज होना।
  • इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज

फ्लैंक पेन से जुड़े अन्य लक्षण

अगर आपका यह दर्द किडनी से सम्बन्धित होगा तो आपको निम्न लक्षण देखने को मिल सकते हैं :

  • रैश
  • बुखार
  • चक्कर आना
  • जी घबराना
  • उल्टियां आना
  • डायरिया
  • पेशाब में खून आना
  • पेशाब करते समय दर्द होना
  • बहुत अधिक प्यास लगना
  • पसीने की कमी होना
  • चक्कर आना
  • मुंह सूख जाना
  • सिर दर्द
  • बुखार
  • कब्ज होना
  • पेशाब में कमी आना।

फ्लैंक पेन का उपचार (Treatment For Flank Pain)

शरीर में सूजन हो तो

अगर शरीर में सूजन है तो इसका कारण इंफेक्शन या गठिया भी हो सकता है और इसका उपचार उसकी कंडीशन पर भी निर्भर करेगा। अगर किडनी इंफेक्शन होता है तो आपको इसके लिए अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ सकता है। आपके डॉक्टर आपको इंफेक्शन ठीक करने के लिए एंटीबायोटिक भी दे सकते हैं। कुछ फिजिकल थेरेपी और एक्सरसाइज आपको स्पाइन में होने वाले गठिया से भी राहत दिला सकती हैं। आपके डॉक्टर आपको कोई एंटी इंफ्लेमेटरी दवा भी दे सकते हैं। बहुत ही कम या कुछ केसों में रीढ़ की दिक्कत को ठीक करने के लिए सर्जरी का इस्तेमाल भी किया जाता है।

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kidney pain

किडनी में पथरी हो तो

अगर आपको फ्लैंक पेन (Flank Pain) किडनी में पथरी की वजह से होता है तो आपको बहुत सारे तरल पदार्थों का सेवन करना होगा और इसके साथ ही दर्द की दवाइयां भी लेते रहना होगा। बहुत से केसों में किडनी स्टोन के लिए सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती। अगर आसानी से आपकी किडनी से स्टोन को नहीं निकाला जा सकता तो डॉक्टर लिथोट्रिप्सी जैसी छोटी सी प्रक्रिया कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान अधिक तेज ध्वनि तरंगों का प्रयोग करते हैं ताकि पत्थर टूट सके और आपके यूरेटर्स के माध्यम से बाहर आ सके। यूरेटर ट्यूब होती हैं जो आपके पेशाब को किडनी से ब्लैडर तक लाती हैं। आपके दर्द की स्थिति देखते हुए डॉक्टर आपको कुछ दवाइयां भी दे सकते हैं।

अगर आप इस फ्लैंक पेन (Flank Pain) से बचना चाहते हैं तो आपको दिन में खूब पानी पीयें, शराब के सेवन को सीमित करें, हमेशा हाइजीन का ध्यान रखें, सब्जी और फलों से युक्त डाइट लें। हम कह सकते हैं कि अगर आपको फ्लैंक पेन से बचना है तो आपको अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करने होंगे और एक हेल्दी जिंदगी की ओर बढ़ना होगा। साथ ही आपको हफ्ते में 3 से 4 बार एक्सरसाइज भी करनी चाहिए। इन सभी बदलावों से न केवल आप फ्लैंक पेन से बच सकेंगे बल्कि आप बहुत सी बीमारियों से खुद को बचा सकेंगे।

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