World Oral Health Day 2021: ये हैं दांतों में होने वाली 9 आम बीमारियां, लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना पड़ सकता है

दांतों की समस्‍या हो नजरअंदाज करने की गलती न करें, आगे जाकर समस्‍या बढ़ सकती है। बीमारी का लक्षण द‍िखे तो डॉक्‍टर से सलाह लें

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Mar 19, 2021Updated at: Mar 19, 2021
World Oral Health Day 2021: ये हैं दांतों में होने वाली 9 आम बीमारियां, लेकिन इन्हें नजरअंदाज करना पड़ सकता है

20 मार्च को पूरे व‍िश्‍व में वर्ल्ड ओरल हेल्‍थ डे मनाया जाता है ताक‍ि लोगों में डेंटल हेल्थ को लेकर जागरूकता बढ़े। लोग दांतों की बीमारी को अक्‍सर नजरअंदाज कर देते हैं। अगर हम समय-समय पर अपना चेकअप करवाते रहें तो दांतों की बड़ी बीमार‍ियों से बचा जा सकता है। दांतों में सड़न, गम प्रॉब्‍लम, दांत पर दांत आने जैसी कई समस्‍याएं हैं ज‍िसके ल‍िए आपको डेंट‍िस्‍ट की जरूरत पड़ सकती है अगर आप अपने दांतों में हो रही समस्‍या के लक्षण नहीं समझ पा रहे हैं तो आज हम आपको बताएंगे दांतों से जुड़ी 9 बीमार‍ियां जिनके लक्षण एक-दूजे से ब‍िल्‍कुल अलग हैं और सारी ही बीमार‍ियों में आपको तुरंत इलाज करवाने की जरूरत पड़ सकती है। जागरूकता की कमी के चलते लोग दांतों की बीमारी को हल्‍के में लेते हैं, आगे जाकर ये समस्‍या बढ़ जाती है इसल‍िए समय-समय पर रूटीन चेकअप करवाते रहें। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के मानस डेंटल क्‍लीन‍िक के डेंट‍िस्‍ट डॉ अभ‍िषेक श्रीवास्‍तव से बात की।

cavity problem in teeth

1. दांतों में कैव‍िटी (Cavities in teeth)

ये भी दांतों में होने वाली आम समस्‍या है। कैव‍िटी होने पर दांतों में छेद होने लगते हैं। दांत पर स्‍ट‍िक‍ी बैक्‍टीर‍िया प्‍लेक जमने से ऐसा होता है। प्‍लेक दांतों की आउटर लेयर इनेमल को खराब कर देता है। इससे बचने के ल‍िए आपको  द‍िन में 2 बार ब्रश करना चाह‍िए और ऐसे टूथपेस्‍ट का इस्‍तेमाल करना चाह‍िए ज‍िसमें फ्लोराइड हो। इसके अलावा आपको माउथवॉश और फ्लोस का भी इस्‍तेमाल करना चाह‍िए। 

2. मसूड़ों की बीमारी (Don't avoid Gum Problem)

gum disease

अगर आपके मसूड़ों में खून आता है या ऐसा लगता है मसूड़े दांत को होल्‍ड नहीं कर रहे हैं तो आपको तुरंत डॉक्‍टर के पास जाना चाह‍िए। आपको मसूड़े की बीमारी ज‍िंजिवाइट‍िस हो सकता है। इस कंडीशन में मसूड़ों के ठीक नीचे प्‍लेक जम जाता है अगर समय रहते इसका इलाज न करवाया जाए तो दांत ढीले हो सकते हैं। ज‍िसके बाद आपको बोलने या खाने में परेशानी होगी। इससे बचने के ल‍िए आपको रोजाना ब्रश करना है, फ्लोस का इस्‍तेमाल करना है और एंटीसेप्‍ट‍िक माउथवॉश का इस्‍तेमाल करना है। 

3. दांतों में पीलापन भी है बीमारी का संकेत (Stained Teeth can be a cause of disease)

दांतों का पीलापन आपको दांतों को पीला करने के साथ-साथ ये बताता है क‍ि आपके दांत स्‍वस्‍थ्‍य नहीं हैं। खानपान, मेड‍िकेशन, टोबैको के सेवन से दांतों का रंग बदल सकता है। आप चाहें तो डॉक्‍टर के पास जाकर दांतों की वाइटन‍िंग करवा सकते हैं। ज्‍यादा समय तक दांतों का पीलापन ये बताता है क‍ि आपको दांतों को साफ रखने की जरूरत है ताक‍ि कोई बीमारी न हो। 

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4. आधे कटे दांत की समस्‍या  (Chipped Tooth problem)

chipped teeth

ज‍िन लोगों के दांत आधे कटे नजर आते हैं उसे हम च‍िप्‍पड टीथ कहते हैं। ये समस्‍या भी लोगों में बहुत आम है। च‍िप्‍पड टूथ में डेंट‍िस्‍ट क्राउन लगाते हैं या अगर दांत का बड़ा ह‍िस्‍सा खराब है तो उस ह‍िस्‍से को बदल द‍िया जाता है। हो सकता है क‍ि इस बीमारी के चलते आपको रूट कैनाल करवाना पड़े। 

5. इंपेक्‍टेड दांत के ल‍िए डेंट‍िस्‍ट से म‍िलें (What is Impacted Teeth)

ज‍िन लोगों के दांत पूरी तरह से नहीं न‍िकलते उसे इंपेक्‍टेड कहा जाता है। इस कंडीशन में दांत या तो दूसरे दांत के ऊपर होता है या पूरी तरह से बाहर नहीं न‍िकला हुआ होता है। आपको इसमें दर्द या अड़चन होने पर डेंट‍िस्‍ट को द‍िखाना चाह‍िए। कुछ लोगों को ऐसे दांतों से उलझन होती है। 

6. दांतों में सेंस‍िट‍िव‍िटी (Sensitivity in teeth) 

sensitivity in teeth

आपको भी आइसक्रीम या ठंडा खाने का शौक है पर ठंडा खाने में तकलीफ होती है तो आपके दांतों में सेंस‍िट‍िव‍िटी हो सकती है। इसके ल‍िए आपको कारण जानने की जरूरत है। दांतों में ठंडा खाने से तेज झनझनाहट कई कारण से होती है जैसे कैव‍िटी होना, मसूड़ों में सड़न, दांतों में फ्रैक्‍चर। इसके ल‍िए आपको डॉक्‍टर से म‍िलना चाह‍िए। लंबे समय तक दांतों की इस बीमारी को नजरअंदाज करने से समस्‍या बढ़ सकती है। 

7. सामान्‍य से ज्‍यादा दांत होना (Too Many Teeth known as Hyperdontia)

आपके मुंह में क‍ितने दांत है, जाह‍िर सी बात है अगर आप एडल्‍ट होंगे तो 32 दांत होंग पर कुछ लोगों के मुंह में 32 से ज्‍यादा दांत होते हैं, ये भी एक तरह की कंडीशन है ज‍िसे हम हाइपरडोंट‍िया कहते हैं। ज‍िन लोगों के दांत ज्‍यादा होते हैं उन्‍हें ट्यूमर होने का खतरा भी रहता है, हालांक‍ि ज्‍यादा दांत होने से परेशानी नहीं होती पर अगर व्‍यक्‍त‍ि को इससे कोई द‍िक्‍कत हो तो डेंट‍िस्‍ट उन दांतों को न‍िकाल देते हैं। 

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8. ओरल कैंसर से बचने के ल‍िए तंबाकू का सेवन छोड़ें (Tobacco can cause oral cancer)

अगर आपके मुंह में लाल या सफेद पैच नजर आते हैं या घाव होते हैं तो सावधान हो जाएं ये कैंसर के लक्षण भी हो सकते हैं। ऐसे लक्षण नजर आने पर तुरंत डॉक्‍टर के पास जाएं। ओरल कैंसर का असर जीभ, गले या टोंस‍िल पर पड़ता है। तंबाकू या एल्‍कोहॉल के सेवन से ज्‍यादातर लोगों को मुंह का कैंसर होता है। आपको धूम्रपान, तंबाकू आद‍ि का सेवन ब‍िल्‍कुल नहीं करना चाह‍िए साथ ही समय-समय पर डेंट‍िस्‍ट के पास चेकअप के ल‍िए जरूर जाएं। 

9. दांत पीसने की समस्‍या (Clenching or Grinding problem in Teeth)

कई लोग सोते समय दांत को एक-दूसरे के साथ पीसते हैं या रगड़ते हैं। ये बीमारी के संकेत भी हो सकते हैं। ऐसा करने से जबड़े में दर्द, मसूड़ों में दर्द जैसी समस्‍या हो सकती है। इससे बचने के ल‍िए स्‍ट्रेस कम करें। कुछ लोग ज्‍यादा स्‍ट्रेस लेते हैं ज‍िसके कारण ये समस्‍या होती है। अगर दांत पीसने के चलते आपको स‍िर में दर्द या दांत ढीले होने जैसी समस्‍या लगती है तो डॉक्‍टर से संपर्क जरूर करें। दांतों की समस्‍या से बचने के ल‍िए आपको हर 2 महीनों में डेंट‍िस्‍ट के पास जाना चाह‍िए, हर द‍िन 2 बार ब्रश करना चाह‍िए। अगर आप कुछ भी खाते हैं उसके बाद कुल्‍ला करना न भूलें, माउथवॉश का इस्‍तेमाल करें। दांतों के ल‍िए ऐसा ब्रश चुनें जो सॉफ्ट हो। 

अगर आपको भी इनमें से कोई दांतों की समस्‍या है तो आप जल्‍द से जल्‍द दांतों के डॉक्‍टर से म‍िलें, दांतों में दर्द या कोई भी लक्षण नजरअंदाज करने से परेशानी बढ़ सकती है। 

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