बच्‍चों में इन कारणों से होते हैं ये 6 स्किन इंफेक्‍शन

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 28, 2017
Quick Bites

  • नवजात बच्चों में होने वाली त्वचा संबंधी सामान्य समस्याएं
  • बच्चों में त्वचा संबंधी समस्या के लक्षण व कारण
  • त्वचा संबंधी परेशानी को ऐसे करें दूर

नवजात शिशु की त्वचा बेहद कोमल होती है, ऐसे में इसकी देखभाल भी उचित तरीके से की जानी चाहिए। क्योंकि, इस दौरान शिशु सबसे अधिक संक्रमण की चपेट में आते हैं। इसलिए शिशु की साफ-सफाई किस तरीके से की जानी चाहिए इसकी जानकारी हर पेरेंट्स को होनी चाहिए। इसलिए आपके लिए कुछ बातों का खयाल रखना जरूरी हो जाता है।

डायपर रैश

ये किसी भी बच्चे को हो सकता है, खासकर उन्हें जिनकी त्वचा ज्यादा ही संवेदनशील है तो ऐसा होने की संभावना बढ़ जाती है। समय-समय पर बच्चेक की नैपी बदलती रहें और बच्चेो की साफ-सफाई पर भी पूरा ध्याुन दें। साथ ही अगर हो तो उसे थोड़ी देर के लिए खुला छोड़ दे ताकि बच्चे को किसी तरह की कोई परेशीन न हो।

क्रैडल कैप

जन्मड के बाद नवजात शिशुओं में ये आम समस्याख होती है। डैंड्रफ होना इसका मुख्ये लक्षण माना जाता है। त्वबचा पर लाल रंग के पैच पड़ जाते हैं और बाद में ये पैव पीले और चिपचिपे लगने लगते हैं, बाद में ये पैच सूख जाते हैं। हाथों को साफ करके अपने शिशु की त्वएचा पर मलें और किसी ब्रश से नरमी से इन्हेंप साफ करें।

मिलिया

नवजात शिशु के चेहरे पर सफेद रंग के निशान होना ही मिलिया का लक्षण है।इन सफेद दागों को ही मिलिया कहा जाता है। इसमें गालों, माथे, चिन, नाक और कानों के आसपास छोटे सफेद धब्बे  पड़ने लगते हैं। हालांकि इसमे परेशान होने की जरुर नही होती है, ये 6 सप्ताह के भीतर अपने आप ठी‍क हो जाते हैं।

खसरा

नाक बहना, बुखार, आंखों में सूजन, खांसी और शिशु के मुंह में सफेद निशान होना खसरे के कुछ लक्षण हैं। ये 5-6 दिन तक रहते हैं और इनमें बहुत ज्याुदा खुजली होती है। अगर आपके बच्चेक को खसरा हो गया है तो तुंरत डॉक्टूर के पास जाएं। ये बीमारी वायरस की वजह से होती है और ये अपने आप ही दूर हो जाती है।

मुहांसे

शिशुओं को भी एक्नेी की समस्या  होती है। मां के हार्मोन में बदलाव या शिशु के जन्मे लेने के बाद अचानक मौसम में आए बदलाव के कारण ऐसा हो सकता है। सलाइवा और सख्त  कपड़ों के कारण भी शिशु को एक्नेन की समस्याह हो सकती है। डिटर्जेंट भी एक्नेक का कारण बन सकता है। एक्नेी हमेशा अपने आप ही ठीक होता है लेकिन कभी-कभी ये ठीक होने में ज्या‍दा समय ले लेता है।

एग्जिमा

त्वजचा की सूखी और लाल जगह पर दरार आना या खुजली होना एग्जिहमा का लक्षण है। । ये हाथों, कोहनी, गले, चेहरे और घुटनों के पीछ हो सकता है। आपके शिशु को शुरुआती स्तेर में ही बचाव की जरूरत होती है। समय के साथ एग्जिमा से छुटकारा मिल जाता।

 

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