मौसम में बदलाव के साथ फॉलो करें ये 5 आयुर्वेदिक टिप्‍स, नहीं होंगे सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर

मौसम बदलने के साथ आपको एलर्जी, खांसी, जुकाम और यहां तक कि बुखार भी हो सकता है। इसके बचने के कुछ आयुर्वेदिक उपाय यहां दिए गए हैं।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Feb 19, 2020
मौसम में बदलाव के साथ फॉलो करें ये 5 आयुर्वेदिक टिप्‍स, नहीं होंगे सर्दी-जुकाम और वायरल फीवर

क्या आपको मौसम बदलने के साथ एलर्जी, सर्दी और बुखार हो जाता है? चिंता न करें, मौसमी बदलाव के समय इस समस्या का सामना करने वाले आप अकेले नहीं हैं। कई लोग हैं जो मौसम में बदलाव के साथ बुखार, सर्दी, खांसी और फ्लू से ग्रसित हो जाते हैं। जाती हुई सर्दी और आती हुई गर्मी (मार्च-अप्रैल) में दिन और रात के तापमान में काफी अंतर होता है। तापमान के इस अंतर के कारण शरीर कई बार संक्रमण का शिकार हो जाता है। यह वास्तव में एलर्जी, खांसी और सर्दी का मौसम है। विशेषज्ञों की मानें तो आपके शरीर पर मौसम के बदलाव का सीधा असर पड़ता है। आयुर्वेद में इससे बचाव के उपाय बताए गए हैं। 

बीमार पड़ने से बचने के लिए डाइट टिप्स

1. विटामिन सी का सेवन बढ़ाएं

यह आपके विटामिन सी का सेवन करने का सही समय है। विटामिन सी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट है जो आपके इम्‍यून सिस्‍टम को मजबूत करता है। यह आपके शरीर में हानिकारक बैक्टीरिया से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है। विटामिन सी की कमी से आपको सर्दी और फ्लू जैसे मौसमी संक्रमणों का खतरा होता है। इसलिए, विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों जैसे संतरे, बेल मिर्च, अंगूर, कीवी, अमरूद, कैंटालूप और स्ट्रॉबेरी से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें।

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2. कुछ मसाले भी मदद कर सकते हैं

हल्दी, अदरक, लहसुन, अजवायन, दालचीनी, लौंग, जीरा, तुलसी और पुदीना जैसे मसाले सभी बीमारी को दूर रखने में मदद कर सकते हैं। जड़ी बूटी एंटीऑक्सिडेंट और फाइटोन्यूट्रिएंट्स से युक्‍त होती हैं, जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को सकारात्मक रूप से समर्थन करती है। मौसम परिवर्तन के दौरान एक गिलास गुनगुना हल्दी दूध आपकी प्रतिरक्षा के लिए बेहतरीन पेय है। अन्य जड़ी बूटियों को चाय, सूप, सलाद में शामिल किया जा सकता है। 

3. अधिक नट्स खाएं

नट्स सबसे अधिक पौष्टिक खाद्य पदार्थों में से एक हैं। इसे वजन घटाने के आहार में भी शामिल किया जा सकता है। बादाम, अखरोट और पिस्ता कई नट्स में से कुछ हैं जो मौसम के बदलाव के दौरान आपकी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं। ये नट्स विटामिन ई से भरपूर होते हैं, जो विटामिन सी की तरह ही एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। यह एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों को भी प्रदर्शित करता है और पुरानी बीमारियों को दूर रखने में मदद करता है।

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4. अपने आहार में पत्तेदार हरी सब्जियों को शामिल करें

पालक, सरसों के पत्ते, मेथी के पत्ते और बथुआ को अपने आहार में शामिल करने का यह सही समय है। पत्तेदार हरी सब्जियां बीमारियों को ध्यान में रखते हुए आपकी प्रतिरक्षा को बढ़ाने के लिए उत्कृष्ट हैं। ये सब्जियां विटामिन, खनिज और फाइबर से भरपूर होती हैं, जो आपको कल्पना से अधिक लाभ पहुंचाती हैं। आप ग्रीन स्मूदी, सूप, स्टॉज या सलाद का विकल्प चुन सकते हैं।

5. ग्रीन टी पिएं

ग्रीन टी एंटीऑक्सिडेंट पॉलीफेनोल्स से भरपूर होती है जो इसे मौसमी परिवर्तनों से जूझने के लिए एक आदर्श औषधि बनाती है। ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन (एक प्रकार का पॉलीफेनोल) आम फ्लू वायरस के खिलाफ बेहद प्रभावी है। 

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बीमार पड़ने से बचने के लिए डाइट प्‍लान 

आप सुबह की शुरुआत मुट्ठी भर नट्स (बादाम, अखरोट) के साथ कर सकते हैं। नाश्ते में हरी सब्जियां, फल, चिया सीड्स, मल्‍टीग्रेन ब्रेड और स्‍मूदी ले सकते हैं। दोपहर के खाने में 1 संतरा या सेब या अनार ले सकते हैं। मिक्‍स वेज, सलाद, रायता और रोटी भी खा सकते हैं। शाम के स्‍नैक्‍स में ग्रीन टी, भुना चना आदि ले सकते हैं। रात के खाने में 1 कटोरी सब्जी का सूप।

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