पुरुषों में होती है गाइनेकोमेस्टिया बीमारी, जानें इसके लक्षण, कारण और बचाव

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Mar 05, 2018
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Quick Bites

  • गाइनेकोमेस्टिया के कारण हो सकता है स्‍तन कैंसर।
  • पुरुषों में यह बीमारी हार्मोन बदलाव के कारण होती है।
  • 50 साल के बाद पुरुषों में अधिक होती है यह समस्‍या।

पुरुषों में जब स्‍तन के ऊतकों में सूजन आती है तब उस स्थिति को गाइनेकोमेस्टिया कहते हैं। यह पुरुषों की सामान्‍य बीमारी है जो टेस्‍टोस्‍टेरॉन और एस्ट्रोजेन हार्मोन में गड़बड़ी होने की वजह से होता है। गाइनेकोमेस्टिया की वजह से ब्रेस्‍ट कैंसर हो सकता है। कई शोधों में यह बात सामने आयी है।  इस बीमारी में भी स्‍तनों में अनियंत्रित रूप से ऊतकों में वृद्धि होती है। गाइनेकोमेस्टिया के लिए काफी हद तक आनुवांशिक कारण जिम्‍मेदार होते हैं। लेकिन यदि यह समस्‍या यदि आनुवांशिक न हो तो कुछ बातों को ध्‍यान में रखकर इससे बचाव किया जा सकता है।

 

क्‍या है गाइनेकोमेस्टिया

पुरुषों में होने वाली यह बीमारी हार्मोन में गड़बड़ी के कारण होती है। गाइनेकोमेस्टिया होने पर पुरुषों के स्‍तनों में बढ़ोतरी हो जाती है। यह एक या दोनों स्‍तनों को प्रभावित कर सकता है। जब‍ बच्‍चे बड़े होते हैं यानी युवावस्‍था में आते हैं तब भी यह समस्‍या हो सकती है और उम्र के ढलान के समय भी पुरुष इसकी गिरफ्त में आ सकते हैं, क्‍योंकि इस दौरान हार्मोन में बदलाव होता है। हालांकि यह कोई गंभीर समस्‍या नहीं है लेकिन इस स्थिति से उबरना मुश्किल होता है। गाइनेकोमेस्टिया के कारण पुरुषों के स्‍तनों में दर्द हो सकता है। सर्जरी और दवाओं के द्वारा इसका उपचार किया जा सकता है। 

गाइनेकोमेस्टिया से बचाव 

1: उम्र का पड़ाव

गाइनेकोमेस्टिया की समस्‍या 50 साल की उम्र के बाद के लोगों में अधिक दिखाई देती है। इसके अलावा जब बच्‍चा युवावस्‍था में प्रवेश करता है तब यह समस्‍या हो सकती है। क्‍योंकि इस दौरान हार्मोन में बदलाव होता है और यह बीमारी हार्मोन में बदलाव के कारण होती है। इसलिए 50 की उम्र के बाद गाइनेकोमेस्टिया के प्रति सजग रहें, यदि आपके स्‍तनों में कोई परिवर्तन दिखे तो उसका इलाज करायें।

2: ड्रग्‍स का सेवन न करें

अफीम, चरस, हेरोइन आदि के शौकीनों को यह बीमारी हो सकती है। पिछले दिनों इस पर हुए एक शोध में भी यह बात सामने आयी। इंफॉर्मेशन नाइजीरिया की खबर के अनुसार, गांजा, भांग और चरस का इस्तेमाल करने वाले मर्दों में महिलाओं जैसे स्तन आ जाते हैं। डेट्रॉयट के एक प्लास्टिक सर्जन के अनुसार इन ड्रग्‍स का सेवन करने वाले मर्दों में स्तन आने की पूरी आशंका होती है। इसलिए इनका सेवन करने से बचें। 

3: शराब न पियें

एल्‍कोहल के शौकीनों के लिए यह बुरी खबर हो सकती है। अधिक मात्रा में शराब का सेवन करने से गाइनेकोमेस्टिया की समस्‍या हो सकती है। इसलिए शराब का सेवन अधिक न करें, यदि शराब छोड़ नहीं सकते, तो इसकी मात्रा को नियंत्रित कर दीजिए, यानी शराब का सेवन कम कर दीजिए। 

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4: दवाओं का सेवन

एंटी‍बॉयटिक दवाओं का अधिक सेवन करने से भी गाइनेकोमेस्टिया होने की संभावना बढ़ जाती है, क्‍योंकि ये आपके हार्मोन को प्रभावित करते हैं। इसलिए सामान्‍य बीमारियों के लिए एंटीबॉयटिक का सेवन बिलकुल न करें। इसके अलावा यदि आपको कोई बीमारी है और उसका इलाज चल रहा है, और इसकी वजह से आपके स्‍तनों में बदलाव हो रहा है तो चिकित्‍सक से इस बारे में सलाह कर लीजिए। 

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5: पारिवारिक इतिहास

गाइनेकोमेस्टिया आनुवांशिक बीमारी भी है, यदि आपके परिवार में यह समस्‍या किसी को हुई है तो यह आपको भी हो सकता है। इसके अलावा बच्‍चे को यह बीमारी मां के जरिये भी मिलती है। गर्भावस्‍था के दौरान हार्मोन में बदलाव होता है और इस बदलाव के कारण बच्‍चे को गाइनेकोमेस्टिया भी हो सकता है। 

6: वजन कम करें

यदि आपका वजन अधिक है तो इसके कारण गाइनेकोमेस्टिया हो सकता है, इसलिए अनचाहे फैट को शरीर से कम कीजिए। क्‍योंकि मोटापे के कारण भी पुरुषों के स्‍तनों के आसपास अतिरिकत चर्बी जमा हो सकती है और यह इस बीमारी का कारण बन सकता है।

गाइनेकोमेस्टिया के उपचार सर्जरी के जरिये हो सकता है। इसके लक्षणों को पहचानने के लिए आप अपने आप ही अपने स्‍तनों का परीक्षण कीजिए और यदि कोई बदलाव दिखे तो चिकित्‍सक से संपर्क कीजिए।

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