क्या होम्योपैथी की दवा ASPIDOSPERMA Q की 20 बूंद लेने से ऑक्सीजन लेवल हो जाएगा ठीक? डॉक्टर से जानें सच्चाई

कोरोनाकाल में बहुत सी अफवाहें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इन्ही में से एक है होम्योपैथी से जुड़ी अफवाह। जानिए क्या है इसकी सच्चाई

Kishori Mishra
Written by: Kishori MishraPublished at: May 04, 2021Updated at: May 04, 2021
क्या होम्योपैथी की दवा ASPIDOSPERMA Q की 20 बूंद लेने से ऑक्सीजन लेवल हो जाएगा ठीक? डॉक्टर से जानें सच्चाई

कोरोनावायरस का नया वेरिएंट लोगों के लिए काफी खतरनाक साबित हो रहा है। इस संक्रमण की चपेट में आए लोगों का ऑक्सीजन लेवल काफी कम होने लगता है। इसी वजह से देश के कई राज्यों में ऑक्सीजन की कमी होने लगी है। शरीर में ऑक्सीजन का स्तर कम होने से कई तरह की परेशानियां बढ़ने लगती हैं। ऐसे में लोग हॉस्पिटल की तरफ भागते हैं। लेकिन इन दिनों मरीजों की संख्या ज्यादा होने के कारण ऑक्सीजन बेड मिलना काफी मुश्किल हो गया है। इस बीच सोशल मीडिया पर होम्योपैथी दवा का एक पोस्ट वायरल किया जा रहा है। इस पोस्ट को काफी लोग सच भी मान रहे हैं। क्योंकि इसमें दावा किया गया है कि इसके इस्तेमाल से आपको हॉस्पिटल जाने की आवश्यकता नहीं होगी। इस दवा का सच जानने के लिए हमने बनर्जी क्लीनिक के होम्योपैथी डॉक्टर अभिजीत बनर्जी से बात की। चलिए डॉक्टर से जानते हैं वायरस पोस्ट के दावों में कितनी सच्चाई है?

क्या है वायरल पोस्ट का दावा?

सोशल मीडिया पर तेजी से हो रहे वायरस पोस्ट में दावा किया गया है कि अगर आपके शरीर का ऑक्सीजन लेवल गिर रहा है, तो ऑक्सीजन मिलने का इंतजार न करें। इसके लिए बस होम्योपैथी की दवा ASPIDOSPERMA Q की 20 बूंदों को 1 कप पानी में मिलाकर पी लें। इससे आपका ऑक्सीजन लेवल तुरंत मेंटेन हो जाएगा, जो हमेशा बना रहेगा।

क्या है इस पोस्ट की सच्चाई?

बनर्जी क्लीनिक के होम्योपैथी डॉक्टर अभिजीत ने बताते हैं कि शरीर में ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने के लिए आजतक किसी भी मरीज को ASPIDOSPERMA Q नहीं दिया गया है। होम्योपैथी में यह एक दवाई है, जो सांस के दिक्कतों में काम आती है। इस तरह की और भी दवाइयां है, जिसमें से यह एक है। अधिकतर ड्राई अस्थमा रोगियों को यह दवा दी जाती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो यहा दावा फर्जी है, क्योंकि आजतक इस तरह की कोई भी दवा शरीर में ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने के लिए नहीं दी गई है। डॉक्टर बताते है कि हो सकता है किसी व्यक्ति में इसके इस्तेमाल से ऑक्सीजन लेवल बढ़ गया हो, लेकिन डॉक्टर कभी भी इसका इस्तेमाल करने के लिए बोल ही नहीं सकते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि ASPIDOSPERMA Q उन लोगों पर ज्यादा अच्छा काम कर रहा होगा, जो थोड़ा बहुत सांस की परेशानी से जूझ रहे हैं। जैसे- शॉर्ट ब्रिथिंग, सांस लेने में घुटन। लेकिन यह सभी के लिए उपयोगी हो ये जरूरी नहीं है। कोरोनाकाल में किसी भी तरह का रिस्क लेना बेकार है। इस स्थिति में ऑक्सीजन सेचुरेशन लेवल 93 से नीचे चला जाए, तो इसके भरोसे रहना बेकार है। ऑक्सीजन स्तर गिरने पर तुरत डॉक्टर से संपर्क करें।

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क्यों नहीं कर सकते ASPIDOSPERMA Q का इस्तेमाल?

डॉक्टर बनर्जी बताते हैं कि हम कोरोना मरीजों को ASPIDOSPERMA Q की दवा दे ही नहीं सकते हैं। क्योंकि कोरोना मरीजों को सांस की दिक्कत हो ही नहीं रही है। कोरोना से ग्रस्ति मरीजों में हैप्पी हाईपॉक्सिया (happy hypoxia) के लक्षण दिख रहे हैं। जिसमें सांस लेने में परेशानी नहीं होती है, बल्कि ऑक्सीजन स्तर नीचे चला जाता है। इस दवा की मदद से ऑक्सीजन स्तर को बढ़ाया नहीं जा सकता है। सिर्फ सांस लेने की परेशानी कम की जा सकती है। इसलिए कोरोना मरीजों को ASPIDOSPERMA Q नहीं दिया जाता है।

सांस की तकलीफ न होने के बाद भी हो सकती है ऑक्सीजन की कमी

शरीर में ऑक्सीजन स्तर कम होना और सांस लेने में परेशानी दोनों सुनने में लगभग एक समान लगते हैं। लेकिन इन दोनों के बीच थोड़ा अंतर है। डॉक्टर बताते हैं कि जब हमारे शरीर में ऑक्सीजन नहीं होगा, तो सामान्य तौर पर सांस की दिक्कत होगी। लेकिन कोरोना मरीजों में ऑक्सीजन लेवल कम होने के बावजूद भी सांस लेने में ज्यादा परेशानी नहीं देखने को मिल रही है। ऐसी स्थिति में जब मरीजों का ऑक्सीजन स्तर चेक किया जाता है, तब पता चलता है कि ऑक्सीजन लेवल कम हो गया है। लेकिन मरीजों को उस तरह की परेशानी नहीं होती है, जैसे अस्थमा या फिर अन्य सांस की परेशानी वाले मरीजों को होती है। कोरोना में हो रही इस तरह की परेशानी को मेडिकल भाषा में 'हैप्पी हाईपॉक्सिया' (Happy Hypoxia) कहते हैं। हाइपॉक्सिया का अर्थ है शरीर में ऑक्सीजन की कमी और हैप्पी का अर्थ है, जहां मरीज को किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही हो।

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डॉक्टर बताते हैं कि ऑक्सीजन स्तर कम होने का मतलब यह है कि शरीर में फेफड़ों के संक्रमण या फिर अन्य किसी कारण से शरीर में ही ऑक्सीजन न पहुंचना। कोरोना मरीजों में यह समस्या काफी देखी जा रही है क्योंकि इसके कारण लंग्स में फाइब्रोसिस हो जाता है। जिसकी वजह से शरीर के अंदर ऑक्सीजन पहुंच नही पाता है। इसके डायरेक्ट लक्षण काफी कम दिखते हैं। वहीं, सांस लेने में परेशानी का अर्थ यह है कि शरीर में ऑक्सीजन लेवल ठीक होने के बावजूद मरीजों को घुटन, सांस में घर्राहट, ब्रीथिंग समस्या जैसी परेशानी होती है। जैसे - अस्थामी की शिकायत

ASPIDOSPERMA Q का इस्तेमाल?

डॉक्टर बनर्जी बताते हैं कि ASPIDOSPERMA Q का इस्तेमाल ड्राई अस्थमा मरीजों को दी जाती है। ड्राई अस्थमा का अर्थ है, जहां पर मरीजों को घर्राहट न हो, लेकिन सांस लेने में परेशानी हो रही हो। डॉक्टर बताते है कि ड्राई अस्थमा रोगियों के लिए काफी कारगर साबित हो सकती है। लेकिन फिलहाल लोग जिस काम के लिए यह इस्तेमाल कर रहे हैं, वह बिल्कुल सही नही है। वायरल हो रहे दावे का कोई आधार नहीं है।

सरकारी संस्था PIB फेक्ट चेक ने भी बताया फेंक

सरकारी संस्था PIB फेक्ट ने भी इस वायरल पोस्ट को फेक बताया है। पीआईबी फेक्ट चेक ने अपने वायरल पोस्ट में लिखा, "होम्योपैथिक दवाई 'ASPIDOSPERMA Q' ऑक्सीजन लेवल को तुरंत संतुलित कर सकती है और यह हमेशा संतुलित बना रहेगा। यह दावा भ्रामक है। कोरोना संक्रमितों में ऑक्सीजन लेवल को संतुलित करने के लिए इसे विकल्प के रूप में प्रयोग नहीं किया जा सकता"

ध्यान रखे कि किसी भी दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना न करें। इस समय बहुत सी अफवाहें सोशल मीडिया पर फैल रही हैं। इस अफवाहों को सच समझने की गलती न करे। घरेलू उपायों को अपनाने से पहले भी डॉक्टर से परामर्थ जरूर लें।

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