चिकनगुनिया में जोड़ों का दर्द

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Aug 08, 2013
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Quick Bites

  • चिकनगुनिया का असर लंबे समय तक होता है।
  • इस बीमारी के चलते जोड़ों में तेज दर्द होता है।
  • हाथों और पैरों के जोड़ों में सबसे ज्‍यादा दर्द होता है।
  • स्‍वस्‍थ आहार लें, जिसमें फल और सब्जियां शामिल हो।

चिकनगुनिया भले ही कुछ दिनों में ठीक हो जाए, लेकिन इसका असर काफी लंबे समय तक दिखायी देता है। इससे मांसपेशियों में दर्द होता है। आइए जानते हैं एक स्वस्थ व्य़क्ति को चिकनगुनिया के क्या खतरे हो सकते हैं।

joint pain in hindi
चिकनगुनिया का बुखार आमतौर पर मच्‍छर के काटने के दो से चार दिनों बाद ही अपना असर दिखाना शुरू करता है। इस बुखार से शरीर में ठंड लगती है और साथ ही कंपकपी भी छूटती है। इसके साथ ही जोड़ों में दर्द और सूजन भी होने लगती है। जोड़ों में दर्द इस बीमारी का सबसे प्रमुख लक्षण है। कई बार इस बीमारी के चलते जोड़ों में इतना दर्द होता है कि व्‍यक्ति का चलना-फिरना मुहाल हो जाता है।

चिकनगुनिया में हाथों और पैरों और की उंगलियों के जोड़ों में सबसे अधिक दर्द होता है। साथ ही ये जोड़ों में सूजन भी रह सकती है। उंगलियों के अलावा कलाई, कोहनी और कूल्‍हों में भी काफी पीड़ा हो सकती है। चिकनगुनिया के चलते मरीज के पूरे शरीर में दर्द की शिकायत रह सकती है। कई बार दर्द इतना बढ़ जाता है कि रोगी किसी भी प्रकार की शारीरिक गतिविधि करने में असक्षम हो जाता है। इसके कारण कई बार लोगों को अपने काम से भी काफी छुट्टियां लेनी पड़ती हैं और अनेक बार इसका असर उनकी आर्थिक स्थिति पर भी पड़ता है।

बच्‍चों और गर्भवती महिलाओं पर असर

जहां तक बच्‍चों की बात है, उन्‍हें जोड़ों में हल्‍के दर्द का सामना करना पड़ता है। हालांकि, उन्‍हें उल्‍टी और पेट की मांसपेशियों में दर्द जैसी सामान्‍य समस्‍याओं से दो-चार होना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं के साथ सबसे बड़ा खतरा यह होता है कि यह बीमारी उनके जरिये भ्रूण को भी प्रभावित कर सकती है। इसके साथ ही चिकनगुनिया के कारण उन्‍हें प्रसव में भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। विशेषतौर पर अगर गर्भावस्‍था के अंतिम चरण में महिला को यह बीमारी हो जाती है जिसके कारण उसे सीजेरियन भी करवाना पड़ सकता है।

नवजात शिशुओं और वृद्धों पर प्रभाव

नवजात शिशुओं और बहुत अधिक उम्र के लोगों के लिए तो यह बीमारी कई बार जानलेवा भी हो सकती है। वे लोग जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है उन्‍हें अस्‍पताल में भी भर्ती होना पड़ सकता है।

कब तक रहता है दर्द

चिकनगुनिया में जोड़ों का दर्द आमतौर पर एक से दो सप्‍ताह तक रहता है। लेकिन, कई मामलों में यह परेशानी महीनों यहां तक कि वर्षों तक रह सकती है। चिकनगुनिया के इंफेक्‍शन के दस में से करीब एक मामला इतनी गंभीर स्थिति तक पहुंच सकता है।

कई बार चिकनगुनिया के कारण होने वाले दर्द को रियूमाटाइड अर्थराइटिस समझ लिया जाता है। कुछ शोध इस बात को प्रामाणित कर चुके हैं चिकनगुनिया में होने वाले जोड़ों के दर्द का इलाज रियूमाटाइड अर्थराइटिस से अलग होना चाहिए।

चिकनगुनिया में होने वाले जोड़ों से दर्द में राहत

चिकनगुनिया का अभी तक कोई इलाज नहीं है। इसके इलाज का मुख्‍य उद्देश्‍य बुखार और दर्द का सही प्रबंधन करना होता है। चिकनगुनिया के कारण होने वाले जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए आयुर्वेदिक व होम्‍योपैथी का सहारा भी लिया जा सकता है।

दर्द से उबरने के तरीके

चिकनगुनिया के दर्द को कम करने के लिए जरूरी है कि एक स्‍वस्‍थ जीवनशैली अपनायी जाए। एक स्‍वस्‍थ आहार जिसमें फल और सब्जियों की मात्रा अधिक हो आपके लिए काफी मददगार साबित हो सकता है। इसके साथ ही रोगी को इस बीमारी के दुष्‍प्रभाव को दूर करने के लिए पर्याप्‍त मात्रा में आराम करने की भी सलाह दी जाती है।

इस लेख से संबंधित किसी प्रकार के सवाल या सुझाव के लिए आप यहां पोस्‍ट/कमेंट कर सकते हैं।

Image Source : Getty

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