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क्या है सेकेंडरी हाइपरटेंशन, एक्सपर्ट से जानें इसके कारण, लक्षण और उपचार

Secondary Hypertention: सेंकडरी हाइपरटेंशन शरीर में पहले मौजूद किसी शारीरिक समस्या के कारण होने वाला रोग है। जानें इसके लक्षण, कारण और उपचार।

Vineet Kumar
Written by: Vineet KumarPublished at: Apr 01, 2022Updated at: Apr 29, 2022
क्या है सेकेंडरी हाइपरटेंशन, एक्सपर्ट से जानें इसके कारण, लक्षण और उपचार

सेकंडरी हाइपरटेंशन (Secondary Hypertention In Hindi) बेहद गंभीर समस्या है। यह किसी ज्ञात बीमारी या स्थिति के परिणामस्वरूप होता है जिससे रोगी लंबे समय से पीड़ित है। इस प्रकार का उच्च रक्तचाप प्राथमिक उच्च रक्तचाप से कई मायनों में भिन्न होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हाइपरटेंशन दो तरह का होता है प्राइमरी और सेकेंडरी। प्राइमरी हाइपरटेंश के सबसे आम कारणों (Secondary Hypertension Causes In Hindi) में खराब जीवनशैली या पारिवारिक इतिहास शामिल है, जबकि सेकंडरी हाइपरटेंशन अन्य बीमारियों या रोगों के कारण होता है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो हाइपरटेंशन के कुल मामलों में सात से 10 फीसद का कारण सेकेंड्री हाइपरटेंशन होता है। इसमें 50 फीसदी लोगों में  किडनी की दिक्कत होती है। अगर समय रहते इसका उपचार नहीं किया जाता है तो यह हृदय, मस्तिष्क और किडनी को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। इस लेख में हम डॉ. श्रेय श्रीवास्तव (सीनियर रेजिडेंट-इंटरनल मेडिसिन) शारदा अस्पताल, ग्रेटर नोएडा से जानेंगे सेकंडरी हाइपरटेंशन के कारण, लक्षण और उपचार (Secondary Hypertension Causes Symptoms And Treatment in Hindi) के बारे में विस्तार से जानेंगे।

सेकंडरी हाइपरटेंशन के कारण (Secondary Hypertension Causes In Hindi) 

डॉ. श्रेय श्रीवास्तव के अनुसार सेकंडरी हाइपरटेंशन कई स्वास्थ्य स्थितियां जिम्मेदार हो सकती हैं जैसे:

  • पॉलीसिस्टिक किडनी रोग
  • हार्मोनल डिरऑर्डर
  • थायरॉइड डिसऑर्डर
  • मोटापा
  • गर्भावस्था
  • ओवर-द-काउंटर दवाओं का अधिक सेवन
  • कुशिंग सिंड्रोम
  • स्लीप एपनिया

सेकंडरी हाइपरटेंशन के संकेत (Secondary Hypertension Symptoms In Hindi) 

डॉ. श्रेय श्रीवास्तव के अनुसार प्राइमरी हाइपरटेंशन की तरह, सेकंडरी हाइपरटेंशन कई संकेत और लक्षण (Secondary Hypertension Symptoms In Hindi) होते हैं। इसके कुछ सामान्य संकेत और लक्षणों में शामिल हैं....

  • एक ऐसी स्थिति जो ब्लड प्रेशर की दवाओं के साथ असहनीय है
  • ब्लड प्रेशर का बहुत अधिक स्तर
  • कम उम्र ब्लड प्रेशर का अचानक अधिक होना
  • बिना किसी पारिवारिक इतिहास के हाई ब्लड प्रेशर होना
  • मोटापे के बिना या वजन कम होने पर हाई ब्लड प्रेशर

अगर कोई व्यक्ति इस तरह के संकेत और लक्षणों को अनुभव करता है तो उसे तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श करने की जरूरत है, जिससे कि समय रहते स्थिति को कंट्रोल किया जा सके।

सेकंडरी हाइपरटेंशन का निदान (Secondary Hypertension Diagnosis in Hindi)

डॉ. श्रेय श्रीवास्तव के अनुसार सेकंडरी हाइपरटेंशन का निदान (Secondary Hypertension Diagnosis in Hindi) करने के लिए, आपका डॉक्टर पहले एक इन्फ्लेटेबल कफ का उपयोग करके ब्लड प्रेशर की रीडिंग लेगा। इसके अलावा आपका डॉक्टर कुछ ऐसे टेस्ट भी कर सकते हैं जो आपके हाई ब्लड प्रेशर के कारणों को इंगित कर सकते हैं,  जैसे: ब्लड टेस्ट, यूरीन टेस्ट, किडनी का अल्ट्रासाउंड, इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG or EKG)।

सेकंडरी हाइपरटेंशन का उपचार (Secondary Hypertension Treatment In Hindi)

डॉ. श्रेय श्रीवास्तव के अनुसार सेकंडरी हाइपरटेंशन का का इलाज (Secondary Hypertension Treatment In Hindi) करने के लिए पहले, जो अंतर्निहित स्थिति ब्लड प्रेशर को बढ़ाती हैं उनका इलाज किया जाना महत्वपूर्ण हैं। जब ब्लड प्रेशर बढ़ाने वाली स्थियों को सफलता पूर्वक इलाज किया जाता है, तो ऐसे में ब्लड प्रेशर का स्तर भी वापस सामान्य हो जाता है। सेंकडरी हाइपरटेंशन के कुछ मामलों में कभी-कभी सिर्फ दवाएं इलाज में मदद नहीं कर सकती है। अगर किसी व्यक्ति में सेकंडरी हाइपरटेंशन का निदान किया जाता है, तो ऐसे में डॉक्टर ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए कुछ दवाएं, जीवनशैली में बदलाव और कई अन्य सुझाव दे सकते हैं।

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सेकंडरी हाइपरटेंश का समय रहते उपचार किया जाना जरूरी है, नहीं तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए सेकंडरी हाइपरटेंशन के लक्षणों का अनुभव होने पर तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

All Image Source: Freepik.com

(With Inputs: Dr, Shrey Srivastav - Sr.Resident-Internal Medicine, Sharda Hospital, Greater Noida)

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