प्रेगनेंसी के दौरान ब्रेस्ट पेन से राहत दिलाते हैं ये 5 उपाय

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 16, 2018
Quick Bites

  • हार्मोन में बदलाव के कारण ब्रेस्‍ट में दर्द होना सामान्‍य है।
  • स्‍तनों में बदलाव भी हो सकता है गर्भावस्‍था का लक्षण।
  • प्रेग्‍नेंसी के समय ब्रेस्‍ट ज्‍यादा संवेदनशील हो जाती है।

गर्भावस्था एक मां के लिए बहुत उलझन और तकलीफों भरे दिन होते हैं। हालांकि शिशु के आने की खुशी उसे इन तकलीफों को सहने के लिए संबल और हौसला देती है। गर्भावस्था के दौरान स्त्री के शरीर में कई परिवर्तन आते हैं। इन सभी परिवर्तनों का प्रभाव कई बार दर्द और तकलीफ के रूप में आपके शरीर में दिख सकता है। इसलिेए इनसे घबराने की जरूरत नहीं है। गर्भावस्था में स्तनों में दर्द यानि ब्रेस्ट पेन सामान्य है। कई बार प्रेग्‍नेंसी के दौरान स्‍तनों में सूजन होने लगती है। इस समय ब्रेस्‍ट ज्‍यादा संवेदनशील भी हो जाते हैं। आमतौर पर गर्भावस्‍था की पहली तिमाही में यह दर्द शुरू होता है और पहली दूसरी तिमाही के शुरूआत में समाप्‍त हो जाता है। इसके दर्द से निपटने के लिए आप इन तरीकों को आजमा सकती हैं।

शिशु के जीवन के लिए ये परिवर्तन जरूरी हैं। इस दौरान आपको दवाओं का अपने मन से सेवन नहीं करना चाहिए बल्कि चिकित्सक की सलाह से ही कोई दवा खानी चाहिए। गर्भावस्था में ब्रेस्ट पेन से राहत पाने के लिए आप ये उपाय अपना सकती हैं।

सही कपड़ों का चुनाव

गर्भावस्‍था के दौरान फिटिंग ब्रा पहनने की आदत डालिए। इसलिए अच्‍छे गुणवत्‍ता की ब्रा ही खरीदिए। इस दौरान आपके स्‍तन फूल जाते हैं। चौड़े पट्टियों  वाली ब्रा ही पहनिए। जिस ब्रा में तार लगे हों उसे बिलकुल मत पहनिए। तीसरी तिमाही में बड़े कप साइज वाली ब्रा पहनिए। फिटिंग ब्रा पहनने से आपके स्‍तनों का मूवमेंट ज्‍यादा नही होता, जिसके कारण स्‍तनों में ज्‍यादा दर्द नही होता। रात में सोते वक्‍त भी फिट ब्रा पहनिए।

इसे भी पढ़ें:- प्रेगनेंसी के बाद महिला के शरीर और स्‍वास्‍थ्‍य क्‍या होते हैं बदलाव

गर्म और ठंडी सिंकाई

स्‍तनों का दर्द कम करने के लिए हल्‍के गर्म और ठंडे पैक का प्रयोग कीजिए। आइस पैक स्‍तनों पर रखने से उनके ऊतक सुन्‍न हो जाते हैं, जिसके कारण सूजन भी कम हो जाती है। यदि आप गर्म पैक का प्रयोग कर रहे हैं तो उससे रक्‍त का संचार बढ़ जाता है जिसके कारण आपको आराम मिलेगा। हालांकि गर्म पैक का इस्‍तेमाल करने से स्‍तन ज्‍यादा सूज सकते हैं। लेकिन ध्‍यान रहे कि ज्‍यादा देर तक गर्म पैक को अपने स्‍तनों पर न रखें, इससे त्‍वचा को नुकसान हो सकता है।

फास्ट फूड्स से बचें

ट्रिगर फूड खाने से बचें। ट्रिगर फूड को फास्‍ट और जंक फूड भी कहते हैं। प्रेग्‍नेंसी के दौरान पिज्‍जा, बर्गर आदि खाने से परहेज कीजिए। इस दौरान ज्‍यादा नमक का सेवन करने से ब्रेस्‍ट में दर्द हो सकता है। ज्‍यादा मात्रा में पानी का सेवन कीजिए। पानी पीने से स्‍तन के दर्द से राहत मिलता है।

इसे भी पढ़ें:- गर्भावस्‍था के बाद चौथे और पांचवें महीने होती हैं दांतों की समस्‍या

व्यायाम करें

नियमित रूप से व्‍यायाम करने की आदत डालिए। हर रोज कम से कम 20 मिनट तक व्‍यायाम कीजिए। व्‍यायाम करने से रक्‍त का संचार अच्‍छे से होता है और शरीर स्‍वस्‍थ रहता है।

ये आसान करें

पीठ के बल लेटकर गहरी सांस लीजिए, इस क्रिया को 10 मिनट तक करने से स्‍तन का दर्द कम होगा और आपको आराम मिलेगा। इसके अलावा पेन किलर दवाइयों को खाने से बचिए। यदि इन टिप्‍स को आजमाने के बाद भी आपके स्‍तनों का दर्द कम नही हो रहा हो तो एक बार अपने चिकित्‍सक से सलाह अवश्‍य लीजिए।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles on Pregnancy Care in Hindi

Loading...
Is it Helpful Article?YES24 Votes 21844 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK