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Medically Reviewed by Dr Chetan Sharma , Consultant - Ayurveda

स्वस्थ शरीर और लंबी उम्र का राज है ब्रह्म मुहूर्त की सैर, आयुर्वेदाचार्य से जानें इसके 5 बेजोड़ फायदे

Brahma Muhurat Walking Benefits: अगर आप भी अपने मन और शरीर दोनों को सेहतमंद रखना चाहते हैं, तो ब्रह्म मुहूर्त में वॉक करने का प्लान करें क्योंकि इससे कई ऐसे फायदे मिलते हैं, जिन्हें आप सोच भी नहीं सकते। इस लेख में आयुर्वेदाचार्य ने उन सभी फायदों को विस्तार से बताया है।
स्वस्थ शरीर और लंबी उम्र का राज है ब्रह्म मुहूर्त की सैर, आयुर्वेदाचार्य से जानें इसके 5 बेजोड़ फायदेस्वस्थ शरीर और लंबी उम्र का राज है ब्रह्म मुहूर्त की सैर, आयुर्वेदाचार्य से जानें इसके 5 बेजोड़ फायदे

Brahma Muhurat Walking Benefits: रोजमर्रा की भागदौड़ भरी जिंदगी में रात को लेट सोना और सुबह देर से उठना आम हो गया है। ऐसे में लोगों को एनर्जी कम महसूस होती है और फिर धीरे-धीरे मन अशांत होने लगता है। इसलिए बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि सुबह ऐसे समय में उठना चाहिए, जब आसपास का वातावरण शांत हो और हवा में ताजापन हो, तो सारा दिन शरीर में स्फूर्ति और एनर्जी दोनों रहती है। यह समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है और आयुर्वेद में इसका खास महत्व है क्योंकि ब्रह्म मुहूर्त को मानसिक और शारीरिक शांति और शुद्धि के लिए सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इस समय अगर वॉक की जाए, तो इसके बहुत लाभ मिलते हैं। ब्रह्म मुहूर्त में वॉक करने के फायदों के बारे में जानने के लिए हमने फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल के सीनियर आयुर्वेदिक पंचकर्मा कंसल्टेंट डॉ. चेतन शर्मा (Dr. Chetan Sharma, Sr. Ayurveda Panchakarma Consultant, Sarvodaya Hospital, Faridabad & Noida) से बात की। उन्होंने बताया कि ब्रह्म मुहूर्त का समय सूरज उगने से करीब एक घंटा 36 मिनट पहले का होता है। इस समय हल्की वॉक सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है।

ब्रह्म मुहूर्त में वॉक करने के 5 फायदे

डॉ. चेतन कहते हैं, “कई लोग ब्रह्म मुहूर्त को लेकर कन्फ्यूज हो जाते हैं, इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि अगर सूर्यादय 6 बजे है, तो लगभग 4:20 से 4:30 बजे के बीच उठना बेहतर माना जाता है। इस समय उठने पर ऑक्सीजन शुद्ध मिलती है और प्रदूषण कम होता है। जब शोर कम होता है, तो वॉक करते समय मन शांत रहता है और हार्मोन सिस्टम नेचुरली बैलेंस होने लगता है। आयुर्वेद में इस समय को वात प्रधान कहा जाता है, जो शरीर को हल्कापन महसूस कराता है।”

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डाइजेशन और मेटाबॉलिज्म का बेहतर होना

जब ब्रह्म मुहूर्त में लोग पैदल चलते हैं, तो शरीर में अग्नि जाग्रत होने लगती है। इस वजह से शरीर में कब्ज, भारीपन और गैस की समस्या काफी हद तक कम होने लगती है। डाइजेशन और मेटाबॉलिज्म मजबूत होने के कारण दिन में भूख अच्छी लगती है। न्यूट्रिशन से भरपूर डाइट लेने से शरीर की इम्यूनिटी पर पॉजिटिव असर पड़ता है।

वजन कंट्रोल करने में मदद मिलना

जो लोग ब्रह्म मुहूर्त में खाली पेट हल्की वॉक करते हैं, तो उनका शरीर फैट का सही इस्तेमाल करता है। इससे भूख के हार्मोन बैलेंस रहते हैं। अगर वॉक के साथ खाने के पॉर्शन पर भी ध्यान दिया जाए, तो वजन को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।

मेंटल हेल्थ सही होना

ब्रह्म मुहूर्त में वॉक करने से आसपास का शांत माहौल दिमाग के सेल्स को एक्टिवेट करता है और मन को शांत रखने में मदद करता है। इस समय शोर कम होता है, तो लोग सुकून महसूस करते हैं और फोकस बढ़ाने में मदद मिलती है। जब फोकस बढ़ता है, तो दिनभर काम करने की क्षमता भी बढ़ जाती है।

हार्मोन बैलेंस होना

सुबह जल्दी उठने से सर्केडियन रिद्म बैलेंस रहती है और इससे नींद की क्वालिटी में भी सुधार होता है। ब्रह्म मुहूर्त में मिलने वाली धूप विटामिन डी के लिए बहुत ही फायदेमंद है। इससे हड्डियों को मजबूत मिलती है और आयुर्वेद के अनुसार, जो लोग ब्रह्म मुहूर्त में वॉक करते हैं, उनके वात और पित्त दोष बैलेंस होते है। इससे पूरे शरीर का हार्मोनल बैलेंस संतुलित होता है।

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इम्युनिटी में सुधार

International Journal of Yoga and Allied Sciences के अनुसार, जो लोग ब्रह्म मुहूर्त में उठकते हैं और योग करते हैं, उन्हें डायबिटीज कंट्रोल करने और रोकने में मदद मिलती है। इसके अलावा, ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है और ताजी हवा से फेफड़े खुलते हैं, जो शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करती है।

निष्कर्ष

डॉ. चेतन के मुताबिक, “जिन लोगों का ब्लड प्रेशर कम रहता है और शरीर में बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होती है, उन्हें ब्रह्म मुहूर्त में उठने से पहले आयुर्वेदाचार्य की सलाह जरूर लेनी चाहिए। इसके साथ ही शुरुआत में अचानक बहुत जल्दी उठने की बजाय धीरे-धीरे रूटीन बनाएं। शुरुआत में हफ्ते में सिर्फ दो से तीन दिन ही करें और फिर धीर-धीरे बढ़ाते जाए। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि ब्रह्म मुहूर्त में उठने को रेगुलर आदत का हिस्सा जरूर बनाए, तभी इसके फायदे मिलेंगे।”

FAQ

  • 1 दिन में कितना वॉक करना चाहिए?

    सेहतमंद व्यक्ति को रोजाना कम से कम सात हजार से दस हजार कदम चलना चाहिए। वजन घटाने के लिए कम से कम 40 से 45 मिनट तेज चलना चाहिए।
  • ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सबसे पहले क्या करना चाहिए?

    ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सबसे पहले नहाना चाहिए और इसके बाद योग करना चाहिए। ब्रह्म मुहूर्त में वॉक करना भी बहुत जरूरी है क्योंकि इससे मेंटल हेल्थ सही होती है।
  • ब्रह्म मुहूर्त के दौरान क्या नहीं करना चाहिए?

    प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों को ब्रह्म मुहूर्त में जागने से मना किया जाता है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Feb 17, 2026 08:07 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Feb 17, 2026 08:07 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Chetan Sharma