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क्या मोटापे की वजह से हो सकता है अस्थमा? डॉक्टर से जानें अस्थमा और मोटापे में संबंध

मोटापे की वजह अस्थमा जैसी सांस से जुड़ी गंभीर समस्या का खतरा बढ़ जाता है, एक्सपर्ट से जानें मोटापा और अस्थमा के बीच में संबंध।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: May 16, 2022Updated at: May 16, 2022
क्या मोटापे की वजह से हो सकता है अस्थमा? डॉक्टर से जानें अस्थमा और मोटापे में संबंध

आज के समय में मोटापा स्वास्थ्य से जुड़ी एक गंभीर समस्या के रूप में सामने आ रही है। मोटापे से पीड़ित व्यक्तियों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। कई शोध और अध्ययन इस बात की पुष्टि कर चुके हैं कि मोटापे के कारण बच्चे और वयस्कों में अस्थमा जैसी गंभीर समस्या का खतरा बढ़ रहा है। मोटापे से पीड़ित लोगों में न सिर्फ अस्थमा का खतरा (Obesity And Asthma in Hindi) ज्यादा रहता है बल्कि इसकी वजह से मरीजों में दिखने वाले लक्षण अधिक गंभीर दिखाई देते हैं और मरीज को होने वाली समस्याएं ज्यादा होती हैं। आज के समय में असंतुलित खानपान और सुस्त जीवनशैली के कारण मोटापे की समस्या न सिर्फ बड़े लोगों में हो रही है बल्कि बच्चों में भी यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। कई शोधों में यह बात निकलकर सामने आई है कि मोटापे की वजह से बच्चों में कम उम्र से ही अस्थमा का खतरा बढ़ जाता है। अस्थमा सांस से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है जिसमें मरीजों को कई गंभीर समस्याएं होती हैं। यह बीमारी बढ़ने पर बहुत खतरनाक हो सकती है। बच्चों और वयस्कों में मोटापे की वजह से अस्थमा का खतरा क्यों बढ़ रहा है? इसके क्या कारण हैं और बचाव कैसे किया जा सकता है? आइये एक्सपर्ट से जानते हैं इसके बारे में।

बच्चों में मोटापे की वजह से अस्थमा का खतरा (Obesity Can Increase Risk Of Asthma in Kids in Hindi)

मोटापे की वजह से शरीर में सेहत से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कई शोध यह कहते हैं कि मोटापे के कारण कम उम्र में ही अस्थमा का खतरा बढ़ जाता है। यूरोपियन रेस्पिरेटरी जर्नल और पीडिऐट्रिक्स पत्रिका में प्रकाशित अलग-अलग अध्ययनों में यह बात कही गयी है कि करीब एक चौथाई बच्चों में अस्थमा की समस्या के लिए मोटापे की समस्या जिम्मेदार है। इसके अलावा पीडिऐट्रिक्स पत्रिका में प्रकाशित जर्नल के मुताबिक मोटे बच्चों की तुलना में कम वजन वाले बच्चों में अस्थमा का खतरा कम होता है। एससीपीएम हॉस्पिटल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ शेख जफर के मुताबिक बच्चो में मोटापा एक आम समस्या है। यह समस्या गर्भावस्था के दौरान आहार और पोषण में असंतुलन से लेकर जन्म के बाद के परिस्थितयों की वजह से हो सकती है। दरअसल अस्थमा सांस से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है और यह फेफड़ों से जुड़ी है इसलिए मोटे बच्चों में इसका खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। बच्चों में अस्थमा के लिए मोटापे के अलावा कई अन्य कारण भी जिम्मेदार माने जाते हैं लेकिन यह एक बड़ा कारण है। बच्चों में बचपन के समय होने वाले वायरल संक्रमण और जीन से जुड़े कुछ अन्य कारण भी अस्थमा की समस्या के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।  

Asthma-and-Obesity

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मोटापे में अस्थमा हो जाता है गंभीर (Obesity Increases Severe Asthma)

अस्थमा की बीमारी से पीड़ित बच्चे या वयस्क इलाज और सावधानियों का पालन कर इस समस्या को कम कर सकते हैं। इसके अलावा बच्चों में यह समस्या बड़े होने पर फेफड़ों के मजबूत होने से ठीक हो जाती है। लेकिन मोटापे की समस्या से पीड़ित बच्चों या वयस्कों में अस्थमा के लक्षण और अधिक गंभीर हो जाते हैं। ऐसे लोगों को अधिक सावधानियों का ध्यान रखने की जरूरत होती है। स्वस्थ वजन वाले व्यक्तियों में अस्थमा होने पर यह स्थिति मोटे लोगों की तुलना में कम गंभीर होती है। मोटापे से पीड़ित व्यक्तियों में अस्थमा अटैक का खतरा भी ज्यादा रहता है। ऐसे लोगों को बार-बार अस्पताल में भी भर्ती होना पड़ सकता है। ऐसे लोगों में अस्थमा के लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए अत्यधिक देखभाल और सावधानियों की आवश्यकता होती है।

क्या मोटापे की समस्या और अस्थमा का लिंक? (Link between Asthma and Obesity in Hindi)

मोटापे की वजह से अस्थमा की समस्या के खतरे को लेकर दुनियाभर में कई शोध और अध्ययन किये गए हैं। इन सभी अध्ययनों में यह बात निकलकर सामने आई है कि मोटापे से पीड़ित लोगों में अस्थमा की बीमारी का खतरा सामान्य वजन वाले लोगों की तुलना में ज्यादा होता है। लेकिन इसे लेकर अभी और अध्ययन और शोध किये जाने की जरूरत है। अमेरिकन लंग एसोसिएशन की एक रिपोर्ट के अनुसार सीने और पेट के आसपास अधिक चर्बी और वजन की वजह से फेफड़े संकुचित हो जाते हैं और ऐसे में व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा अतिरिक्त फैट फेफड़ों को ट्रिगर करने का काम करता है और अस्थमा का कारण बन सकता है। मोटापे की वजह से कार्डियोमेटाबोलिक समस्याएं बढ़ जाती हैं जिसकी वजह से हाई कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज की समस्या आदि हो सकती है। इन समस्याओं के कारण भी सांस लेने से जुड़ी तकलीफ हो सकती है। 

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इसके अलावा मोटापे से पीड़ित व्यक्ति में अस्थमा की समस्या बढ़ने का एक और अहम कारण प्रदूषित हवा में सांस लेना है। हर व्यक्ति में अस्थमा की समस्या के कारण अलग-अलग हो सकते हैं। मोटापे की समस्या से पीड़ित व्यक्ति अगर धूम्रपान करते हैं तो इसकी वजह से भी अस्थमा का खतरा बढ़ जाता है।  

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