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नवजात शिशु के टीके की डोज छूट जाने पर क्या करें? जानें डॉक्टर से

नवजात श‍िशु को सभी टीके लगना अन‍िवार्य होता है। अगर कोई टीका छूट गया है, तो आपको क्‍या करना चाह‍िए ये इस लेख में आगे जानेंगे। 

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Sep 14, 2022Updated at: Sep 14, 2022
नवजात शिशु के टीके की डोज छूट जाने पर क्या करें? जानें डॉक्टर से

श‍िशु के टीकाकारण के ल‍िए च‍िंत‍ित होना सामान्‍य है। बच्‍चों के टीके तय समय पर ही लगवाना बेहतर होता है। कुछ टीके, जन्‍म के 24 घंटे के अंदर लगवाना अन‍िवार्य होता है। ये टीके छूटने नहीं चाह‍िए। जब टीकों में बहुत ज्‍यादा गैप हो जाता है, तो इस स्‍थ‍ित‍ि में टीकाकारण का चक्र फ‍िर से शुरु करने की जरूरत पड़ती है। केवल आपको टीकाकरण चार्ट संभालकर रखने की जरूरत होगी। अगर आपके श‍िशु का टीका छूट गया है, तो आपको क्‍या करना चाह‍िए इसके बारे में हम आगे बात करेंगे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के केयर इंस्‍टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फ‍िजिश‍ियन डॉ सीमा यादव से बात की। 

newborn vaccination

छह माह तक एक भी टीका नहीं लगा? 

अगर श‍िशु को छह माह तक एक भी टीका नहीं लगा है या कोई टीका छूट गया है, तो आप डॉक्‍टर की सलाह के साथ उसे बाद में लगवा सकते हैं। बच्‍चे के जन्‍म के बाद टीकाकारण करवाना जरूरी होता है। टीकाकारण करवाने से श‍िशु के शरीर में इम्‍यून‍िटी बनती है। टीकाकरण करवाने से बच्‍चों में संक्रमण का खतरा कम होता है। 

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रोटावायरस टीका 

सात महीने तक रोटावायरस की तीन डोज लगवाना जरूरी होता है। पहला डोज छह हफ्ते, दूसरा डोज 10 हफ्ते और तीसरा डोज 14 हफ्ते की उम्र में द‍िया जाता है। रोटावायरस का टीका सात महीने की उम्र के बाद देंगे, तो उसके बुरे प्रभाव हो सकते हैं। अगर रोटावायरस का टीका छूटता है, तो डॉक्‍टर से सलाह लें।      

श‍िशु को लगने वाले टीके    

कुछ ऐसे टीके हैं ज‍िन्‍हें श‍िशु को लगवाना अन‍िवार्य होता है। वहीं कुछ वैकल्‍प‍िक टीके भी हैं, जो डॉक्‍टर श‍िशु को लगवाने की सलाह देते हैं। जानते हैं इन टीकों के बारे में-

अन‍िवार्य टीके 

  • ओपीवी टीका 
  • डीटीपी टीका 
  • रोटावायरस 
  • एमएमआर टीका 
  • हेपेटाइट‍िस ए टीका 
  • हेपेटाइट‍िस बी टीका 
  • बीसीजी टीका    

वैकल्‍प‍िक टीके 

  • इंफ्लुएंजा वैक्‍सीन
  • चिकनपॉक्स वैक्‍सीन 
  • मेनिन्जोकोकल वैक्सीन
  • न्यूमोकोकल कॉन्जुगेट वैक्सीन

3 प्रकार के टीके 

  • पहला प्रकार है प्राथम‍िक टीके। इसमें टीके की 1 से 5 खुराक शाम‍िल हो सकती है। इन टीकों की सभी खुराक लेना अन‍िवार्य होता है।   
  • बूस्‍टर टीके वो होते हें जो प्राथम‍िक टीके के प्रभाव को बढ़ाने के ल‍िए द‍िए जाते हैं। जैसे-जैसे समय बीतता है, एंटीबॉडी का स्‍तर कम होने लगता है। एंटीबॉडी का स्‍तर कम होने से बीमार‍ियों का प्रकोप बढ़ जाता है।
  • सार्वजन‍िक टीके क‍िसी बीमारी को खत्‍म करने के ल‍िए सभी को द‍ि‍ए जाते हैं। जैसे कोव‍िड 19 का टीका। इसके ल‍िए टीकाकारण कार्यक्रम चलाए जाते हैं।   

डॉक्‍टर के मुताब‍िक उम्र के मुताब‍िक टीके लगने चाह‍िए लेक‍िन कोई टीका छूट जाए, तो आप उसे डॉक्‍टर की सलाह पर बाद में लगवा सकते हैं। 

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