पेट में पानी भरने (वॉटर रिटेंशन) के हो सकते हैं ये 3 कारण, जानें लक्षण और बचाव के उपाय

आहार में अधिक नमक, लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर में जरूरत से ज्यादा पानी जमा हो जाता है, इसे वॉटर रिटेंशन कहा जाता है।

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Apr 28, 2022Updated at: Apr 28, 2022
पेट में पानी भरने (वॉटर रिटेंशन) के हो सकते हैं ये 3 कारण, जानें लक्षण और बचाव के उपाय

Water Retention in Stomach: जल प्रतिधारण या वॉटर रिटेंशन एक ऐसी स्थिति है, जिसमें द्रव पेट के अंदर रिक्त स्थान में जमा हो जाता है। इसे द्रव प्रतिधारण या जलोदर भी कहा जाता है। अगर यह गंभीर है, तो दर्दनाक हो सकता है। यह द्रव शरीर के अन्य हिस्सों में भी जा सकता है, सूजन पैदा कर सकता है। वॉटर रिटेंशन होने पर पेट में सूजन, वजन बढ़ना, सांस लेने में दिक्कत और अपच जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। वॉटर रिटेंशन के लक्षण हाथों, पैरों और पेट पर नजर आ सकते हैं। इस स्थिति में शरीर में सूजन आ जाती है, व्यक्ति को चलने-फिरने और रोजमर्रा के काम करने में भी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आज के इस लेख में कामिनेनी अस्पताल, एलबी नगर, हैदराबाद के वरिष्ठ सामान्य चिकित्सक डॉ जे सत्यनारायण राव (Dr J.Satyanarayana Rao, Senior General Physician, Kamineni Hospital, LB Nagar, Hyderabad.) से विस्तार से जानते हैं पेट में वॉटर रिटेंशन के लक्षण, कारण और बचाव के उपाय-

पेट में वॉटर रिटेंशन के लक्षण (Water Retention in Stomach Symptoms)

वॉटर रिटेंशन होने पर पेट में सूजन हो सकती है, साथ ही वजन भी बढ़ सकता है। पेट में वॉटर रिटेंशन के लक्षण-

  • पेट में सूजन
  • वजन बढ़ना
  • पेट में भारीपन
  • मतली या उल्टी
  • अपच
  • निचले पैरों में सूजन
  • सांस लेने में दिक्कत
  • बवासीर
  • भूख न लगना

water retentio

पेट में वॉटर रिटेंशन के कारण (Water Retention in Stomach Causes)

पेट में वॉटर रिटेंशन के लिए कई कारण जिम्मेदार होते हैं।

1. हॉर्मोन में बदलाव

2. अधिक मात्रा में नमक का सेवन और

3. शरीर में जरूरत से ज्यादा पानी जमा होना वॉटर रिटेंशन के प्रमुख कारण होते हैं।

लेकिन कुछ स्वास्थ्य स्थितियां भी पेट में पानी भरने के कारण हो सकते हैं। लिवर सिरोसिस इसका एक सबसे आम कारण माना जाता है। बहुत अधिक शराब पीना लीवर के सिरोसिस के सबसे आम कारणों में से एक है। विभिन्न प्रकार के कैंसर भी इस स्थिति का कारण बन सकते हैं। वॉटर रिटेंशन हृदय रोग, डायलिसिस, कम प्रोटीन स्तर और संक्रमण के कारण भी हो सकता है।

वॉटर रिटेंशन के कारण का पता लगाने के लिए पेट से तरल पदार्थ का नमूना लिया जाता है। यह नमूना सूई की मदद से लिया जाता है। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड की मदद से भी इसकी जांच की जाती है।

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वॉटर रिटेंशन से बचने के उपाय (Water Retention in Stomach Prevention Tips)

  • 1. नमक सोडियम और क्लोराइड से बना होता है। सोडियम शरीर में पानी को बांधता है और कोशिकाओं के अंदर और बाहर तरल पदार्थ के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। अगर आप ऐसे खाद्य पदार्थ खाते हैं, जिनमें नमक की मात्रा अधिक होती है, तो आपका शरीर पानी बनाए रख सकता है। वॉटर रिटेंशन को कम करने के लिए सोडियम का सेवन कम करना मात्रा में करें। 
  • 2. मैग्नीशियम का सेवन बढ़ाने से जल प्रतिधारण को कम करने में मदद मिल सकती है। मैग्नीशियम के अच्छे स्रोतों में नट्स, साबुत अनाज, डार्क चॉकलेट और पत्तेदार हरी सब्जियां शामिल हैं।
  • 3. विटामिन बी 6 पानी में घुलनशील एक विटामिन है, जो लाल रक्त कोशिका निर्माण, प्रोटीन चयापचय, मस्तिष्क कार्य और प्रतिरक्षा स्वास्थ्य के लिए जरूरी होता है। यह द्रव संतुलन को भी नियंत्रित करता है और जल प्रतिधारण को कम करने में मदद कर सकता है। केले, आलू, छोले, अखरोट और टूना विटामिन बी 6 के अच्छे सोर्स हैं। इसके अलावा वॉटर रिटेंशन को कम करने के लिए पोटैशियम भी जरूरी होता है।
  • 4. रिफाइंड कार्ब का सेवन सीमित मात्रा में करें। उच्च कार्ब्स लेने से जल प्रतिधारण में वृद्धि हो सकती है।  
  • 5. वॉटर रिटेंशन को कम करने के लिए वॉक करना बहुत जरूरी है।
  • 6. पानी अधिक मात्रा में पिएं। पानी पीने से वॉटर रिटेंशन को कम करने में मदद मिल सकती है। 

वॉटर रिटेंशन एक गंभीर और कष्टदायक समस्या होती है। जीवनशैली, आहार में थोड़ा बहुत बदलाव करके इसे थोड़ा कम किया जा सकता है। लेकिन इसके संपूर्ण इलाज के लिए डॉक्टर से मिलना जरूरी है। वॉटर रिटेंशन के लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें, आप इलाज शुरू करवाएं।

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