गर्मियों में बेल का शरबत या जूस पीना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर को ठंडक देता है और डाइजेस्टिव को भी बेहतर बनाता है लेकिन जब बात थायराइड मरीजों की आती है, तो हर हेल्दी चीज हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं होती। थायराइड से जूझ रहे लोगों को अपने खान-पान को लेकर खास सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि छोटी-सी गलती भी हार्मोन बैलेंस को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या बेल का जूस थायराइड मरीजों के लिए सही है या नहीं? इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए हमने दिल्ली के कैलाश दीपक हॉस्पिटल की कंसल्टेंट डाइटिशियन ऋचा शर्मा से बात की-
थायराइड में बेल का जूस पीना चाहिए या नहीं?
डाइटिशियन ऋचा शर्मा बताती हैं कि बेल में मौजूद कुछ नेचुरल यौगिक, थायराइड ग्रंथि के कामकाज को प्रभावित कर सकते हैं। बेल को गोइट्रोजेनिक फूड्स (goitrogens) की केटेगरी में रखा जाता है। गोइट्रोजेन्स ऐसे नेचुरल कंपाउंड्स होते हैं, जो शरीर में आयोडीन के अवशोषण को प्रभावित करते हैं। आयोडीन थायराइड हार्मोन के निर्माण के लिए बेहद जरूरी होता है। जब शरीर को पर्याप्त आयोडीन नहीं मिलता, तो थायराइड ग्रंथि सही तरीके से हार्मोन नहीं बना पाती। इससे थायराइड से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं, खासकर उन लोगों में जो पहले से इस बीमारी से पीड़ित हैं।
इसे भी पढ़ें: क्या वाकई थायराइड में वजन कम करना मुश्किल होता है? बता रहे हैं डॉक्टर
हाइपोथायराइडिज्म पर असर
हाइपोथायराइडिज्म के मरीजों के लिए बेल का ज्यादा सेवन नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि गोइट्रोजेन्स आयोडीन के उपयोग को कम कर देते हैं, जिससे हार्मोन का प्रोडक्शन और भी धीमा हो सकता है। इसके कारण थकान, वजन बढ़ना, बाल झड़ना और सुस्ती जैसे लक्षणों के रूप में सामने आ सकता है। इसलिए हाइपोथायराइड मरीजों को बेल का जूस सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए, वह भी डॉक्टर की सलाह के बाद।
हाइपरथायराइडिज्म पर असर
हाइपरथायराइडिज्म एक ऐसी स्थिति है, जिसमें थायराइड ग्रंथि जरूरत से ज्यादा एक्टिव हो जाती है। ऐसे में बेल का जूस कुछ हद तक मददगार हो सकता है, क्योंकि यह थायराइड की एक्टिविटी को धीमा करने में सहायक हो सकता है। हालांकि, यह कोई इलाज नहीं है और इसे खुद से शुरू करना सही नहीं है। बिना एक्सपर्ट की सलाह के इसका सेवन करने से हार्मोन असंतुलन और बढ़ सकता है, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।

इसे भी पढ़ें: क्या थायराइड में होती हैं पाचन से जुड़ी समस्याएं? जानें एक्सपर्ट से
कब और कैसे पिएं बेल का जूस?
थायराइड मरीज अगर बेल का जूस पीना चाहते हैं, तो उन्हें मात्रा और समय का खास ध्यान रखना चाहिए। इसे कभी भी ज्यादा मात्रा में नहीं पीना चाहिए। दिन में एक छोटा गिलास और वह भी भोजन के बाद लेना बेहतर विकल्प हो सकता है। अगर आप थायराइड की दवा ले रहे हैं, खासकर सुबह खाली पेट, तो उसी समय बेल का जूस पीना नुकसानदायक हो सकता है। यह दवा के अवशोषण को प्रभावित कर सकता है, जिससे दवा का असर कम हो सकता है।
निष्कर्ष
थायराइड एक सेंसिटिव हार्मोनल समस्या है, जिसमें डाइट की भूमिका बहुत अहम होती है। बेल का जूस भले ही पोषक तत्वों से भरपूर हो, लेकिन हर थायराइड मरीज के लिए यह सुरक्षित नहीं है। खासतौर पर हाइपोथायराइडिज्म के मरीजों को इसका सेवन सोच-समझकर करना चाहिए। सबसे सही तरीका यही है कि आप अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लें और उसी के आधार पर अपनी डाइट तय करें।
All Image Credit- magnific
FAQ
क्या बेल का जूस हाइपोथायराइड में नुकसान करता है?
बेल का जूस ज्यादा मात्रा में लेने से यह स्थिति को खराब कर सकता है।गोइट्रोजेन्स क्या होते हैं?
ये ऐसे तत्व हैं जो आयोडीन के अवशोषण को प्रभावित करते हैं।बेल का जूस पीने का सही समय क्या है?
बेल का जूस दोपहर या शाम को सीमित मात्रा में लेना बेहतर होता है।
इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।
How we keep this article up to date:
We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.
-
Current Version
May 04, 2026 17:17 IST
Modified By : Akanksha Tiwari May 04, 2026 17:17 IST
Published By : Akanksha Tiwari