एरोबिक्‍स क्‍या है

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 18, 2011
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Quick Bites

  • इस व्यायाम को निम्न स्तर से मध्यम स्तर की इंटेसिटी पर किया जाता है।
  • एक एरोबिक क्लास करीब 45 मिनट से 1 घंटे की अवधि का होना चाहिए।
  • एरोबिक्स की क्लास एक हफ्ते में 5 से 6 दिन होनी चाहिए।
  • जिसमे से 3 से 4 दिन कार्डियो-रेस्पिरेटरी कंडीशनिंग के प्रति समर्पित होने चाहिए।

शरीर की मांसपेशियों के बड़े समूहों में टांगों, जांघों और हिप्स की मांसपेशियां शामिल हैं। इस व्यायाम को निम्न स्तर से मध्यम स्तर की इंटेसिटी पर किया जाता है। इस व्यायाम की अवधि कम से कम 20 मिनट या उससे अधिक होती है।

 

Aerobics In Hindi

 

 

दौडना, जोगिंग करना, सायकल चलाना, सीढियां चढ़ना, रस्सी कूदना और एरोबिक्स क्लासेस, ये सभी एरोबिक गतिविधियों के उदाहरण हैं। इन सारी गतिविधियों की वज़ह से ह्रदय, रक्त धमनी और फेफड़ों को आक्सीजन युक्त रक्त को कार्य संपन्न करनेवाली मांसपेशियों तक पहुंचाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इसका नतीजा यह होता है कि कार्डीओवैस्क्यलर (ह्रदयवाहिनी) और रेस्परटॉरी (श्वाश प्रस्वाश संबंधी) तंत्र अधिक मज़बूत और कुशल बन जाते हैं। वैसे एरोबिक्स से संबंधित व्यायाम अतिरिक्त वसा को गलाने के लिए सबसे बढ़िया रास्ते हैं।



एक एरोबिक क्लास में एक प्रशिक्षित इन्स्ट्रक्टर एक ख़ास संगीत पर एक समूह को व्यायाम सिखाता है। वह इन्स्ट्रक्टर उस ख़ास संगीत को ध्यान में रखकर नृत्य शैली में निर्देशित किए गए अनेक मूवमेंट्स को पार्टिसपन्टस को सिखाता है। वर्काउट (कसरत) की इंटेसिटी को अक्सर संगीत और कोरियोग्राफड मूवमेंट पैटर्न द्वारा नियंत्रित किया जाता है। हर एरोबिक्स इन्स्ट्रक्टर के पास अपनी क्लास के लिए उनके खुद के दृष्टिकोण के अनुसार एक अलग फोर्मेट होता है।

 

 

Aerobics In Hindi

 



आम तौर पर एक एरोबिक क्लास करीब 45 मिनट से 1 घंटे की अवधि का होना चाहिए। क्लास की शुरूआ़त 5 से 10 मिनट के वार्मअप और स्ट्रेचिंग के साथ होना चाहिए, जिससे कि आगे कम से कम 20 से 45 मिनट तक किए जानेवाले वर्काउट के लिए तैयारी हो जाती है। अंत में फिर से 5 से 10 मिनट के कूल डाउन और स्टेटिक स्ट्रेचिंग के एक व्यायाम को जोड़ा जाता है, जिससे कि शरीर को उत्तेजित स्थिति से धीरे धीरे बाहर निकालने में और कसरत के पूर्व की स्थिति को फिर से पाने में मदद मिलती है। एरोबिक्स की क्लास एक हफ्ते में 5 से 6 दिन होनी चाहिए, जिसमे से 3 से 4 दिन कार्डियो-रेस्पिरेटरी कंडीशनिंग के प्रति समर्पित होने चाहिए और 2 से 3 दिन शरीर के ऊपरी और निचले भाग के लिए वेट ट्रेनिंग और ‘कोर स्ट्रेंथनिंग’ के व्यायाम के प्रति समर्पित होने चाहिए। ‘फ्लेक्सिबिलिटी ट्रेनिंग’ (स्ट्रेचिंग) हर दिन की जा सकती है। इसे एक वैयक्तिक भाग के तौर पर भी किया जा सकता है। इसीलिए 5 से 6 दिनों की इस एक हफ्ते की एरोबिक्स क्लास आपकी कार्डियो-रेस्पिरेटरी, मस्क्यूलर और फ्लेक्सिबिलिटी फिटनेस की देखभाल करती है।

 

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