धार्मिक महत्व रखने वाली 'कुश घास' आयुर्वेदिक दृष्टि से भी है बहुत फायदेमंद, जानें इसके 8 फायदे और प्रयोग

कुश एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है। यह एक प्रकार की घास है। जिसका उपयोग शरीर को निरोग करने में किया जाता है।

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiPublished at: Apr 06, 2021Updated at: Apr 06, 2021
धार्मिक महत्व रखने वाली 'कुश घास' आयुर्वेदिक दृष्टि से भी है बहुत फायदेमंद, जानें इसके 8 फायदे और प्रयोग

सड़कों के किनारे, पोखरों, तालाबों के किनारे आपने कुश घास को देखा होगा। कुश भारत के खुले मैदानों में पाई जाने वाली घास है। यह केवल घास नहीं बल्कि भारत में इसका धार्मिक महत्त्व भी है। यह एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जिसका उपयोग शरीर के कई रोगों को खत्म करने में किया जाता है। तो वहीं, कुश व्यापार का भी एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। कुश से चटाई भी बनती है। राष्ट्रीय समाज एवं धर्मार्थ सेवा संस्थान के आयुर्वेदाचार्य डॉ. राहुल चतुर्वेदी ने कुश घास के कई फायदे बताए। उन्होंने बताया कि प्राचीन समय में इस घास की चाय बनाई जाती थी। जो मस्तिष्क के लिए बहुत फायदेमंद थी। यह चाय फेफड़ों आदि के लिए भी बेहतर थी। इसका उपयोग आज भी किया जाता है। कुश महिलाओं के रोग जैसे ल्यूकोरिया में भी फायदेमंद है। आयुर्वेद एक ताकतवर औषधी है, अगर लोगों को इसकी समझ और सही उपयोग मालूम हो तो कई रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है। जब तक मेडिकल साइंस विकसित नहीं हुई थी, तब तक हमारे ऋषि मुनि इसी आयुर्वेद का सहारा लेकर ठीक होते थे। दूसरा कोरोनाकाल में आयुर्वेद की अहमियत और बढ़ी। आज हम आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी कुश के फायदे और उपयोग के बारे में जानेंगे।

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कुश की पहचान

कुश को कुशा, कुस, बिख दाब, यज्ञभूषण आदि विभिन्न भाषाओं में विभिन्न नामों से जाना जाता है। कुश के पत्ते लंबे होते हैं। इसके पत्ते साइड से थोड़े कांटेदार होते हैं। अगर सावधानी से उनपर हाथ न रखा जाए तो हाथ पर खरोच आ सकती है। इन्हीं पत्तों के पतले डंडे सरकंडे कहलाते हैं। इन सरकंडों का उपयोग कलम बनाने में भी किया जाता है। इसकी जड़ भी बहुत उपयोगी है। कुश का तेल भी निकाला जाता है। इस प्रकार इसे पंचांग कहा जाता है। जैसे तुलसी के पांचों हिस्से उपयोग में लाए जाते हैं, ठीक वैसे ही कुश के भी पांचों अंगों उपयोग में लाए जाते हैं।

कुश के फायदे और उपयोग

1. फेफड़ों के लिए फायदेमंद

कुश के पत्ते फेफड़ों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। इनके पत्तों की चाय बनाकर पीने से फेफड़ों के रोग समाप्त होते हैं। पत्तों का काढ़ा बनाकर भी उपयोग में लाया जा सकता है। इसकी चाय फेफड़ों के लिए भी फायदेमंद है। यह शरीर में रक्त संचार को ठीक करती है। आयुर्वेदाचार्य राहुल चतुर्वेदी का कहना है कि प्राचीन समय में हमारे बुजुर्ग इसकी चाय पिया करते थे, जिससे शरीर के कई रोग समाप्त होते थे।

2. सर्दी-जुकाम में दे राहत

बदलते मौसम के साथ सर्दी-जुकाम आम बीमारी है। केवल बदलता मौसम ही नहीं बल्कि सर्दी-जुकाम किसी भी कारण से हो सकता है। ये दोनों ही परेशानियां दुखदायी होती हैं। जुकाम के साथ पूरा गला और सिर दर्द करने लगता है। आयुर्वेदाचार्य राहुल चतुर्वेदी का कहना है कि जिन लोगों को सर्दी जुकाम जल्दी हो जाता है या ज्यादा समय परेशान रहते हैं, उन लोगों को कुश के पत्तों को उबालकर पानी पीना चाहिए। इससे परेशानी में आराम मिलता है।

3. पेट की गैस से दिलाए राहत

बिगड़ते खानपान और नियमित व्यायाम की कमी की वजह से पेट के रोग पनपते हैं। गैस आजकल एक आम बीमारी है। इससे बचने के लिए लोग ज्यादातर समय दवाएं खाते रहते हैं। इसका उल्टा असर भी हो जाता है। उनकी सेहत पर इन दवाओं का नकारात्मक असर पड़ता है। लेकिन आयुर्वेद में इतनी चीजें हैं, जिनका नुकसान कम है। जो पेट की गैस से परेशान हैं वे कुश घास के चूर्ण का सेव कर सकते हैं। एक चम्मच चूर्ण रोज खाया जा सकता है।

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4. पेशाब संबंधी परेशानियों को करे दूर

पेशाब का रुक-रुक कर आना, पेशाब करते समय जलन होना, पेशाब ठीक से न आना, आदि कई परेशानियां हैं, जो पेशाब से संबंधित हैं। इन परेशानियों से बचने के लिए कुश की जड़ों का काढ़ा बनाकर पीने से समस्या में आराम मिलता है। पेशाब संबंधी परेशानियां कई बार किसी इंफेक्शन की वजह से भी होती हैं, अगर आपको भी ऐसी परेशानियां हो रही हैं तो उन्हें नजरअंदाज न करें। आपका नजरअंदाज करना आपकी छोटी परेशानी को और बढ़ा सकता है। इसलिए समय रहते किसी अच्छे आयुर्वेदिक चिकित्सक से मिलें।

5. सफेद पानी में फायदेमंद

महिलाओं को सफेद पानी की समस्या अक्सर होती है। इस परेशानी को शुरुआत में नजरअंदाज करने पर परेशानी बढ़ जाती है। फिर यह सफेद पानी अलग-अलग रूपों में दिखने लगता है। कई बार गाढ़ा पीला, कई बार दूधिया सफेद आदि। इन रंगों के बदलने से आपको चिकित्सक की जरूरत है। सही समय पर इंफेक्शन का इलाज होने पर परेशानी से बचा जा सकता है। कुश की जड़ों का काढ़ा बनाकर पीने महिलाओं को सफेद पानी की परेशानी से आराम मिल सकता है।

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6. मोटापा कम करने में मददगार

आजकल मोटापा एक महामारी बन गया है। इसे कम करने को लेकर तमाम तरह की दुकानें खुल गई हैं। लोगों से खूब पैसा लिया जाता है। कई बार उन्हें ठगा भी जाता है। तो अगर आप भी अपने वजन से परेशान हैं तो कुश आपके लिए बहुत फायदेमंद है। कुश की जड़ आंवला का काढ़ा और सांवा के चावलों से बना जूस पीने से मोटापे में कमी आती है। तो वहीं, कुश की जड़ों का चूर्ण खाने से भी मोटापा कम होता है।

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7. दिल को रखे दुरुस्त

आजकल के बदलते लाइफस्टाइल के कारण दिल की बीमारियां भी बढ़ रही हैं। इन बीमारियों से निपटने के लिए तमाम तरह के इलाज भी किए जा रहे हैं। लेकिन दिल की समस्याएं इसलिए ज्यादा बढ़ रही हैं क्योंकि लोगों में तनाव ज्यादा बढ़ गया है। जिंदगी पहले से ज्यादा मुश्किल हो गई है। पहले जीवन जितना सरल था आज उतना ही कठिन है। इस कठिनता में खुद को स्वस्थ रखने के लिए आप आयुर्वेद का सहारा ले सकते हैं। कुश का सेवन करने से कोलेस्ट्रोल की मात्रा ठीक रहती है। इस प्रकार कुश दिल को दुरुस्त रखने में मदद करता है। 

8. शुगर को करे कंट्रोल

शुगर को नियंत्रित रखने में भी कुश घास (Kush grass) का फायदा है। कुश में एंटी-डायबिटिक गुण पाए जाते हैं, जिससे शुगर नियंत्रित रहता है। आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का सही उपयोग आपको निरोग रखने में बहुत मददगार है। 

कुश एक आयुर्वेदिक घास होने के साथ-साथ एक जड़ी बूटी भी है। इसके उपयोग से शरीर के कई रोग समाप्त होते हैं। लेकिन ध्यान यह रखना है कि अगर समस्या बड़ी है तो डॉक्टरी सलाह अवश्य लें।

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