बहुत मूडी और गुस्से वाला है आपका बच्चा तो इन 5 टिप्स से करें उसके व्यवहार में परिवर्तन, शांत होने लगेगा स्वभाव

अगर आपका बच्चा मूडी है और अक्सर गुस्सा और जिद करता है, तो आप उसके स्वभाव को शांत बनाने के लिए इन 5 टिप्स की मदद ले सकते हैं।

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavPublished at: Aug 01, 2020Updated at: Aug 01, 2020
बहुत मूडी और गुस्से वाला है आपका बच्चा तो इन 5 टिप्स से करें उसके व्यवहार में परिवर्तन, शांत होने लगेगा स्वभाव

गुस्सा हमारे स्वभाव का हिस्सा होता है। गुस्सा एक तरह का एक्सप्रेशन है, जो हम तब देते हैं, जब कोई चीज हमारे मन मुताबिक न हो या हमें बहुत अधिक परेशान कर रही हो। बच्चों का मन चंचल होता है, इसलिए जिद और गुस्सा उनमें अक्सर पाया जाता है। लेकिन कुछ बच्चों को सामान्य से ज्यादा गुस्सा आता है। ऐसे बच्चे बहुत ज्यादा जिद्दी होते हैं और बहुत परेशान करते हैं। खासकर टीनएज में बच्चों को अपने मां-बाप और बड़ों पर कई बार गुस्सा आता है। अगर आपका बच्चा भी मूडी है और उसे भी बात-बात गुस्सा आता है या वो मुंह फुला लेता है, तो हम आफको बता रहे हैं 5 ऐसे टिप्स, जिनकी मदद से आपके बच्चे के स्वभाव में कुछ सप्ताह में ही परिवर्तन आने लगेगा। इससे आपके बच्चे का गुस्सा तुरंत शांत हो जाएगा और स्वभाव भी शांत होने लगेगा।

angry kids

बच्चे की जिद या गुस्से पर आप गुस्सा न करें

अक्सर बच्चा जब जिद करता है या गुस्सा करता है, तो मां-बाप उल्टा उस पर और अधिक गुस्सा करके उसके गुस्से को दबा देते हैं। छोटे बच्चों में ये ट्रिक काम कर जाती है। मगर टीनएज (13 साल से 18 साल की उम्र के बच्चों) में ये ट्रिक काम नहीं करती है। इस उम्र में बच्चों के अंदर अलग तरह का विद्रोह होता है, जिसके कारण गुस्सा दिखाने पर वो कई बार कुछ गलत कदम उठा सकते हैं, घर के सामानों को या स्वयं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए बच्चा अगर गुस्सा करे, तो उस पर आप गुस्सा न करें।

इसे भी पढ़ें: अपने बच्चों से कभी न कहें ये 5 बातें, उनके दिमाग पर बुरा असर डालती हैं आपके द्वारा कही गई ये 5 बातें

बच्चे से प्यार से बोलें और समझाएं

अगर बच्चा गुस्सा करता है, तो उसे प्यार से बात करें। अगर जिद करता है, तो शांत दिमाग से उसे समझाएं। अगर आपको स्वयं ऐसे समय में अपने गुस्से को कंट्रोल करना मुश्किल होता है, तो आप 1 से 10 तक गिनती गिनें। इससे आपका ब्लड प्रेशर कम होगा और गुस्सा शांत होगा। इसके बाद बच्चे से बात करें। याद रखें गुस्से पर गुस्सा दिखाने से बगावत का स्वभाव पैदा होगा। लेकिन गुस्से पर प्यार दिखाने से आप अपने बच्चे को धीरे-धीरे कंट्रोल कर सकते हैं।

बच्चे को 20 सेकेंड तक गले से लगाए रखें

'मुन्नाभाई एमबीबीएस' फिल्म में आपने 'जादू की झप्पी' का असर देखा होगा। फिल्मों से अलग रियल लाइफ में भी ये जादू की झप्पी बहुत काम आती है। एक रिसर्च के अनुसार ह्यूमन टच (मानवीय स्पर्श) में क्रोध को शांत करने का बहुत गजब का गुण होता है। इसलिए अगर आपका बच्चा जिद करता है, गुस्सा करता है या उसका मूड खराब है, तो आप उसे अपने पास बुलाएं या उसके पास जाएं और 20 सेकेंड तक उसे अपने गले से लगाकर रखें। इसके बाद उसे समझाएं। आप देखें कि ये ट्रिक काम कर रही है।

moody kids

अपने एक्सप्रेशन पर ध्यान दें

आप एक छोटी सी प्रैक्टिस शुरू कर दें और आपके बच्चे के स्वभाव में परिवर्तन आने लगेगा। अधिकांश मां-बाप अपने बच्चे से विशेष मौकों पर ही प्यार से बता करते हैं। ऐसा नहीं है कि बाकी के समय वो उन्हें चिल्लाते-डांटते रहते हैं, बल्कि होता यह है कि ज्यादातर समय मां-बाप का व्यवहार बच्चों के प्रति सामान्य होता है। आपको करना ये है कि आप जब भी बच्चे को कोई काम कहें, वो स्वयं कोई काम करे या फिर सुबह उठने के बाद जब आपकी बच्चे से पहली नजर मिले, तो आप उससे बहुत प्यार और उत्साह के साथ बात करें। अच्छा काम करने पर उसकी तारीफ करें। इससे बच्चे के स्वभाव में परिवर्तन आने लगेगा और उसका स्वभाव शांत होगा।

इसे भी पढ़ें: धमाचौकड़ी मचाने वाले हाइपर एक्टिव बच्चों को शांत करने के लिए अपनाएं ये 5 उपाय, आप भी रहेंगे रिलैक्स

बच्चे को छोटे फैसले स्वयं करने दें

कई बार बच्चे जब हर बात के लिए आप पर निर्भर करते हैं, तभी वो जिद पूरी न होने पर आप पर गुस्सा भी दिखाते हैं। इसलिए बचपन से ही आपको अपने बच्चे की परवरिश इस तरह करनी चाहिए कि अपने रोजमर्रा के छोटे-छोटे फैसलों को वो स्वयं तय करे। हालांकि आपको इसके लिए एक सीमा रेखा खींचनी पड़ेगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बच्चा कौन से फैसले अपने से कर सकता है और कौन से फैसलों में उसे आप से पूछने की जरूरत है। बच्चों को धीरे-धीरे जिम्मेदार बनाने से वो समझदार होते हैं और उनके स्वभाव में गंभीरता आती है। इसके अलावा मां-बाप का इस तरह से भरोसा मिलने से बच्चे का आत्मविश्वास भी बढ़ता है।

Read More Articles on Tips for Parents in Hindi

Disclaimer