स्तनपान के दौरान गर्भनिरोधक उपाय न अपनाएं तो भी नहीं होंगी प्रेगनेंट? डॉक्टर से जानें ऐसे 10 मिथकों की सच्चाई

बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग करवाने के लिए जरूरी है स्तनों का सही साइज या स्तनपान करवाना है एक नेचुरल गर्भनिरोधक उपाय? जानें ऐसे मिथकों की सच्चाई।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Jul 30, 2021 16:34 IST
स्तनपान के दौरान गर्भनिरोधक उपाय न अपनाएं तो भी नहीं होंगी प्रेगनेंट? डॉक्टर से जानें ऐसे 10 मिथकों की सच्चाई

शिशु को स्तनपान करवाना मां और बच्चा, दोनों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। पर दुनियाभर में स्तनपान करवाने को लेकर तरह-तरह के भ्रम या मिथक फैले हुए हैं। बात अगर भारत में ब्रेस्टफीडिंग से जुड़े मिथ्स (breastfeeding myths in india) की करें तो, यहां स्तनपान को लेकर कई प्रकार के भ्रम हैं। जैसे कि बच्चे को मां का पहला दूध ना पिलाएं या फिर प्रेग्नेंट हो जाएं तो ब्रेस्टफीडिंग बंद कर दें आदि। पर राहत की बात ये है कि आज भारत सरकार और कई स्वास्थ्य संस्थाओं ने इन भ्रामकों को तोड़ा है और गांव-गांव तक जा कर शिशु के लिए स्तनपान के फायदे (breastfeeding benefits) और मां का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलोस्ट्रम) की विशेषता (colostrum benefits for baby) को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाई है। आज हम भी विश्व स्तनपान सप्ताह (breastfeeding week 2021) के  तहत ब्रेस्टफीडिंग से जुड़े 10 मिथकों की सच्चाई बताएंगे, जिसे लेकर हमने डॉ. उमा वैद्यनाथन (Dr. Uma Vaidyanathan) वरिष्ठ सलाहकार, प्रसूति एवं स्त्री रोग, फोर्टिस अस्पताल, शालीमार बाग, दिल्ली से भी बात की। 

inside2breastfeeding

ब्रेस्टफीडिंग से जुड़े 10 मिथ्स-Breastfeeding myths and facts in hindi

मिथक 1. स्तनपान प्राकृतिक गर्भनिरोधक उपाय है-Breastfeeding as birth control?

तथ्य:  डॉ. उमा वैद्यनाथन (Dr. Uma Vaidyanathan) कहती हैं कि पहले यह माना जाता था कि जब कोई महिला अपने बच्चे को स्तनपान कराती है, तो वह दोबारा गर्भवती नहीं हो सकती। इसका कारण यह है कि स्तनपान कराने के दौरान आपके शरीर में कुछ ऐसे हार्मोन निकलते हैं जो आगे गर्भधारण को रोकते हैं। विशेष रूप से, प्रोलैक्टिन हार्मोन (Prolactin hormone), जो कि स्तनपान कराने वाली मां के शरीर में ओव्यूलेशन प्रक्रिया को रोकता है और इस तरह ये स्तनपान के शुरुआती चरणों में एक प्राकृतिक गर्भनिरोधक (breastfeeding as birth control) के रूप में काम कर सकता है।

पर स्तनपान कराने वाली युवा माताओं में ओव्यूलेशन की प्रक्रिया औसतन 6 सप्ताह के भीतर फिर से शुरू हो जाती है। इसके चलते स्तनपान कराने के बावजूद, हमेशा गर्भवती होने या गर्भधारण करने की संभावना होती है। इसलिए डॉक्टर के रूप में हम हमेशा अपने रोगियों से कहते हैं कि ''प्रसव के छह सप्ताह बाद, कभी-कभी, आकस्मिक ओव्यूलेशन हो सकता है, और आप फिर से गर्भ धारण कर सकती हैं, इसलिए सावधान रहें और गर्भनिरोधक उपायों का उपयोग करें।''  साथ ही ध्यान रखें कि दो प्रेग्नेंसी के बीच कम से कम एक साल का अंतर होना चाहिए। वहीं, सिजेरियन डिलीवरी के लिए तो दो प्रेग्नेंसी के बीच कम से कम डेढ़ साल का अंतर होना चाहिए क्योंकि मां के स्वास्थ्य को ठीक होने और अगली गर्भावस्था के लिए तैयार होने में इतना समय लगता है।

मिथक 2. स्तनपान के लिए जरूरी है स्तनों का सही साइज-Does breast size matter in breastfeeding?

तथ्य:  स्तनों का सही साइज स्तनपान के लिए मायने नहीं रखता है। ज्यादातर महिलाओं में ये नेचुरल प्रोसेस है। पर अगर आपके निप्पल सपाट हैं, तो बच्चे के आने तक या उसके तुरंत बाद वे अपने आप ठीक हो सकते हैं। यहां तक कि अगर निप्पल का आकार नहीं बदलता है तो भी यह स्तनपान को ज्यादा प्रभावित नहीं करता है। हालांकि, अगर निप्पल का आकार स्तनपान करवाने में परेशानी डाल रहा है तो, इसे बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। 

मिथक 3. स्तनपान कराने से पहले आपको अपने निपल्स को धोना चाहिए-should you wash your nipples before breastfeeding?

तथ्य:  स्तनपान कराने से पहले अपने निपल्स को धोना जरूरी नहीं है। जब बच्चे पैदा होते हैं, तो वे पहले से ही अपनी मां की गंध और आवाज से परिचित होते हैं। निप्पल एक ऐसा पदार्थ पैदा करते हैं जिससे बच्चा सूंघता है और उसमें गुड होते हैं जो कि बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाते हैं। 

मिथक 4. निप्पल में दर्द होना आम बात है-Nipple pain while breastfeeding?

तथ्य:  निप्पल का दर्द सामान्य है लेकिन स्तनपान के दौरान ज्यादा दर्द होना एक समस्या का संकेत है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि स्तनपान के पहले कुछ दिनों में निप्पल में दर्द होना आम बात है और ये खुद ही सही होने लगता है। सामान्य दर्द आमतौर पर लगभग एक मिनट के लिए होता है जब बच्चा पहले कुछ महीने स्तनपान करता है। 

मिथक 5. बीमार हैं तो स्तनपान ना करवाएं-Can you still breastfeed if sick?

तथ्य: आमतौर पर बीमार होने से स्तनपान पर कोई असर नहीं होता है। बीमारी के प्रकार के आधार पर, बीमार होने पर भी माएं स्तनपान जारी रख सकती हैं। कई मामलों में, आपका शरीर आपकी बीमारी या बीमारी का इलाज करने के लिए जो एंटीबॉडी बनाता है, वह आपके बच्चे को अपने बचाव के लिए तैयार करता है। हालांकि, गंभीर रूप से बीमार हैं तो, अपने डॉक्टर से बात कर लें। 

inside1newmoom

इसे भी पढ़ें : सेक्शुअल बीमारियों की जांच के लिए किए जाते हैं STD Test, जानें क्यों और किसके लिए जरूरी हैं ये टेस्ट

मिथक 6. स्तनपान के दौरान कोई भी दवाई ना लें-can you take medications while breastfeeding?

तथ्य:  पहली बात कि कभी भी कोई भी दवा अपने डॉक्टर से बिना पूछे ना लें। अगर आप स्तनपान करवा रही हैं, तो इस बात का थोड़ा ज्यादा ध्यान रखें। हालांकि, स्तनपान के दौरान महिलाएं दवाएं ले सकती है पर ये सारी दवाइयां डॉक्टों के सुझाव पर ही ली जानी चाहिए। 

मिथक 7.  एक्सरसाइज दूध के स्वाद बिगाड़ता है -Does exercise affect your breast milk?

तथ्य: डिलीवरी के बाद एक्सरसाइज कब करनी चाहिए ये सवाल आप अपने डॉक्टर से पूछ लें तो वो आपके स्वास्थ्य स्थितियों को देख कर इसका सही जवाब दे पाएंगे। पर एक्सरसाइज दूध के स्वाद को बिगाड़ता है ये एक मिथक है। एक्सरसाइज आपके दूध के उत्पादन और स्वाद, किसी को भी प्रभावित नहीं करता है। 

मिथक 8. स्तनपान के दौरान आपको सादा खाना ही खाना चाहिए-Does your diet affect breast milk?

तथ्य:  हां, आपकी डाइट आपके स्तन के दूध को प्रभावित कर सकता है पर इसका मतलब ये नहीं है कि आप बस  सादा खाना ही खाएं। आपको स्तनपान के दौरान संतुलित भोजन यानी कि बैलेंस डाइट लेनी चाहिए। साथ ही ध्यान रखें कि  गर्भ में होने के समय से ही शिशुओं को अपनी मां द्वारा खाए गए चीजों का स्वाद पता होता है। पर अगर एक मां को लगता है कि उसका बच्चा उसके द्वारा खाए जाने वाले विशिष्ट भोजन पर प्रतिक्रिया कर रहा है तो, डॉक्टर को दिखाएं। 

मिथक 9.  स्तनपान ना करवाने से ब्रेस्ट मिल्क प्रभावित नहीं होगा-Will skipping a feeding reduce milk supply?

तथ्य: स्तनपान ना करवाने से ब्रेस्ट मिल्क कम हो सकता है। जितना अधिक आप दूध पिलाने या पंप करने में देरी करते हैं, उतना ही कम दूध आपके शरीर का उत्पादन करेगा क्योंकि भरा हुआ स्तन संकेत भेजता है कि आपको कम दूध की आवश्यकता है। वहीं, जब आपका बच्चा दूध ज्यादा पीता है, तो स्तनों में दूध का प्रोडक्शन ज्यादा होता है।

इसे भी पढ़ें : प्रेगनेंसी में चिया सीड्स खाने के 5 फायदे और ज्यादा खाने के कुछ नुकसान

मिथक 10. बच्चे को 1 साल से अधिक स्तनपान नहीं करवाना चाहिए-Can breastfeeding too long cause problems?

तथ्य: इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि बच्चे को लंबे समय तक स्तनपान करवाना, नुकसानदेह है। लेकिन इस बात के प्रमाण हैं कि दो वर्ष तक का स्तनपान मां और बच्चे, दोनों के लिए फायदेमंद होता है। पर सभी मां और बच्चे अलग-अलग होते हैं और ये वही तय कर सकते हैं कि कितने समय तक स्तनपान करवाना चाहिए और कब नहीं।

तो, ब्रेस्टफीडिंग से जुड़े मिथ्स इन मिथकों के पीछे दिए गए तथ्यों को हमेशा ध्यान में रखें और मां बनने के बाद अपने बच्चे को स्तनपान जरूर करवाएं। अगर आपको इसमें कोई परेशानी आती है, तो लोगों से पूछने की जगह एक कुशल गाइनोक्लोजिस्ट से बात करें। 

Read more articles on Women's Health in Hindi

Disclaimer