फलों को सुरक्षित रखने के लिए कैसे करें शहद का प्रयोग

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 27, 2016
Quick Bites

  • शहद के प्रयोग से फलों को सालों तक रख सकते हैं सुरक्षित।
  • इससे फलों का स्‍वाद और ताजगी पहले जैसी बरकरार रहेगी।
  • कई शोधों ने भी इस बात को प्रमाणित किया है।
  • यह प्रक्रिया केमिकल मुक्‍त और ईको-फ्रेंडली भी है।

शहद का प्रयोग कई तरीके से किया जाता है, यह कई बीमारियों को दूर करता है और वजन बढ़ाने में भी कारगर होता है। इससे पेट की समस्‍यायें दूर होती हैं और यह पाचन को सुचारु भी करता है। शहद एक ऐसी औषधि है जो कभी खराब नहीं होती है। इसके कई तरह के प्रयोग के बारे में आप भले ही जानते हों लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि यह फलों को भी सुरक्षित और फ्रेश रखने में मदद करता है।

फलों को ताजा रखने से न केवल उसका स्‍वाद मिलता है साथ ही इसमें कई तरह के पौष्टिक तत्‍व मौजूद होते हैं जो शरीर को स्‍वस्‍थ रखने के लिए जरूरी है। कई बार आप अधिक मात्रा में फल खरीद तो लेते हैं लेकिन एक साथ उनका सेवन नहीं कर पाते। नतीजन फल खराब हो जाते हैं। ऐसे में शहद का प्रयोग करके उनको सुरक्षित और फ्रेश रखा जा सकता है। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं, कैसे फलों को शहद के जरिये फ्रेश और सुरक्षित रखा जाये।

 

Honey for Fruit in Hindi

शहद ही क्‍यों

फलों को सुरक्षित रखने के कई तरीके हैं, लेकिन दूसरे तरीके बहुत ही कठिन हैं। ऐसे में शहद का प्रयोग न केवल आसान है बल्कि यह सबसे बेहतर भी है। हनी ऐसी चीच है जो कभी खराब नहीं होती है। फलों को सुरक्षित रखने में बैक्‍टीरिया की भूमिका बहुत महत्‍वपूर्ण होती है। शहद उनको जीवित रखने में मदद करता है और जिन बैक्‍टीरिया के कारण फल खराब होते हैं उनका खात्‍मा भी शहद कर देता है।

शहद में मॉइश्‍चर का स्‍तर निम्‍न होता है, जिसके कारण यह फलों को हानि पहुंचाने वाले बैक्‍टीरिया को समाप्‍त कर देता है। हालां‍कि बाजार में आजकल फलों पर पहले से ही कोटिंग होती है जिससे वे सुरक्षित रहते हैं। लेकिन वे ज्‍यादा दिन तक सुरक्षित नहीं रह पाते हैं, क्‍योंकि उनको ऐसा वातावरण नहीं मिल पाता है। जबकि मॉइश्‍चर के निम्‍न स्‍तर होने के कारण शहद ऐसा वातावरण पैदा कर देता है जिससे वे अधिक समय तक जीवित रहते हैं और फल खराब नहीं होते हैं।

इलिसयनोइस यूनिवर्सिटी द्वारा किये गये शोध की मानें तो, शहद में पाये जाने वाले एंटी-ऑक्‍सीडेंट गुण के कारण शहद न केवल फलों को सुरक्षित रखता है बल्कि फलों का स्‍वाद भी नहीं बदलता। इसके अलावा इसके ऊपर हुए कई शोधों में इस बात की पुष्टि हुई कि यह एक बेहतर डाईटरी एंटी-ऑक्‍सीडेंट है।

एक अन्‍य शोध की मानें तो, फलों और सब्जियों को सुरक्षित रखने के लिए जब शहद का एक प्रतिशत प्रयोग किया जाता है खासकर बेरीज के लिए तो यह लंबे समय सुरक्षित रहता है। यह केमिकल मुक्‍त है और ईको-फ्रेंडली तरीके से फलों और सब्जियों को सुरक्षित रखता है।

कुछ लोग शहद युक्‍त पानी में सेब और आलू को डालकर कई दिनों तक उनको फ्रेश रखते हैं। इससे न तो इनकी रंगत फीकी पड़ती है और न ही इनके स्‍वाद में किसी तरह की कमी आती है। विज्ञान की मानें तो शहद में पेप्‍टाइड होता है जो हवा के संपर्क में आने से होने वाली प्रक्रिया यानी पॉलीफेनल ऑक्‍सीडेज (polyphenol oxidase) को रोक देता है, इससे फल और सब्जियां खराब नहीं होती हैं।


क्‍या है प्रक्रिया

8-10 बेरीज (रास्‍पबेरी या ब्‍लूबेरी)
1 कप पानी
1/4 कप शहद
1/4 कप गन्‍ने का रस
2 कैनिंग जार


क्‍या करें

  • जार को अच्छे से साफ कर दीजिए
  • बेरीज को साफ करके जार में रखिये
  • तेज आंच में रखकर गन्‍ने के जूस, शहद और शुगर को अच्‍छे से मिलाइये, ध्‍यान रहे कि यह मिश्रण उबलने न पाये
  • अब इस मिश्रण को बेरी वाले जार में डालें और जार के ढक्‍कन को अच्‍छे से बंद कीजिए
  • अब गरम पानी में इस जार को 10 मिनट के लिए रख दीजिए
  • फिर इस जार को कहीं भी रखें और आप देखें कि एक साल से भी अधिक समय तक आपकी बेरी वैसी ही रहेंगी जैसी पहले थीं।

दूसरे फलों को सुरक्षित रखने के लिए भी यही प्रक्रिया आजमायें।

 

Image - Source - Getty

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