रूमेटॉइड अर्थराइटिस का सबसे आसान और सस्ता इलाज है बेकिंग सोडा, जानें कैसे

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 19, 2018
Comment

Subscribe for daily wellness inspiration

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • रूमेटाइड अर्थराइटिस गठिया का ही एक प्रकार है।
  • सोडा के प्रयोग से शरीर में होने वाले ऑटोइम्यून फंक्शन धीरे हो जाते हैं।
  • इसका असर 2 हफ्ते में ही दिखना शुरू हो जाता है।

रूमेटाइड अर्थराइटिस गठिया का ही एक प्रकार है, जो हड्डियों के जोड़ों से संबंधित बीमारी है। अभी तक इस बीमारी के कारणों का पता नहीं चल पाया है मगर चिकित्सकों का दावा है कि ये बीमारी आधुनिक लाइफस्टाइल की वजह से लोगों में तेजी से बढ़ रही है। बेकिंग सोडा यानि खाने वाले सोडा का कई तरह से प्रयोग आप जानते होंगे। लेकिन क्या आपको पता है कि बेकिंग सोडा रूमेटॉइड अर्थराइटिस का भी आसानी से इलाज कर सकता है? जी हां, जर्नल ऑफ इम्यूनोलॉजी मेडिकल जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक पानी सोडा के प्रयोग से रूमेटॉइड अर्थराइटिस और ल्यूपस जैसी बीमारियों से आसानी से बचाव संभव है।

क्या है रूमेटॉइड अर्थराइटिस

इसके कारण सूजन आना और हाथ-पैर के जोड़ों में तेजदर्द की शिकायत सबसे अधिक दिखती है। आमतौर पर अर्थराइटिस बढ़ती उम्र से संबंधित बीमारी है, लेकिन वर्तमान में अनियमित दिनचर्या और खानपान में पौष्टिक तत्‍वों की कमी के कारण यह युवाओं में भी दिख रही है। हमारा इम्यून सिस्टम प्रोटीन, बायोकेमिकल्स और कोशिकाओं से मिलकर बनता है। यह शरीर को बाहरी चोटों और और बैक्टीरिया तथा वायरस से शरीर को सुरक्षा प्रदान करता है। लेकिन कभी-कभी इस सिस्टम से भी गलती हो जाती है और यह शरीर में मौजूद प्रोटीन्स को ही नष्ट करना शुरू करता है, जिसका परिणाम रूमेटॉयड अर्थराइटिस जैसी ऑटो-इम्यून बीमारियों के रूप में दिखता है। इसका असर जोड़ों पर सबसे ज्यादा होता है, लेकिन एक सीमा के बाद यह शरीर के अन्‍य अंगों खासकर स्नायुतंत्र और फेफड़ों पर भी असर डालने लगता है।

इसे भी पढ़ें:- अर्थराइटिस के दर्द से तुरंत छुटकारा दिलाती हैं ये 5 औषधियां

किनको होता है खतरा

रूमेटॉयड अर्थराइटिस सामान्‍यतया मझौली उम्र के लोगों को अपना शिकार बनाती है। रूमेटॉयड अर्थराइटिस आमतौर पर 30-45 साल के लोगों को होता है। यही नहीं, यह बीमारी पुरुषों के मुकाबले चार गुणा ज्यादा महिलाएं इसकी गिरफ्त में आती हैं। यानी यह समस्‍या पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक देखी जाती है। ठंड के मौसम में इस बीमारी के कारण होने वाला दर्द असहनीय हो जाता है।

बेकिंग सोडा का प्रयोग

दरअसल हमारे स्वस्थ रहने के लिए हमारे पूरे शरीर में पीएच लेवल का मेनटेन रहना जरूरी है। शरीर में एसिड की मात्रा बढ़ने से कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं इसलिए शरीर को एल्कलाइन बनाने के लिए सोडा का प्रयोग बेहतर है। बेकिंग सोडा के प्रयोग से न सिर्फ रूमेटॉइड अर्थराइटिस का खतरा कम किया जा सकता है बल्कि इससे रूमेटॉइड अर्थराइटिस को धीरे-धीरे ठीक भी किया जा सकता है।

कैसे मदद करता है बेकिंग सोडा

बेकिंग सोडा को सोडियम बाइकार्बोनेट के नाम से भी जाना जाता है। इसके सेवन से रूमेटॉइड अर्थराइटिस को ठीक किया जा सकता है। दरअसल सोडा के प्रयोग से शरीर में होने वाले ऑटोइम्यून फंक्शन धीरे हो जाते हैं। रूमेटॉइड अर्थराइटिस भी ऑटो इम्यून बीमारी है इसलिए ये सोडा के प्रयोग से ठीक हो जाती है। सोडा के प्रयोग से शरीर की अंदरूनी सूजन कम हो जाती है। इसलिए अगर आप सोडा का सेवन करते हैं, तो आपका इम्यून सिस्टम आपके ही शरीर की टिशूज पर हमला नहीं करता है।

इसे भी पढ़ें:- जौ में छिपा है सौ गुणों का राज, गठिया और पथरी का करता है नाश!

बस 2 हफ्ते में दिखेगा असर

बेकिंग सोडा का अगर आप नियमित सेवन करते हैं, तो आपको इसका असर 2 हफ्ते में ही दिखना शुरू हो जाता है। इसके प्रयोग के लिए आप एक ग्लास पानी में आधा चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर पिएं। लेकिन अगर आप रूमेटॉइड अर्थराइटिस का इलाज करवा रहे हैं और दवा ले रहे हैं, तो अपने डॉक्टर से इसके प्रयोग से पहले जरूर पूछ लें।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Remedies For Diseases

Loading...
Write Comment Read ReviewDisclaimer
Is it Helpful Article?YES577 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर