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पिंपल्स से लेकर यूरिन की समस्याओं में रामबाण है सारिवा, आयुर्वेदाचार्य से जानें इसके सेवन के तरीके

Sariva Herb: स्किन, यूरिन और डायबिटीज से जुड़ी परेशानियों का इलाज आयुर्वेद में सारिवा औषधि से हो सकता है। सारिवा औषधि के फायदे और इसे लेने के तरीकों के बारे में हमने विस्तार से आयुर्वेदाचार्य से बात की। इस लेख में सारिवा से जुड़ी जानकारी पढ़ें।
पिंपल्स से लेकर यूरिन की समस्याओं में रामबाण है सारिवा, आयुर्वेदाचार्य से जानें इसके सेवन के तरीकेपिंपल्स से लेकर यूरिन की समस्याओं में रामबाण है सारिवा, आयुर्वेदाचार्य से जानें इसके सेवन के तरीके

Sariva Herb: आजकल लाइफस्टाइल और खाने की आदतों के चलते लोगों को स्किन की समस्याएं, पिंपल्स, बालों का झड़ना, यूरिन से जुड़ी दिक्कतें और खून की अशुद्धि आम होती जा रही हैं। इन समस्याओं से निजात पाने के लिए लोग महंगे प्रोडक्ट्स और केमिकल दवाइयों को प्रेफर करने लगते हैं, लेकिन यह सिर्फ कुछ समय के लिए बाहरी स्किन को ठीक कर सकता है। असल में, शरीर को अंदर से ठीक करना जरूरी है और आयुर्वेद में एक ऐसी जड़ी-बूटी है जो सदियों से इन समस्याओं में इस्तेमाल होती आ रही है। इसी में एक नाम है सारिवा औषधि, जिसे लोग आम भाषा में अनंतमूल या Indian Sarsaparilla भी कहते हैं। इस बारे में जब हमने हरियाणा के सिरसा स्थित रामहंस चैरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा से बात की, तो उन्होंने बताया कि सारिवा को ब्लड प्यूरीफिकेशन की टॉप क्लास औषधि माना जाता है।

सारिवा (अनंतमूल) औषधि क्या है? - What Is Sariva In Hindi

सारिवा एक बेलनुमा लता वाली औषधीय पौधा है, जिसकी जड़ का उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है। इसकी लताएं लंबी, पतली, चिकनी और रसीली होती हैं, जो जमीन पर फैलती हुई ऊपर की ओर बढ़ती हैं। आयुर्वेद के अनुसार, सारिवा दो प्रकार का होता है। एक तो श्वेत सारिवा और दूसरी रक्त सारिवा। दोनों के गुण और उपयोग अलग होते हैं।

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रक्त सारिवा का इस्तेमाल

डॉ. श्रेय कहते हैं, “रक्त सारिवा का वैज्ञानिक नाम Hemidesmus Indicus कहा जाता है और यह ही सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाती है। रक्त सारिवा को पॉवरफुल ब्लड प्यूरिफायर है, जो स्किन की बीमारियों में बहुत असरदार होती है। सारिवा शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करती है। इसलिए जिन लोगों को बहुत ज्यादा फोड़े-फुंसिया, खुजली, एलर्जी, एक्जिमा और जो भी खून की गंदगी से होने वाले रोग है, उसमें सारिवा काफी फायदेमंद होती है। आयुर्वेद में इसे रक्त धातु पर सीधा असर डालने वाली औषधि माना गया है।”

श्वेत सारिवा का इस्तेमाल

डॉ. श्रेय ने कहा, “श्वेत सारिवा आमतौर पर यूरिन से जुड़ी समस्याओं, जख्म जल्दी न भरने पर और डायबिटीज में खासतौर पर जब पेशाब से जुड़ी दिक्कतें या घाव ठीक न हो रहे हों, वहां श्वेत सारिवा बहुत ही असरदार होता है। डायबिटीज मरीजों को आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह लेकर श्वेत सारिवा लेनी चाहिए क्योंकि इसकी सही मात्रा और समय पर लेना महत्वपूर्ण है।”

स्किन डिजीज के लिए सारिवा (अनंतमूल) क्यों है असरदार?

डॉ. श्रेय कहते हैं कि आयुर्वेद के अनुसार, जब खून अशुद्ध होता है तो उसका असर सबसे पहले स्किन पर दिखता है। पिंपल्स, एक्ने, खुजली, फंगल इंफेक्शन, दाग-धब्बे इसी का परिणाम होते हैं। रक्त सारिवा खून को शुद्ध करती है, स्किन में टॉक्सिन जमा नहीं होने देती और इसी वजह से बार-बार होने वाले पिंपल्स को रोकता है। इसलिए इसे खासकर लड़कियों में होने वाली स्किन समस्याओं में इसे बहुत असरदार माना गया है।

गंजेपन और बालों के लिए सारिवा फायदेमंद

बहुत कम लोग जानते हैं कि सारिवा बालों की जड़ों पर भी काम करती है। सारिवा की जड़ का करीब दो ग्राम चूर्ण दिन में तीन बार सादे पानी से लेने पर बालों की जड़ों को न्यूट्रिशन मिलता है और गंजेपन में काफी फायदा होता है क्योंकि सारिवा बालों तक ब्लड और न्यूट्रिशन पहुंचाने में मदद करती है। इसके साथ यह जानना बहुत महत्वपूर्ण है कि इसे लेने से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर से जरूर सलाह लें क्योंकि डॉक्टर मरीज की सेहत देखकर ही सारिवा के चूर्ण का डोज रिकमंड करते हैं।

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महिलाओं के पीरियड्स में मददगार

अगर पीरियड्स रेगुलर न हो या इससे जुड़ी किसी भी तरह की समस्या हो, तो सारिवा का काढ़ा काफी असरदार माना जाता है। महिलाओं को सारिवा के काढ़े में थोड़ा सा शहद मिलाकर लिया जा सकता है, लेकिन इसे सिर्फ आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह से सेवन करें। यह हार्मोनल बैलेंस और रक्त शुद्धि दोनों में सहायक होती है।

खुजली या स्किन रोगों के लिए काढ़ा

आधा लीटर खौलते पानी में 50 ग्राम सारीवा और जौ डाल दें। इसे दो घंटे बाद छान लें और दिन में डॉक्टर की सलाह पर सेवन करें। यह काढ़ा ब्लड और स्किन की बीमारियों में असरदार है।

निष्कर्ष

डॉ. श्रेय कहते हैं कि सारिवा को किसी भी मौसम में लिया जा सकता है क्योंकि इसका संबंध इंसान की प्रकृति से होता है। सही मात्रा और सही जरूरत के अनुसार इसे सर्दियों में भी लिया जा सकता है। आर्युवेद के अनुसार यह ब्लड को साफ करने की बेस्ट औषधि है, लेकिन हर औषधि की तरह, इसे भी डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए, खासतौर पर प्रेग्नेंट महिलाओं और किसी भी तरह की बीमारी से जूझ रहे लोगों को सारिवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

FAQ

  • सरिवा जड़ी बूटी का दूसरा नाम क्या है?

    भारतीय सरसापरिला जिसे हेमिडेस्मस इंडिकस या सरिवा या अनंतमूल एक लतानुमा पौधा है, जो पूरे भारत में पाया जाता है।
  • सरिवा की छाल के क्या फायदे हैं?

    पीपल की छाल और सारिवा की जड़ को मिलाकर चाय के समान फाण्ट बनाकर सेवन करें। इससे खुजली, फोड़े-फुंसी तथा गर्मी आदि समस्याओं में लाभ होता है। एक चम्मच सफेद जीरा में सरिवा की जड़ (sariva herb) का एक चम्मच चूर्ण मिलाकर काढ़ा बनाकर पिलाने से खून साफ होता है।
  • सारिवा चूर्ण के क्या फायदे हैं?

    सारिवा एसिडिटी और सूजन कम करके डाइजेशन को सेहतमंद रखने में मदद करती है। यह आंत की परत को आराम पहुंचाकर गैस्ट्राइटिस और इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जैसी कंडीशंस को कंट्रोल करने में भी मदद करता है। एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर, सारिवा इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है और इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है।

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Aneesh Rawat

Health & Lifestyle Journalist

अनीश रावत पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। यहां वह महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, योग और मेडिटेशन जैसे विषयों पर शोध आधारित लेख लिखते हैं। उनका फोकस स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को डेटा, रिसर्च और विशेषज्ञों की राय के आधार पर पाठकों तक पहुंचाना है। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह News 24, All India Radio और ThinkRight Meditation App के साथ काम कर चुके हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 12, 2026 16:32 IST

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  • Jan 12, 2026 16:32 IST

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