Fri Oct 16, 2026 | 08:05 PM IST

Medically Reviewed by Dr Nitu Pandey , Radiation Oncologist

Cancer Screening: क्या आपके शरीर में भी पनप रहा है कैंसर? शुरुआती पहचान के लिए डॉक्टर की बताई ये जांचें हैं जरूरी

कैंसर आज के समय में एक ऐसी बीमारी बन चुकी है, जो किसी भी व्यक्ति के शरीर में धीरे-धीरे शरीर में पनपती है और कई बार शुरुआती स्टेज में इसके लक्षण साफ नजर नहीं आते। यहां जानिए, आपको कैंसर का खतरा है या नहीं, ये जांचने के लिए कौन सा टेस्ट कराएं?
Cancer Screening: क्या आपके शरीर में भी पनप रहा है कैंसर? शुरुआती पहचान के लिए डॉक्टर की बताई ये जांचें हैं जरूरीCancer Screening: क्या आपके शरीर में भी पनप रहा है कैंसर? शुरुआती पहचान के लिए डॉक्टर की बताई ये जांचें हैं जरूरी

आज के दौर में कैंसर से हर साल हजारों लोग अपनी जान गवां देते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि कैंसर कोई एक दिन में होने वाली बीमारी नहीं है। यह शरीर में धीरे-धीरे पनपता है और शुरुआत में इसके संकेत इतने हल्के होते हैं कि लोग उन्हें सामान्य कमजोरी, थकान या उम्र का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं और यही लापरवाही बाद में भारी पड़ सकती है। अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि आखिर कैसे पता चले कि हमें कैंसर का खतरा है या नहीं? क्या इसके लिए कोई खास टेस्ट होता है? क्या बिना लक्षण के भी कैंसर की जांच करानी चाहिए? इन सवालों के जवाब जानना इसलिए जरूरी है क्योंकि समय रहते की गई जांच न सिर्फ कैंसर को शुरुआती स्टेज में पकड़ सकती है, बल्कि जान बचाने में भी अहम भूमिका निभाती है। इस लेख में नोएडा के फोर्टिस हॉस्पिटल के रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग की एसोसिएट कंसल्टेंट Dr. Neetu Pandey से जानिए, कैंसर का खतरा जानने के लिए कौन से टेस्ट करवाने चाहिए?

कैंसर का खतरा जानने के लिए कौन से टेस्ट करवाने चाहिए?

डॉ नीतू पांडे सलाह देती हैं कि हर व्यक्ति को बिना वजह सभी कैंसर टेस्ट कराने की जरूरत नहीं होती, लेकिन जिन लोगों की उम्र 40 साल से ज्यादा है, परिवार में कैंसर का इतिहास है, धूम्रपान या शराब का सेवन करते हैं, मोटापा, डायबिटीज या लंबे समय से किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, उन्हें समय-समय पर स्क्रीनिंग टेस्ट जरूर कराने चाहिए। इसके अलावा अगर शरीर में कोई असामान्य बदलाव लंबे समय तक बना रहे, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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कैंसर के लिए ब्लड टेस्ट

डॉक्टर की सलाह पर कुछ ब्लड टेस्ट कैंसर की पहचान में मदद कर सकते हैं। डॉ नीतू पांडे के अनुसार, CBC (Complete Blood Count) टेस्ट से ब्लड सेल्स में गड़बड़ी का पता चलता है, जो कुछ कैंसर में शुरुआती संकेत हो सकता है। इसके अलावा Tumor Markers Test जैसे PSA (प्रोस्टेट कैंसर), CA-125 (ओवेरियन कैंसर), CEA (कोलन कैंसर) जैसे टेस्ट शरीर में कैंसर से जुड़े बदलावों को दिखा सकते हैं। हालांकि, केवल ब्लड टेस्ट से कैंसर की पुष्टि नहीं होती, लेकिन यह खतरे का संकेत जरूर देता है।

कैंसर के लिए इमेजिंग टेस्ट

अगर ब्लड रिपोर्ट या लक्षणों के आधार पर डॉक्टर को शक होता है, तो इमेजिंग टेस्ट कराए जाते हैं। डॉ नीतू पांडे के मुताबिक, X-Ray, Ultrasound, CT Scan, MRI और PET Scan जैसे टेस्ट शरीर के अंदर ट्यूमर या गांठ को साफ दिखा सकते हैं। इन टेस्ट से कैंसर कहां है, कितना फैल चुका है और किस स्टेज में है इसके बारे में पता चलता है।

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बायोप्सी

अगर किसी स्कैन या टेस्ट में गांठ या ट्यूमर नजर आता है, तो डॉक्टर बायोप्सी की सलाह देते हैं। डॉ नीतू पांडे बताती हैं कि Biopsy में टिश्यू का छोटा सा सैंपल लेकर उसकी जांच की जाती है और फिर यही टेस्ट कैंसर की पक्की पुष्टि करता है और यह भी बताता है कि कैंसर किस प्रकार का है।

डॉक्टर की सलाह

महिलाओं में कुछ खास कैंसर का खतरा ज्यादा देखा जाता है। डॉ नीतू पांडे बताती हैं कि 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं को Pap Smear Test कराना चाहिए, जिससे सर्वाइकल कैंसर का शुरुआती पता चलता है। वहीं 40 साल के बाद Mammography टेस्ट से ब्रेस्ट कैंसर की पहचान की जाती है। अगर परिवार में ओवेरियन कैंसर का इतिहास हो, तो ये टेस्ट और भी जरूरी हो सकते हैं।

निष्कर्ष

डॉ नीतू पांडे के अनुसार, कैंसर गंभीर जानलेवा बीमारी जरूर है लेकिन समय पर जांच और सही जानकारी से इसे हराया जा सकता है। शुरुआती स्टेज में पकड़ा गया कैंसर 70 से 90 प्रतिशत तक ठीक हो सकता है। इसलिए शरीर के किसी भी असामान्य लक्षण जैसे अचानक वजन कम होना, लगातार थकान, खून आना, गांठ बनना या लंबे समय तक दर्द को हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी टेस्ट कराएं।

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FAQ

  • क्या फैमिली हिस्ट्री से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है?

    अगर परिवार में किसी को कैंसर रह चुका है, तो अगली पीढ़ी में इसका खतरा थोड़ा बढ़ सकता है। ऐसे लोगों को समय-समय पर स्क्रीनिंग करानी चाहिए।
  • क्या दारू पीने से कैंसर हो सकता है?

    धूम्रपान और शराब कैंसर के बड़े कारण हैं, लेकिन ये अकेले कारण नहीं हैं। मोटापा, गलत डाइट, हार्मोनल बदलाव भी कैंसर का कारण बन सकते हैं।
  • क्या कैंसर हमेशा के लिए खत्म हो सकता है?

    अगर कैंसर को शुरुआती स्टेज में पकड़ लिया जाए, तो 70-90 प्रतिशत मामलों में इलाज सफल हो सकता है। समय पर जांच और इलाज सबसे अहम है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 05, 2026 15:54 IST

    Modified By : Akanksha Tiwari
  • Feb 05, 2026 15:54 IST

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