भारत में घट रही है कोरोना की रफ्तार, जून 2020 के बाद पहली बार पिछले 24 घंटे में आए सबसे कम मामले

कोरोना की रफ्तार जहां धीमी पड़ रही है, वहां अब सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती ये है कि वो आम लोगों को भी कोरोना  का टीका लगवाने के लिए प्रोत्साहित करें

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Jan 19, 2021
भारत में घट रही है कोरोना की रफ्तार,  जून 2020 के बाद पहली बार पिछले 24 घंटे में आए सबसे कम मामले

कोरोनावायरस (Corona Updade India) का कहर जिस तरह से पूरी दुनिया में जारी है, उस बीच भारत के लिए एक राहत की खबर है। जून 2020 यानी की पिछले 7 महीने बाद पहली बार भारत में पिछले 24 घंटों में सबसे कम मामले (Lowest cases of corona infection) सामने आए हैं। भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 13,788 मामले दर्ज किए गए हैं । यह पहली बार हुआ है जब यह संख्या पिछले साल जून के बाद कम हुई है। इस तरह से देश में कोरोना के कुल मामलों में से, एक्टिव मामलों की संख्या  2.08 लाख हो गया है। जबकि 1 करोड़ से ज्यादा लोग अब तक कोरोना वायरस के ठीक हो चुके हैं। साथ ही कल शाम केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि तीसरे दिन तक कुल 3,81,305 लोगों को कोरोना वायरस (Coronavirus Vaccine) का टीका लग चुका है। स्वास्थ्य मंत्रालय की मानें, तो सोमवार को 1,48,266 लोगों का वैक्सीनेशन किया गया है। इनमें 580 मामलों में टीकाकरण के बाद प्रतिकूल प्रतिक्रिया देखने को मिली है। इसके अलावा वैक्सीन लगने के बाद दो लोगों की मौत हो गई है, जिसके पीछे वैक्सीनेशन को कारण नहीं माना जा रहा है।

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कोरोना के टीके को लेकर लोगों में उतना उत्साह नहीं

16 जनवरी से देशभर में कोरोना का टीकाकरण अभियान (COVID-19 Vaccination in India) शुरू हो चुका है और देश के कई राज्यों में इसके तहत लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। पर आम लोगों में अब भी कोरोना वैक्सीन को लेकर उत्साह नहीं दिख रहा है। इसका कारण वैक्‍सीन लेने के बाद होने वाले  प्रभाव है, जिसके लेकर लोग डर रहे हैं। साथ ही लोगों में टीके को लेकर बनाए गए खौफ और वैक्‍सीनेशन प्रोग्राम (Vaccination Programme)को लेकर जागरूकता की कमी भी नजर आ रही है। इसे देखते हुए राज्य सरकारों का कहना है कि भारत सरकार को लोगों में कोरोना के टीके को लेकर भरोसा बढ़ाना चाहिए।

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एम्स के निदेशक डॉ.गुलेरिया ने कहा, कोरोना का टीका है सुरक्षित

जहां आम लोगों में कोरोना वायरस के टीके लगवाने को लेकर लोगों में एक अजीब सी हिचक है, वहीं अब इस हिचक को दूर करने के लिए एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया सामने आए हैं। एक न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए उन्होंने लोगों को संदेश दिया है कि कोरोना वायरस वैक्सीन के साइड इफेक्ट से घबराने की जरूरत नहीं है। ये वैक्सीन पूरी तरह से सेफ है। साथ ही उन्होंने लोगों से ये अपील भी की कि अफवाहों पर ध्यान ना दें और वैक्सीन जरूर लगवाए।

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टीका लगवाने से मना करने वाले स्वास्थ्यर्मियों की हो रही है काउंसिलिंग

दरअसल,  महाराष्ट्र में शनिवार को टार्गेट के 64% स्वास्थ्यर्मियों ने टीका लिया पर बहुत से लोग ऐसे थे, जिन्होंने टीका लगवाने से मना कर दिया। इसके चलते दो दिन वैक्सीन ड्राइव होल्ड पर रहा और अब टीका लगवाने से मना करने वाले लोगों की फोन पर काउंसिलिंग हो रही है। इसके अलावा दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज का भी कहना है कि कोरोना के टीके को लेकर लोगों में भरोसे की कमी है और स्वास्थ्य मंत्रालय और केंद्र सरकार को कोविड-19 वैक्सीन (COVID-19 Vaccine) को लेकर आम लोगों का भरोसा बढ़ाना चाहिए और इन्हें जागरूक बनाना चाहिए।  सौरभ भारद्वाज का कहना है कि वैक्सीन से जुड़े तकनीकी लोगों और स्वास्थ्य मंत्रालय को पब्लिक के सामने आकर जानकारी देनी चाहिए। जागरूकता फैलाने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय को लोगों के कोरोना के टीके से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए ताकि लोगों का भरोसा बढ़े।

अब जब देश में कोरोना मामलों की संख्या में कमी आ रही है, तो राज्य सरकारें लोगों के लिए नियमों को हल्का कर रही हैं। जैसे कि राजस्थान सरकार ने सोमवार को COVID-19 मामलों में गिरावट के मद्देनजर रात के कर्फ्यू को वापस लेने का फैसला किया है। साथ ही  सरकार ने आरटी-पीसीआर परीक्षण की दामों को कम कर दिया है।  इसके अलावा, 100 से ऊपर की क्षमता वाले निजी अस्पतालों में आरक्षित कोविड बेड की संख्या कम से कम 10 हो जाएगी।

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