डायबिटीज, इंफेक्शन और हड्डी रोगों में फायदेमंद है सहजन का सेवन, ये हैं इसके 5 लाभ

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 15, 2018
Quick Bites

  • आयुर्वेद में लगभग 300 समस्याओं का इलाज सहजन को बताया गया है।
  • सहजन की सब्जी के सेवन से ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है।
  • सहजन में संतरे से 7 गुना ज्यादा विटामिन सी और गाजर से 4 गुना ज्यादा विटामिन ए होता है।

सहजन में इतने गुण मौजूद हैं कि इसे चमत्कार ही कहा जा सकता है। आयुर्वेद में लगभग 300 समस्याओं का इलाज सहजन को बताया गया है मगर इसके गुणों से लोग अंजान हैं इसलिए ये बहुत लोकप्रिय सब्जी नहीं बन सकी है। सहजन की सब्जी, इसकी पत्तियां, इसकी छाल और इसके बीज सभी बहुत लाभकारी हैं और शरीर की तमाम परेशानियों को ठीक करने में सक्षम हैं। सहजन में कार्बोहाइड्रेट , प्रोटीन , कैल्शियम , पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम, विटामिन-ए , विटामिन सी और बी-काम्प्लेक्स प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।
सहजन का बीज कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करता है। इसके अलावा इसमें एंटीआक्सीडेंट होने के साथ साथ जलन को कम करने की क्षमता भी है। लेकिन सहज के बीज को सिर्फ दो चार गुणों में सीमित नहीं किया जा सकता है। आइये आपको बताते हैं कि सहजन किन-किन परेशानियों में आपके काम आ सकता है।

डायबिटीज

सहजन की पत्तियां और इसकी सब्जी के सेवन से ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है। इसलिए इसे अपने आहार में शामिल करने से आप डायबिटीज से बचे रहते हैं। दरअसल सहजन में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर में इंसुलिन की मात्रा को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके अलावा सहजन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इसलिए सहजन के सेवन से डायबिटीज की आशंका कम होती है।

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विटामिन सी है भरपूर

सहजन में विटामिन सी की मात्रा बहुत होती है। इसमें संतरे से 7 गुना ज्यादा विटामिन सी और गाजर से 4 गुना ज्यादा विटामिन ए होता है। इसलिए इसके सेवन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। खासतौर पर सर्दी जुखाम जैसे मौसमी बीमारियों और संक्रमण से बचाव रहता है। अगर सर्दी की वजह से नाक कान बंद हो चुके हैं तो, आप सहजन को पानी में उबाल कर उस पानी का भाप लें। इससे जकड़न कम होगी।

गर्भावस्था की समस्याएं

गर्भावस्था में सहजन खाना बहुत फायदेमंद और सुरक्षित होता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम, कैरोटीन फॉस्फोरस और विटामिन सी पाया जाता है। अगर आपको सहजन की फली खाने से परहेज है तो आप इसकी पत्तियों को पानी में उबालकर भी प्रयोग में ला सकती हैं। इसकी पत्त‍ियों में भी वह सभी गुण होते हैं जो सहजन की फली में होते हैं। गर्भावस्था में सहजन खाने से सुबह के समय महसूस होने वाली कमजोरी दूर हो जाती है। साथ ही डिलिवरी भी आसान हो जाती है।

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हड्डियां बनेंगी मजबूत

सहजन में कैल्‍शियम की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसके अलावा इसमें आइरन, मैग्‍नीशियम और सीलियम होता है। इसलिए ये हड्डी रोगों में भी बहुत फायदेमंद है। इसके सेवन से हड्डियां मजबूत बनती हैं और हड़्डी रोगों जैसे गठिया, ऑस्टियोपोरोसिस, जोड़ों का दर्द आदि में राहत मिलती है।

इंफेक्शन से रखेगा दूर

सहजन में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण इंफेक्शन के खतरे को कम करते हैं। ये गले, त्वचा और छाती में होने वाले संक्रमण से बचाता है। गर्भावस्था में वायरस और बैक्टीरिया से प्रभावित होने की संभावना ज्यादा रहती है। ऐसे में मां और बच्चे दोनों को ही इन संक्रमणों से खतरा रहता है। इसलिए गर्भावस्था में सहजन का सेवन बहुत फायदेमंद होता है।

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