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हाई बीपी के नुकसान: High Blood Pressure से ब्रेन को हो सकती हैं कई समस्याएं, जानें बचाव के उपाय

हाई बीपी के नुकसान:  हाई बीपी के कारण आपके सोचने और समझने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। साथ ही ये आपकी याददाश्त को भी नुकसान पहुंचा सकता है। 

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Feb 16, 2022Updated at: Apr 29, 2022
हाई बीपी के नुकसान: High Blood Pressure से ब्रेन को हो सकती हैं कई समस्याएं, जानें बचाव के उपाय

हाई बीपी एक साइलेंट किलर की तरह काम करता है। ये ना सिर्फ जानलेवा बीमारियों का कारण बनता है बल्कि, धीमे-धीमे आपके कई अंगों को नुकसान पहुंचाता है। पर आपको जान कर हैरानी हो सकती है कि हाई ब्लड प्रेशर आपके ब्रेन को भी नुकसान पहुंचा सकता है। जी हां, जब ब्लड प्रेशर अधिक होता है, तो यह समय के साथ धमनी और रक्त वाहिकाओं की दीवारों को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे आपके ब्रेन के सोचने और समझने की क्षमता प्रभावित होने लगती है और ब्रेन की कई बीमारियों का खतरा बढ़ता है। साथ ही ये याददाश्त कमजोर होने और मनोभ्रंश का भी कारण बनता है। इसके अलावा भी हाई ब्लड प्रेशर ब्रेन से जुड़ी कई अन्य परेशानियों का भी कारण बनता है। इसी बारे में हमने डॉ. विनायक अग्रवाल (Dr Vinayak Agrawal), निदेशक और प्रमुख, नॉन-इनवेसिव कार्डियोलॉजी, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम से बात की। जिन्होंने इससे बचने के उपाय के बारे में भी बताया। पर उससे पहले जानते हैं हाई बीपी से ब्रेन को होने वाले नुकसानों के बारे में।

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हाई बीपी के कारण ब्रेन को होने वाले नुकसान- High bp causes neurological problems in hindi

1. संज्ञानात्मक गिरावट

हाई ब्लड प्रेशर संज्ञानात्मक गिरावट का कारण बनता है। यानी कि आपके सोचने की शक्ति प्रभावित होती है। दरअसल, जब ब्लड प्रेशर ज्यादा होता है तो मस्तिष्क आराम से सोच नहीं पाता है और  याददाश्त को प्रभावित करता है। आपको चीजों को याद रखने या समझने में परेशानी हो सकती है, या बातचीत के दौरान ध्यान खो सकता है। 

2. स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है

उच्च रक्तचाप से हृदय में रक्त वाहिकाओं और धमनियों को जो नुकसान होता है, वही मस्तिष्क में धमनियों को भी हो सकता है। जब मस्तिष्क में रक्त की एक बड़ी रुकावट होती है, तो इसे ब्रेन स्ट्रोक कहा जाता है। दरअसल, होता ये है कि मस्तिष्क के कुछ हिस्सों को जब रक्त से प्राप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है, तो कोशिकाएं मरने लगती हैं। इससे मस्तिष्क की क्षति होती है। हालांकि, ये इस बात पर निर्भर करता है कि स्ट्रोक कितना गंभीर है। स्ट्रोक बोलने, चलने और अन्य बुनियादी गतिविधियों में गंभीर अक्षमता का कारण बन सकता है। तो, कई बार स्ट्रोक आपकी जान भी ले सकता है। इसमें आपको कई प्रकार के स्ट्रोक हो सकते हैं जो कि ब्रेन को अलग-अलग प्रकार से प्रभावित करते हैं। जैसे कि हीमोग्रेफिक स्ट्रोक जिसमें स्ट्रोक आने पर ब्लड वेसेल्स फट जाती हैं और इसके बाद टिशूज से ब्लीडिंग होने लगती है। आमतौर पर इस्केमिक स्ट्रोक से अधिक गंभीर होता है। इसके अलावा कई बार इंटरसेरीब्रल हेमरेज भी होता है जिसमें मस्तिष्क और खोपड़ी के बीच की जगह में खून बह जाता है। इसमें तेज और गंभीर सिर दर्द होता है। 

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3. इस्केमिक अटैक 

हाई बीपी के कारण इस्केमिक अटैक (Transient ischemic attack) हो सकता है। कभी-कभी इसे मिनिस्ट्रोक कहा जाता है, जिसमें कि कुछ देर के लिए ब्रेन रूक जाता है यानी कि थोड़े देर के लिए ब्रेन में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। हाई ब्लड प्रेशर के कारण कठोर धमनियां या रक्त के थक्के टीआईए का कारण बन सकते हैं। टीआईए अक्सर स्ट्रोक का ही एक संकेत होता है। ऐसे में ब्रेन का काम काज प्रभावित होता है।

4. वेस्कुलर डिमेंशिया

डिमेंशिया हाई बीपी के कारण भी हो सकता है। ऐसा इसलिए कि हाई बीपी के कारण हमारे ब्लड वेसेल्स पतले हो जाते हैं और धमनियां ब्लॉक होने लगती हैं जिससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होने लगता है। ऐसे में  ब्लड फ्लो प्रभावित होता है जो कि वेस्कुलर डिमेंशिया (vascular dementia) का कारण बनती है। 

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बचाव के उपाय-Prevention Tips

अपने दिल के लिए भी अपने ब्रेन को हेल्दी रखने के लिए भी हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करना जरूरी है। इसके लिए डॉ. विनायक अग्रवाल बताते हैं कि हाई बीपी के कारण ब्रेन की समस्याओं से बचना है तो आपको सबसे पहले अपनी बीपी को चेक करते रहना होगा। अगर आपका ब्लड प्रेशर हमेशा बढ़ा रहता है कि तो डॉक्टर आपके लिए कुछ दवाइयां लिख सकते हैं। इसलिए इससे बचाव के लिए पहला कदम है अपना बीपी चेक करते रहना। उसके बाद अपने जीवनशैली में बदलाव करना जरूरी है। जैसे कि

1. डाइट सही करें

हाई बीपी को कंट्रोल करने के लिए अपने सोडियम लेवल को सही रखें। अपने सोडियम सेवन को एक दिन में 2,300 मिलीग्राम से कम करें। साथ ही ज्यादा नमक वाली चीजों को खाने से बचें। जैसे कि अचार और पापड़ आदि। इसके अलावा अपनी डाइट में हाई फाइबर, ज्यादा पानी वाले फूड्स, हेल्दी फैट वाले फूड्स और कम नमक वाले खाने को शामिल करें। साथ ही कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाले फूड्स को खाने से बचें। 

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2. एक्सरसाइज या वॉक करें

एक्सरसाइज या वॉक करना, बीपी को कम करने में मदद कर सकता है। प्रतिदिन 30 मिनट पैदल चलना आपके सिस्टोलिक दबाव को 4 से 9 मिमी एचजी या उससे अधिक कम करने का एक तरीका है। इसके अलावा आप कुछ एक्सरसाइज और योग के जरिए भी अपने बीपी को कंट्रोल कर सकते हैं।

3. वजन कंट्रोल करें

मोटापा हाई बीपी का कारण बन सकता है। इसके अलावा मोट लोगों में हाई बीपी गंभीर परेशानियों का कारण भी बन सकती है। ऐसे में आहार और व्यायाम दोनों मिल कर आपको वजन कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। इसके लिए बैलेंस डाइट लें और खूब एक्सरसाइज करें। 

4. शराब और स्मोकिंग से बचें

शराब और स्मोकिंग करने से आपका ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए आपको अपना बीपी कंट्रोल करना है तो इन दोनों ही चीजों से बच कर रहना होगा। अगर आपको इन दोनों की आदत है तो आपको इस आदत को कंट्रोल करना होगा। 

5. स्ट्रेस कंट्रोल करें

स्ट्रेस आज कल की ज्यादातर बीमारियों का कारण है। इसे कम करने से आपका ब्लड प्रेशर कंट्रोल रह सकता है। दरअसल, स्ट्रेस पहले तो, आपकी नींद खराब करती है और फिर आपके ब्लड प्रेशर को बढ़ाती है। इससे आपके दिल और शरीर के बाकी अंगों पर प्रेशर पड़ता है और शरीर में अन्य रोगों का खतरा बढ़ने लगता है। इसलिए आपको ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए स्ट्रेस से बचना होगा। इसके लिए आप कुछ ब्रिदिंग एक्सरसाइज और स्ट्रेस मैनेजमेंट टिप्स की मदद ले सकते हैं।

तो, इस तमाम तरीकों से अपना बीपी कंट्रोल करें और हाई बीपी की समस्या से बचें। ताकि ये समस्या आपके ब्रेन से जुड़ी बीमारियों का कारण ना बने। साथ ही कोशिश करें कि रोजोना कुछ गेम्स खेलें और म्यूजिक सुनें जिससे कि आपका ब्रेन हेल्दी रहे।

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