Expert

चतुरंग दंडासन योग के फायदे: सर्वाइकल समेत इन बीमारियों में फायदेमंद है ये योगासन, जानें करने का तरीका

चतुरंग दंडासन का अभ्यास करने से शरीर की कई समस्याओं में फायदा मिलता है, जानें इसके फायदे, अभ्यास का तरीका और सावधानियां।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Jun 14, 2022Updated at: Jun 14, 2022
चतुरंग दंडासन योग के फायदे: सर्वाइकल समेत इन बीमारियों में फायदेमंद है ये योगासन, जानें करने का तरीका

Chaturanga Dandasana Benefits: चतुरंग दंडासन योग का नियमित अभ्यास शरीर को निरोगी और फिट रखने के लिए बहुत फायदेमंद होता है। चतुरंग दंडासन का नाम संस्कृत भाषा के तीन शब्दों से मिलकर बना है जिसका पहला शब्द 'चतुर' है और इसका मतलब चार होता है। दूसरा शब्द 'अंग' है जिसका अर्थ शरीर है और तीसरा शब्द 'डंडा' है। अंग्रेजी में इस योगासन को फोर-लिम्ड स्टाफ पोज(Four-Limbed Staff Pose) कहते हैं। इस योग का अभ्यास पुश अप एक्सरसाइज की तरह से किया जाता है। शरीर के पोश्चर और संरचना को ठीक करने के लिए चतुरंग दंडासन योग का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है। योग के फायदे और महत्व को देखते हुए अब दुनियाभर में इसको लेकर जागरूकता फैली है। इस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर Onlymyhealth आपके लिए एक विशेष सीरीज लेकर आया है जिसमें हम आपको सुप्रसिद्ध योग गुरु ग्रैंड मास्टर अक्षर से रोजाना 1 योगासन के बारे में विस्तार से बताएंगे। योग और प्राणायाम दोनों ही शरीर को फिट और निरोगी बनाने का काम करते हैं। इसके तहत आज हम आपको चतुरंग दंडासन योग के फायदे, अभ्यास का तरीका और इसका अभ्यास करते समय ध्यान रखने वाली सावधानियों के बारे में बताने जा रहे हैं। आइये जानते हैं चतुरंग दंडासन के फायदे।

चतुरंग दंडासन योग का अभ्यास करने के फायदे (Chaturanga Dandasana Benefits in Hindi)

चतुरंग दंडासन का अभ्यास करने से आपके शरीर के पोश्चर में सुधार करने से लेकर कई समस्याओं और बीमारियों के लक्षणों को कम करने में भी फायदा मिलता है। इसका अभ्यास करने से आपके शरीर की इन समस्याओं में फायदा मिलता है।

Chaturanga Dandasana Benefits

इसे भी पढ़ें: कपालभाति प्राणायाम करने से कई बीमारियों में मिलता है लाभ, जानें अभ्यास का तरीका और सावधानियां

1. चतुरंग दंडासन का अभ्यास करने से आपके शरीर में पोश्चर से जुड़ी परेशानियों और समस्याओं को कम करने में फायदा मिलता है। पीठ में दर्द, कंधे में दर्द जैसी पोश्चर से जुड़ी समस्याओं में इस योगासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। शरीर का लचीलापन बढ़ाने के लिए चतुरंग दंडासन का नियमित अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है।

2. मानसिक परेशानियों और समस्याओं को दूर करने के लिए चतुरंग दंडासन का नियमित अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। आज के समय में भागदौड़ भरी लाइफस्टाइल और बढ़ते तनाव के कारण मानसिक समस्याएं लोगों में तेजी से बढ़ रही हैं। चतुरंग दंडासन का रोजाना अभ्यास करने से तनाव, अवसाद और चिंता जैसी समस्या में बहुत फायदा मिलता है।

3. पेट से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए चतुरंग दंडासन का अभ्यास बहुत उपयोगी होता है। इस योगासन का अभ्यास करने से पेट से जुड़ी परेशानियां जैसे कब्ज, अपच और गैस आदि में भी फायदा मिलता है। रोजाना चतुरंग दंडासन का अभ्यास करने से आपके पेट के एब्स भी ठीक होते हैं।

4. मोटापे की समस्या के कारण लोगों में कई तरह की बीमारियों का खतरा रहता है। असंतुलित खानपान की वजह से मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है। वजन कम करने, शरीर में मौजूद एक्स्ट्रा चर्बी को खत्म करने के लिए चतुरंग दंडासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। आप रोजाना इस योगासन का आसानी से अभ्यास कर सकते हैं।

5. शरीर और पैरों के ब्लड सर्कुलेशन को ठीक करने के लिए चतुरंग दंडासन का अभ्यास बहुत उपयोगी माना जाता है। इसका नियमित अभ्यास करने से आपके शरीर का और विशेष रूप से पैरों का ब्लड सर्कुलेशन ठीक होता है।

6. सर्वाइकल की समस्या में चतुरंग दंडासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है। सर्वाइकल की वजह से होने वाली समस्याओं को दूर करने के लिए आप एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेकर इस योगासन का अभ्यास कर सकते हैं।

चतुरंग दंडासन का अभ्यास करने का तरीका (Chaturanga Dandasana Steps in Hindi)

चतुरंग दंडासन का अभ्यास करने के लिए आप इन स्टेप्स को फॉलो करें -

  • साफ और हवादार जगह पर योगा मैट बिछाकर पेट के बल लेट जाएं।
  • इसके बाद हाथों को अपनी छाती के पास लाएं और जमीन पर टिकाएं। 
  • इस दौरान शरीर का पूरा वजन हाथों पर डालें और पैरों की उंगलियों पर बल लगाते हुए पूरे शरीर को ऊपर उठाएं।
  • पीठ को सीधा रखें और टांगों को सीधा रखते हुए शरीर का वजन हाथों पर डालें।
  • अब अपने सर को सीधे रखते हुए आंखों की दृष्टि को सामने की तरफ रखें।  
  • गहरी लंबी सांस लेते रहें और तकरीबन 50 से 60 सेकंड तक इस आसन को करें।

चतुरंग दंडासन का अभ्यास करते समय जरूरी सावधानियां (Chaturanga Dandasana Precautions)

चतुरंग दंडासन का अभ्यास करते समय कुछ सावधानियों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। इसका अभ्यास करते समय आपको अपने कूल्हों को बहुत ऊपर नहीं उठाना चाहिए। शुरुआत में इस योगासन का अभ्यास करते समय अगर आपको किसी भी तरह की दिक्कत होती है तो इसका अभ्यास न करें। गर्भावस्था के दौरान चतुरंग दंडासन का अभ्यास करने से बचना चाहिए। कोहनी या हाथों में दर्द या अन्य समस्या होने पर इस योगासन का अभ्यास न करें।

(All Image Source - Freepik.com)

Disclaimer