गर्भावस्था टेस्ट के बारे में विस्तार से जानें

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 31, 2011
Comment

हेल्‍थ संबंधी जानकारी के लिए सब्‍सक्राइब करें

Like onlymyhealth on Facebook!

Quick Bites

  • गर्भधारण के बाद गर्भवती महिला के शरीर के भीतर कई परिवर्तन होते हैं। 
  • गर्भावस्था को सुरक्षित और सामान्य बनाए रखने के लिए गर्भावस्था में टेस्ट कराएं।
  • भ्रूण के विकास को जानने के लिए गर्भावस्था टेस्ट नियमित रूप से कराना जरूरी होता है।
  • डॉक्टर की सलाहानुसार हर वो जांच और परीक्षण कराएं जिसकी डॉक्टर ने सलाह दी है। 

कोई भी महिला जब गर्भधारण करती है तो यह उसके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण पलों में से एक होता है। गर्भधारण के बाद गर्भवती महिला के शरीर के भीतर कई परिवर्तन होते हैं, जिन्हें समझना किसी भी महिला या अन्य व्यक्ति के लिए बहुत मुश्किल होता है। ऐसे में गर्भावस्था को सुरक्षित और नॉर्मल बनाए रखने के लिए गर्भावस्था में टेस्ट करवाना जरूरी हो जाता है। हालांकि घर पर गर्भावस्था परीक्षण किया जा सकता है लेकिन सकारात्मक गर्भावस्था टेस्ट‍ डॉक्टर्स से कराना सही रहता है। आइए जानें कुछ और बातें गर्भावस्था टेस्ट के बारे में।

 

  • गर्भावस्था के दौरान होने वाले आंतरिक परिवर्तनों और भ्रूण के विकास को जानने के लिए गर्भावस्था टेस्ट नियमित रूप से कराना जरूरी होता है।
  • गर्भावस्था टेस्ट इसीलिए भी जरूरी है ताकि भ्रूण विकास और आंतरिक रूप से होने वाले परिवर्तनों में किसी तरह के विकार या गड़बड़ी का समय से पहले ही निदान और उपचार किया जा सके।

 

 

 

  • गर्भधारण के पश्चात् डॉक्टर की सलाहानुसार हर वो जांच और परीक्षण कराएं जिसकी डॉक्टर ने सलाह दी है, इससे लगातार शरीर के भीतर होने वाले परिवर्तनों पर निगरानी रखना आसान होता है।
  • गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से किए जाने वाले विभिन्न परीक्षणों में मूलतः रक्त और मूत्र की जांच की जाती है, जिनके माध्यम से शरीर में होने वाले भौतिक और रासायनिक परिवर्तनों को आसानी से देखा और समझा जा सकता है। 
  • होने वाले बच्चे के विकास, उसकी स्थिति और लिंग इत्यादि की जांच सोनोग्राफी के माध्यम से की जाती है। सोनोग्राफी के द्वारा भ्रूण के आकार और विकास को आसानी से देखा जा सकता है।
  • गर्भावस्था में टेस्ट के दौरान रक्त और मूत्र की जांचों में आमतौर पर  हीमोग्लोथबिन,एनीमिया की जांच, शुगर टेस्ट, सीरम बिलिरुबिन, सीरम क्रिएटिनीन, यूरिन टेस्ट, एचआईवी एड़स टेस्ट, एचबीएसएजी स्क्रीनिंग, ब्लड ग्रुप इत्यादि की जांच की जाती है। इसके अलावा यदि गर्भवती महिला किसी अन्य बीमारी से पहले से ही पीडि़त है तो उसकी भी पूरी जांच की जाती है ताकि बच्चे पर उस बीमारी के पड़ने वाले दुष्प्रभावों को समय से पहले रोका जा सकें।
  • गर्भावस्था के सभी टेस्ट को डॉक्टर्स की सलाह पर डॉक्टर के दिशा निर्देशों पर ही कराना आवश्यक होता है क्योंकि गर्भवती महिला और होने वाले बच्चे के स्वास्‍थ्‍य के लिए गर्भावस्था टेस्ट न सिर्फ बहुत महत्वपूर्ण होते हैं बल्कि किसी भी तरह के इंफेक्शन इत्यादि से भी बचा जा सकता है।
  • आमतौर पर गर्भधारण की पुष्टि के लिए घर पर ही गर्भधारण परीक्षण कर लिया जाता है जिससे गर्भवती महिला पुष्टि कर लेती है कि वह गर्भवती है और आगे वह डॉक्टर की सलाहानुसार अपनी व अपने होने वाले बच्चे की देखभाल करती है।
  • सकारात्मक गर्भावस्था टेस्ट में एक और महत्वपूर्ण जांच अल्ट्रा सोनोग्राफी जांच है। जिसमें होने वाले बच्चे के विकास, शारीरिक हलचल, आकार आदि के साथ ही गर्भस्थ शिशु की सुरक्षा इत्यादि के बारे में भी जांच की जा सकती है। अल्ट्रा सोनोग्राफी डॉक्टर की सलाहानुसार समय-समय पर करानी चाहिए और नौ महीने के दौरान कम से कम तीन-चार बार करानी चाहिए।
  • बड़ी उम्र में मां बनने वाली महिलाएं अकसर हाई रिस्क प्रेगनेसी के दौर से गुजरती हैं और उन्हें अतिरिक्त जांच की आवश्यकता होती है क्योंकि बड़ी उम्र में मां बन रही महिलाओं के बच्चों में अस्वस्थ होने की संभावना अधि‍क होती है। आमतौर पर हाई रिस्क प्रेगनेंसी के दौरान ट्रिपल मार्कर परीक्षण किया जाता है ताकि बच्चे के भविष्य में होने वाली बीमारियों का पता लगाकर उसके निवारण के उपाय किए जा सकें।




गर्भधारण करने वाली महिलाओं को अपने होने वाले बच्चे को और खुद को स्वस्थ‍ रखने के लिए डॉक्टर के कहे अनुसार समय-समय पर नियमित जांच और सभी गर्भावस्था टेस्ट कराने बेहद जरूरी होते है।

 


Image Source - Getty Images


Read more articles on Pregnancy Symptoms in Hindi

Write a Review Feedback
Is it Helpful Article?YES108 Votes 63880 Views 0 Comment
प्रतिक्रिया दें
disclaimer

इस जानकारी की सटिकता, समयबद्धता और वास्‍तविकता सुनिश्‍चित करने का हर सम्‍भव प्रयास किया गया है । इसकी नैतिक जि़म्‍मेदारी ओन्‍लीमाईहैल्‍थ की नहीं है । डिस्‍क्‍लेमर:ओन्‍लीमाईहैल्‍थ पर उपलब्‍ध सभी साम्रगी केवल पाठकों की जानकारी और ज्ञानवर्धन के लिए दी गई है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्‍सक से अवश्‍य संपर्क करें। हमारा उद्देश्‍य आपको रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी मुहैया कराना मात्र है। आपका चिकित्‍सक आपकी सेहत के बारे में बेहतर जानता है और उसकी सलाह का कोई विकल्‍प नहीं है।

संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर