चाइल्ड बर्थ एजुकेशन का क्या महत्व है

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Jun 10, 2013
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Quick Bites

  • बच्‍चे के जन्‍म की शिक्षा की आवश्‍यकता महिला और पुरुष दोनों को होती है।
  • प्रसव कक्षायें गर्भवती महिला को बच्‍चे के जन्‍म की योजना बनाने में भी मदद करती हैं।
  • चाइल्‍ड बर्थ की शिक्षा लेने के बाद मां और बच्‍चे के स्‍वास्‍थ्‍य में बदलाव देखा गया।
  • बच्‍चे के जन्‍म से संबंधित शिक्षा में भाग लेने के दौरान सारे जरूरी टेस्‍ट करवाते रहिए।

बच्‍चे के जन्‍म से पहले मां को कई तरह की तैयारियां करनी पड़ती हैं। कुछ महिलायें बाकायदा इसके लिए ट्रेनिंग भी लेती हैं। जो महिलायें पहली बार गर्भधारण करती हैं चाइल्‍ड बर्थ एजुकेशन उनके लिए काफी मददगार साबित हो सकती है। बच्‍चे की देखभाल करना आसान नहीं होता। उसका काफी ध्‍यान रखना पड़ता है। हल्‍की सी गलती से बच्‍चा बीमार पड़ सकता है। आजकल बच्‍चों की देखभाल के बारे में सही और वैज्ञानिक जानकारी देने के लिए कई एजुकेशन सेंटर भी खुल गये हैं। आइये हम आपको बताते हैं कि चाइल्‍ड बर्थ एजुकेशन का क्‍या महत्त्‍व है।

 

[इसे भी पढ़ें : बच्‍चों की देखभाल के टिप्‍स]


चाइल्‍डबर्थ एजूकेशन मदद कैसे करता है

बच्‍चे के जन्‍म से संबंधित जानकारी महिलाओं को बहुत मदद करती है। इन कक्षाओं में महिलाओं को गर्भावस्‍था और बच्‍चों की देखभाल से सबंधित सभी विषयों की जानकारी दी जाती है। गर्भ में भ्रूण का विकास कैसे होता है, गर्भावस्‍था के दौरान किसी महिला को कितनी मुश्किलें होती हैं। गर्भावस्‍था की जटिलताओं से कैसे निपटा जा सकता है, प्रेग्‍नेंसी के दौरान कौन सा व्‍यायाम ज्‍यादा फायदेमंद होता है, आदि सभी बातें महिलाओं के लिए लाभप्रद होती हैं।  

प्रसव कक्षायें गर्भवती महिला को बच्‍चे के जन्‍म की योजना बनाने में भी मदद करती हैं। इनके जरिये महिला बच्‍चे और उसके स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़े हर पहलु के बारे में विस्‍तार से जानकारी प्राप्‍त कर सकती है। इन जानकारियों की मदद से बच्‍चे के लालन-पालन में आसानी होती है।

 


बच्‍चे के जन्‍म की शिक्षा और प्रसूति के परिणाम के बीच सम्‍बन्‍ध

चाइल्‍ड बर्थ की शिक्षा लेने के बाद मां और बच्‍चे के स्‍वास्‍थ्‍य में बदलाव देखा गया। प्रसव की शिक्षा लेने के बाद महिला के अंदर बच्‍चे को संभालने के तरीके पता थे जिससे बच्‍चे की देखभाल करने में मां को ज्‍यादा दिक्‍कत नही होती थी। पेरीनेटल एजुकेशन नामक पत्रिका में छपे एक अध्‍ययन के अनुसार महिलाओं को इन कक्षाओं का काफी लाभ होता है। इसमें 207 गर्भवती महिलाओं को दो समूहों बांटा गया। इनमें से 114 महिलाओं ने चाइल्‍डबर्थ क्‍लासेज में हिस्‍सा लिया, जबकि 93 महिलायें किसी कक्षा में शामिल नहीं हुईं। लगभग 7 महीने बाद दोनों समूहों की महिलाओं की समीक्षा की गई। जिन महिलाओं ने क्‍लासेज में रुचि दिखाई उनको प्रसव और बच्‍चे की शुरूआती देखरेख में दिक्‍कत नही हुई, जबकि क्‍लासेज न करने वाली महिलाओं को डिलीवरी में परेशानी हुई और वे बच्‍चे की सही तरह से देखभाल भी नही कर पाती थीं।

 

[इसे भी पढ़ें : गर्भावस्‍था के दौरान कैसे रहें फिट और सुरक्षित]



पिता के लिए चाइल्‍डबर्थ शिक्षा का महत्‍व

बच्‍चे को पैदा करने की जिम्‍मेदारी केवल मां की है लेकिन पुरुषों का भी इसमें बहुत सहयोग रहता है, इसलिए बच्‍चे के जन्‍म की शिक्षा की जितनी आवश्‍यकता महिला को उतनी ही पुरुष को भी। गर्भधारण करने के बाद से बच्‍चे के पालन-पोषण तक बच्‍चे की देखभाल में पुरुष अपने पार्टनर का साथ देता है। इसकी कक्षायें बहुत आसानी से की जा सकती हैं, इसके लिए बहुत कम समय भी लगता है। आप सप्‍ताह में 2-3 घंटे की एक क्‍लास करके इसका फायदा उठा सकते हैं।


बच्‍चे के जन्‍म से संबंधित शिक्षा में भाग लेने के दौरान सारे जरूरी टेस्‍ट करवाते रहिए। यदि कोई समस्‍या हो तो अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क कीजिए।

 

Image Source - Getty Images

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इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

टिप्पणियाँ
  • manisha11 Jun 2013

    childbirth se pahle agar education le li jaye to parenting me dikkat nhi hoti hai, bahut hi achha article hai ye...

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