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दंडासन योग करने से फेफड़े होते हैं मजबूत और दूर रहती हैं ये बीमारियां, जानें करने का तरीका और सावधानियां

दंडासन का अभ्यास करने से फेफड़ों, रीढ़ की हड्डी समेत अस्थमा की समस्या में विशेष फायदा मिलता है, जानें तरीका और सावधानी।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Jun 15, 2022Updated at: Jun 15, 2022
दंडासन योग करने से फेफड़े होते हैं मजबूत और दूर रहती हैं ये बीमारियां, जानें करने का तरीका और सावधानियां

प्राचीन समय से ही हमारे देश में योग का अभ्यास शरीर को निरोगी और स्वस्थ बनाने के लिए किया जा रहा है। दंडासन का अभ्यास भी शरीर को कई बीमारियों और समस्याओं से बचाने के साथ-साथ फिट और हेल्दी रखने के लिए किया जाता है। दंडासन संस्कृत भाषा के दो शब्दों से मिलकर बना है जिसमें पहला शब्द है डंडा या छड़ी और दूसरा शब्द आसन है जिसका अर्थ योग मुद्रा है। अंग्रेजी में दंडासन को स्टाफ पोज (Staff Pose in Hindi) के नाम से भी जाना जाता है। शरीर की कार्यक्षमता को बढ़ाने और संतुलन को ठीक करने के लिए दंडासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद है। योग के फायदे और महत्व को देखते हुए अब दुनियाभर में इसको लेकर जागरूकता फैली है। इस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर Onlymyhealth आपके लिए एक विशेष सीरीज लेकर आया है जिसमें हम आपको सुप्रसिद्ध योग गुरु ग्रैंड मास्टर अक्षर से रोजाना 1 योगासन के बारे में विस्तार से बताएंगे। आइये जानते हैं दंडासन के फायदे, अभ्यास का तरीका और इसका अभ्यास करते समय किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए।

दंडासन का अभ्यास करने के फायदे (Dandasana Benefits in Hindi)

दंडासन योग एक सरल और आसान योग मुद्रा है जिसका अभ्यास करने से शरीर की शक्ति और क्षमता दोनों बढ़ती है। अष्टांग योग में भी दंडासन का अभ्यास सबसे पहली मुद्रा के रूप में किया जाता है। दंडासन योग का रोजाना अभ्यास करने से आपको इन समस्याओं और बीमारियों में बहुत फायदा मिलता है।

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Dandasana or Staff Pose Benefits

1. रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्या में फायदेमंद दंडासन

दंडासन का रोजाना अभ्यास करने से आपको रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं में बहुत फायदा मिलता है। रीढ़ की हड्डी शरीर और पीठ को संरचना देने के लिए बहुत जरूरी है। गलत तरीके से बैठने या किसी इंजरी आदि की वजह से रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं का खतरा ज्यादा रहता है। रोजाना दंडासन का अभ्यास करने से आपके रीढ़ की हड्डी का लचीलापन बढ़ता है और चोट लगने की संभावना कम होती है।

2. फेफड़ों से जुड़ी परेशानियों में बहुत फायदेमंद

दंडासन का रोजाना अभ्यास करने से फेफड़ों की क्षमता में सुधार होता है और फेफड़ों से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में फायदा मिलता है। आप रोजाना इस योगासन का अभ्यास आसानी से कर सकते हैं। इसका अभ्यास करने से आपके फेफड़ों के डायफ्राम खुलते हैं और सांस लेने में होने वाली तकलीफ दूर होती है। फेफड़ों को मजबूत बनाने और इससे जुड़ी बीमारियों और समस्याओं के जोखिम को कम करने के लिए दंडासन का अभ्यास जरूर करें।

3. सायटिका केडी दर्द कम करने में फायदेमंद

सायटिका का दर्द दूर करने के लिए रोजाना दंडासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। इसका अभ्यास करने से आपके शरीर के निचले अंगों को फायदा मिलता है। अगर आप भी सायटिका की समस्या से परेशान हैं तो अपने डॉक्टर की सलाह लेकर दंडासन का अभ्यास कर सकते हैं।

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4. मानसिक समस्याओं को दूर करने में उपयोगी

दंडासन का रोजाना अभ्यास करने से आपका मस्तिष्क शांत रहता है और मानसिक समस्याओं में बहुत फायदा मिलता है। इसका अभ्यास करने से आपके शरीर में मौजूद तनाव हॉर्मोन कार्टिसोल का स्तर कम होता है और तनाव या स्ट्रेस को कम करने में फायदा मिलता है। मेमोरी बढ़ाने और दिमाग को एकाग्रचित करने के लिए भी इस योगासन का अभ्यास फायदेमंद है।

5. अस्थमा की बीमारी में बहुत लाभकारी दंडासन

दंडासन का अभ्यास अस्थमा की बीमारी में बहुत फायदेमंद होता है। अस्थमा की समस्या में सांस लेने में तकलीफ और अन्य परेशानियों को दूर करने के लिए आप रोजाना दंडासन का अभ्यास जरूर करें। इसका अभ्यास करने से अस्थमा अटैक का खतरा भी कम होता है।

दंडासन का अभ्यास करने का तरीका (Dandasana Steps in Hindi)

  • दंडासन योग का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले योग मैठ पर बैठ जाएं। 
  • अब अपने दोनों पैरों को आगे की ओर फैलाएं और फिर उन्हें आपस में चिपकाएं। 
  • इसके बाद अपने दोनों पैरों की उंगलियों को अपने शरीर की ओर खींचें। 
  • इस दौरान अपने जांघों और एड़ियों को फर्श पर दबाकर रखेँ। 
  • इसके बाद दोनों हाथों को सीधा और हथेलियों को फर्श पर रखें।  
  • इस दौरान गर्दन और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें।
  • अपनी छाती को उठाए रखें और कॉलरबोन को फैलाएं। 
  • इस दौरान कंधों को थोड़ा सा खींचें और सामने की ओर देखते हुए गहरी सांस लें।
  • इस मुद्रा में करीब 20 सेकंड से एक मिनट तक रहें। 

दंडासन का अभ्यास करते समय रखें इन सावधानियों का ध्यान (Dandasana Or Staff Pose Precaution in Hindi)

शरीर के निचले हिस्से में अगर आपको कोई दर्द या परेशानी है तो दंडासन का अभ्यास करने से बचें। इस योग का अभ्यास करते समय आप अपने शरीर की मुद्रा का ध्यान जरूर रखें। अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है तो दंडासन का अभ्यास न करें। इसके अलावा अगर आप इस योगासन की शुरुआत कर रहे हैं तो पहले एक्सपर्ट या योग गुरु की देखरेख में इसका अभ्यास करें।

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