फटी एड़ियों से बचाव के उपाय

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Nov 28, 2012
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Quick Bites

  • फटी एड़ियों से हो सकता है संक्रमण इसलिए पैरों में बनाए रखें पर्याप्‍त नमी।
  • पैरों को साफ करने के लिए एंटी-सेप्टिक युक्‍त साबुन का इस्‍तेमाल करें।
  • पैरों की सूखी त्‍वचा को कभी भी कैंची से काटने की गलती न करें।
  • नींबू रगड़कर पैरों को बनाया जा सकता है नरम व मुलायम।

पैरों में रूखापन और खुजली काफी परेशानी दे सकती है। इनसे पैरों की खूबसूरती तो कम होती ही है साथ ही इससे एड़ियां फट भी सकती हैं। और यह सब दर्द का सबब भी बन सकता है।

फटी एडि़यों का इलाज

फिल्‍म 'पाकीज़ा' का एक मशहूर डायलॉग है, 'आपके पैर बहुत हसीं हैं, जिन्‍हें जमीं पर मत रखिए मैले हो जाएंगे।' लेकिन, हम अक्‍सर अपने पैरों की सफाई और खूबसूरती को लेकर सजग नहीं रहते। नतीजा, फटी एड़‍ियां और उनमें पनपता संक्रमण। अगर आप भी फटी एड़‍ियों से परेशान हैं तो ये उपाय आपके लिए काफी मददगार हो सकते हैं।

फटी एड़‍ियों से बचाव

  • अपने पैरों में जरूरी नरमी बनाए रखें। एक अच्छा माश्‍चराइज़र लगाने के बाद सूती मोज़े पहनें। इससे पैरों में जरूरी नमी बरकरार रहती है। आप चाहें तो वनस्पति तेल भी लगा सकती हैं। 
  • आरामदेह जूते पहनें। आपके जूते न तो अधिक टाइट होने चाहिए और न ही बहुत अधिक ढीले। सख्‍त जूते आपके पैरों के दर्द को बढ़ा सकते हैं। 
  • पैरों को साफ करने के लिए एंटी-सेप्टिक युक्‍त साबुन का इस्‍तेमाल करें। इससे आपके पैरों की सूखी त्‍वचा को तो आराम मिलेगा ही साथ ही कीटाणुओं से भी पैरों की रक्षा होगी।

  • त्‍वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए प्युमैस स्‍टोन का प्रयोग करें। यह ऐसी सख्‍त त्‍वचा को हटाने का काम करता है जो बाद में टूट सकती है। इसे इस्‍तेमाल करते हुए इस बात का ध्‍यान रखें कि आप इतनी जोर से न रगड़ें कि दर्द होने लग जाए।
  • पैरों पर कटा नीबू रगड़ने से वे नरम बने रहते हैं। हफ्ते में कम से कम एक बार अपने पैरों को नींबू से साफ करें। आप अपने पैरों को गर्म पानी के टब में भी डुबो सकते हैं जिसमे की 1 कप इप्सम नमक मिला हुआ हो।
  • अपने पैरों को गीला न रखें। पैरों को अच्‍छी तरह सुखाने के बाद उन पर कुछ लोशन लगाएं। जिससे आपके पैर मुलायम बने रहें।
  • अपनी सूखी त्वचा को कैंची से काटने को कोशिश न करें। इससे आसपास की त्‍वचा भी निकल सकती है। ऐसा करना कई बार काफी तकलीफदेह भी होता है। और साथ ही इससे त्‍वचा में संक्रमण होने का खतरा भी होता है।
  • रोजाना कम से कम आठ से दस‍ गिलास पानी पिएं। इसके साथ ही कैफीन और एल्‍कोहल से भी परहेज करें क्‍योंकि इनका अधिक सेवन शरीर में जल की मात्रा को कम कर देता है।

कभी वक्‍त की कमी तो कभी किसी अन्‍य कारण के चलते आप अपनी सूखी त्‍वचा का सही प्रकार से उपचार नहीं कर पाते हैं। कई बार यह सब करने के बाद भी अपेक्षाकृत परिणाम नहीं मिलते हैं। तो ऐसे में आपको चाहिए कि आप किसी त्‍वचा रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

 

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