कंजेस्टिव हार्ट फेलियर क्या है? डॉक्टर से जानें कारण और लक्षण और उपाय

कंजेस्टिव हार्ट फेलियर हृदय को प्रभावित करने वाली एक गंभीर समस्या है। यहां कार्डियोलॉजिस्ट से जानें इसके कारण, लक्षण और उपचार।

Kunal Mishra
Written by: Kunal MishraUpdated at: Apr 12, 2021 09:30 IST
कंजेस्टिव हार्ट फेलियर क्या है? डॉक्टर से जानें कारण और लक्षण और उपाय

कंजेस्टिव हार्ट फेलियर (Congestive Heart Failure) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें आपका हृद्य धीमी गति से प्रभावित  (Heart Effects Slowly) होने लगता है। इस स्तिथि में हमारे हृदय को जरूरत के मुताबिक रक्त नहीं पहुंच पाता है, जिसके चलते हार्ट सामान्य गति से पंप करने में असमर्थ (Not Able to pump Properly) हो जाता है। अधिकांश लोगों में हार्ट अटैक और कंजस्टिव हार्ट फेलियर को लेकर आशंका रहती है। लेकिन यह एक दूसरे से काफी अलग हैं। हार्ट अटैक में आपके मस्ल्स तक रक्त का पहुंचना बिलकुल बंद हो जाता है, जिस कारण आपको हार्ट अटैक की समस्या होती है। वहीं कंजेस्टिव हार्ट फेलियर में आपके ब्लड की सप्लाई पूरी तरह से बंद नहीं होती बल्कि हृदय को जरूरत के अनुसार रक्त की सप्लाई नहीं मिल पाती है, लेकिन इस स्थिति में दिल पूरी तरह से कार्य करना बंद नहीं करता है। हमारी शरीर में हृदय के उपर के हिस्से में दो चैंबर मौजूद होते हैं जिन्हें एट्रिया के नाम से जाना जाता है।

हृदय के निचले हिस्से में भी दो चैंबर (Heart Chamber) मौजूद होते हैं जिन्हें वेंट्रिकल्स के नाम से जाना जाता है। हृदय की गति को सामान्य रूप से सुचारू रखने में चारों ही चैंबर्स की अहम भूमिका होती है। इन चारों के संतुलन से ही हमारा हृदय ठीक से पंप हो पाता है। कई लोगों के हृदय की मांसपेशियां शुरूआत से ही कमजोर होने के कारण भी कई लोगों को कंजस्टिव हार्ट फेलियर (Congestive Heart Failure) से जूझना पड़ता है। कंजस्टिव हार्ट फेलियर से ग्रस्त व्यक्ति को हर समय थकान का अनुभव होता है साथ ही मांसपेशियों में भी समस्याएं बनी रहती हैं। इस समस्या में आपके हृदय के वाल्स भी प्रभावित हो सकती हैं। इसी विषय पर आज हमने पुणे स्थित हेल्दी हार्ट क्लीनिक (Healthy Heart Clinic) के कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर केदार कुलकर्णी से बात की। आइये जानते हैं उनसे इस बीमारी के बारे में। 

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क्या है कंजेस्टिव हार्ट फेलियर (What is Congestive Heart Failure)

डॉक्टर केदार कुलकर्णी के मुताबिक कंजेस्टिव हार्ट फेलियर हृदय में होने वाली वह स्थिति है, जिसमें आपके दिल तक रक्त का संचार होने में बाधा आने लगती है। इस स्थिति में दिल की जरूरत के अनुसार रक्त नहीं पहुंचता है। जिस कारण हार्ट अटैक आने की भी संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इस स्थिति में आपका दिल अपनी कार्यक्षमता दिखाने में असमर्थ हो जाता है। लेकिन दिल कार्य करना बंद नहीं करता है। हृदय में मौजूद चैंबर का प्रेशर सामान्य रूप से 10 से 12 मिलिमीटर मर्करी (Milimeter Mercury) होता है। लेकिन कंजेस्टिव हार्ट फेलियर की स्थिति मे आपके हृदय का प्रेशर (Pressure of Heart) सामान्य से बढ़कर काफी अधिक हो जाता है। इस स्थिति में रेलेक्सेशन का प्रेशर 20 से 25 यानि कि दुगना भी हो सकता है, जिससे मरीज की तकलीफें बढ़ सकती हैं। 

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कैसे बढ़ती है मरीज की तकलीफें (How Patients Problem Increases)

न्यू यॉर्क हार्ट एसोसिएशन (New York Heart Association) की मानें तो ऐसी स्थिति में मरीज की श्वासन प्रणाली प्रभावित हो सकती है। इसमें मरीज को सांस संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इस एसोसिएशन के मुताबिक 4 ग्रेड्स में मरीज की सांस फूलती है, जिसमें मरीज आमतौर पर किए जाने वाले कार्यों को तो कर सकता है, लेकिन शारीरिक श्रम वाले कार्यों को करने में असमर्थ हो जाता है। जैसे दौड़ने में समस्या या तेज चलने से भी सांस ज्यादा फूलना आदि। 

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क्या हैं इसके कारण (Causes)

  • सांस लेने में कठिनाई होना
  • हर समय थकावट महसूस करना
  • हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को भी यह समस्या हो सकती है
  • पैरों में सूजन आना
  • रात में कुछ समय सोने के बाद सांस फूलने लगना और अचानक से नींद का टूट जाना भी इसका लक्षण है। पैरासेप्टल नौक्टर्नल डिस्निया भी कहा जाता है।
  • हड्डियों में सूजन आना
  • थकान होने के साथ चक्कर आना
  • चलने फिरने के दौरान छाती में दर्द होना

क्या हैं इस बीमारी के कारण (Causes of Congestive Heart Failure)

  • ब्लड प्रेशर का अनियंत्रित होना
  • कोरोनरी आर्टरी डिजीज जैसे हार्ट अटैक
  • डाय़बिटीज के मरीजों में हो सकता है
  • वॉल्व्यूलर हार्ट डिजीज 
  • हार्ट बीट का असंतुलित होना
  • कई बार यह समस्या वंश परंपरा के कारण भी हो सकती है 

कैसे करें इसका उपचार (How to Treat)

डॉ, केदार के मुताबिक यह एक जटिल समसया है इसलिए इस मामले में लापरवाही बरतना आपके लिए काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है। इसलिए इलाज के दौरान कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह अनुसार ही चलें।

  • चिकित्सक की सलाहनुसार डेली रूटीन में पानी की मात्रा को कम करें। 
  • जीवन शैली में बदलाव लाएं।
  • सभी कार्य चिकित्सक की सलाहनुसार ही करें।
  • खाने में नमक का प्रयोग कम कर दें। 
  • चिकित्सक की सलाह के बाद कुछ व्यायमों को अपनाएं
  • कंजेस्टिव हार्ट फेलियर की स्थिति में तैलीय पदार्थों से दूरी बनाएं। 
  • ऐसी स्थिती में शराब और सिगरेट का सेवन बंद कर दें।
  • उपचार के रूप में चिकित्सक द्वारा मरीज को एकोकार्डियोग्राफी (Echocardiography), ईसीजी (ECG) और एंजियोग्राफी (Angiocardiography) कराने की सलाह दी जाती है। 
  • कई मामलों में चिकित्सक आपको कार्डियक एमआरआई (Cardiac MRI) कराने की भी सलाह देते हैं। 

कंजेस्टिव हार्ट फेलियर की स्थिति में लापरवाही बिलकुल न करें। रोजमर्रा से हटकर की जाने वाली सभी गतिविधियों को चिकित्सक की सलाह अनुसार ही करें। इस समस्या में खान पान पर विशेष रूप से ध्यान दें।

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