#EatRightIndia: कैंसर, कब्‍ज और गठिया जैसी गंभीर समस्‍याओं में फायदेमंद है काली सरसों के बीज

#EatRightIndia: केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉक्‍टर हर्षवर्धन ने काली सरसों के बीज के फायदों के बारे में बताया है, विस्‍तार से जानने के लिए पढ़ें! 

Atul Modi
Written by: Atul ModiPublished at: Dec 04, 2019
#EatRightIndia: कैंसर, कब्‍ज और गठिया जैसी गंभीर समस्‍याओं में फायदेमंद है काली सरसों के बीज

भारत के केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉक्‍टर हर्षवर्धन ने #EatRightIndia मुहिम के तहत Black Mustard seeds (काली सरसों के बीज) के सेवन की सलाह दी है साथ ही इसके फायदों को भी गिनाए हैं। हैशटैग के साथ ट्विटर पर पोस्‍ट करते हुए डॉक्‍टर हर्षवर्धन ने लिखा है कि, "आप अपने व्यंजनों में उदार से दिखने वाले इन छोटे काली  सरसों के बीजों को जोड़ सकते हैं। वे सेलेनियम में उच्च हैं जो पेट की कब्ज और गैस से लड़ने में मदद करता है, त्वचा और जोड़ों की समस्याओं के लिए अच्छा है।" 

काली सरसों के बीज के और भी कई फायदे हैं, जिसे उन्‍होंने अपने पोस्‍ट के माध्‍यम से शेयर किया है। हालांकि, हम आपको विस्‍तार से काली सरसों के फायदों और इसके प्रयोग के बारे में विस्‍तार से बता रहे हैं।

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भोजन में काली सरसों के बीज का इस्‍तेमाल

काली सरसों एक पौधा है, जिसके फूल पीले रंग के होते हैं। सरसों के पौधे की लगभग 40 विभिन्न प्रजातियां हैं। सरसों के बीज से तेल निकाला जाता है, जिसका उपयोग भोजन बनाने, औषधि के रूप में और दवा बनाने के लिए किया जाता है। काली सरसों के बीज को भोजन में एक सामग्री के तौर पर इस्‍तेमाल किया जाता है। काली सरसों को आमतौर पर सब्‍जी या दाल में तड़का देने के लिए इस्‍तेमाल किया जाता है। साउथ इंडियन फूड में काले सरसो का इस्‍तेमाल बहुतायत किया जाता है। सरसों के बीज से तेल बाकी कुकिंग ऑयल से ज्‍यादा फायदेमंद होता है। इसमें अच्‍छे पोषक तत्‍व पाए जाते हैं, जो छोटी-छोटी परेशानियों से आपको दूर रखते हैं। 

खाद्य पदार्थों में, काली सरसों की पत्तियों (साग) का उपयोग सलाद और अन्य व्यंजनों में किया जाता है।

खाद्य पदार्थों में भी, काली सरसों के बीज का उपयोग मसाले के रूप में और सरसों के मसाला स्वाद के लिए किया जाता है। सरसों का मसाला बनाने के लिए आमतौर पर तीन अलग-अलग प्रकारों का उपयोग किया जाता है। काली सरसों (ब्रैसिका निग्रा) सबसे तीखी होती है। सफेद सरसों (ब्रैसिका अल्बा) सबसे सौम्य है और पारंपरिक अमेरिकी पीली सरसों बनाने के लिए उपयोग की जाती है। ब्राउन सरसों (ब्रैसिका जंकिया) गहरे पीले रंग की होती है, इसमें तीखा स्वाद होता है, और इसे डिजोन सरसों बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। 

बीमारियों को दूर भगाती है काली सरसों के बीज

काली सरसों का तेल आम सर्दी, जोड़ों और मांसपेशियों (गठिया) के दर्द, और गठिया के लिए उपयोग किया जाता है। इसके अलावा काली सरसों के बीज का उपयोग उल्टी पैदा करने, मूत्र उत्पादन में वृद्धि और भूख बढ़ाने के लिए पानी की अवधारण (एडिमा) से राहत के लिए किया जाता है।

कुछ लोग पिसी हुई काली सरसों को गर्म पानी में मिलाकर पेस्ट बनाते हैं। वे पेस्ट को कपड़े में पैक करते हैं और कपड़े को सीधे त्वचा पर "सरसों के प्लास्टर" के रूप में लगाते हैं। इस तैयारी का उपयोग फेफड़े (फुफ्फुसीय), गठिया, पीठ के निचले हिस्से के दर्द के निमोनिया, दर्द और सूजन (सूजन) के इलाज के लिए किया जाता है। 

काली सरसों के बीज के लाभ

1. कैंसर में है लाभकारी

सरसों के बीज ग्लूकोसाइनोलेट्स और मायरोसिनस जैसे यौगिकों से भरे होते हैं, जो शरीर में कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं की वृद्धि को रोकते हैं। जर्नल ह्यूमन एंड एक्सपेरिमेंटल टॉक्सिकोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, छोटे बीजों में कीमोप्रेंटिव क्षमता हो सकती है और कार्सिनोजेन्स के प्रभाव से बचाव हो सकता है।

2. पाचन को सुदृढ़ करता है

सरसों के बीज आपके पाचन तंत्र के लिए भी उत्कृष्ट हैं। अगर आप अपच की समस्या से पीड़ित हैं तो सरसों के बीज इससे छुटकारा पाने में मदद कर सकते हैं। बीज फाइबर से भरे होते हैं, जो आसान मल त्याग में मदद करता है और शरीर की पाचन शक्ति को बढ़ाता है।

3. हृदय रोगों से बचाता है

सरसों का तेल आमतौर पर हर भारतीय घर में इस्तेमाल किया जाता है और यह हृदय संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए काफी फायदेमंद है। यह आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रबंधित करने में मदद करता है और रक्त में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है, जो आपके हृदय स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।

4. हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाते हैं

सरसों के बीज आपकी हड्डियों के लिए भी अच्छे होते हैं क्योंकि वे सेलेनियम नामक खनिज से भरे होते हैं, जो आपकी हड्डियों को मजबूत बनाता है। वे आपके नाखूनों, बालों और दांतों को मजबूत बनाने में भी मदद करते हैं। सरसों के बीज में एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो मसूड़ों, हड्डियों और दांतों में दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं।

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5. त्‍वचा की समस्‍या का है समाधान

हर मौसम में अपनी त्वचा को हाइड्रेट रखना महत्वपूर्ण है और सरसों के बीज आपकी इस में मदद कर सकते हैं। बीज आपकी त्वचा को हाइड्रेट करते हैं, सभी अशुद्धियों को दूर करते हैं और आपकी त्वचा को मुंहासों से बचाते हैं। बीज एंटी इंफ्लामेट्री गुणों के साथ पैक किए जाते हैं जो शरीर में सूजन को कम कर सकते हैं। आप सरसों के तेल को त्‍वचा पर मालिश कर इसके फायदे ले सकते हैं। 

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6. उम्र का बढ़ना रोके

उम्र का बढ़ना अपरिहार्य है। आप इसे आने से नहीं रोक सकते। लेकिन आप अपने आहार में सरसों को शामिल करके इसकी गति को कम कर सकते हैं। सरसों के बीज विटामिन ए, के, और सी से भरे होते हैं, जो किसी व्यक्ति में उम्र बढ़ने के संकेतों को कम करने में मदद कर सकते हैं।

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7. सिरदर्द, तनाव दूर होता है

सरसों के तेल की मालिश सिर में करने से बालों का झड़ना कम होता है, साथ ही सिरदर्द और तनाव भी दूर होता है। स्‍कैल्‍प के संक्रमण से भी आजादी मिलती है। सरसों के बीज का स्‍क्रब बनाकर त्‍वचा पर स्‍क्रबिंग करने से त्‍वचा में निखार आता है।

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