बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोगों के लिए जिंक का सेवन फायदेमंद होता है। यह मानसिक विकास, मेमोरी और फोकस को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसलिए ब्रेन के लिए जिंक को सुपरफूड माना जाता है। जिंक ब्रेन हेल्थ के अलावा पाचन, मेटाबॉलिज्म और कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है। यह मिनरल इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में भी मदद करता है। जिंक की कमी से भूख कम लगना और कमजोरी जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। बच्चों में जिंक की कमी से विकास प्रभावित हो सकता है, जबकि वयस्कों में इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है। जिंक प्राकृतिक रूप से कई खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, जैसे नट्स, बीज, साबुत अनाज, दालें और डेयरी उत्पाद। इसलिए संतुलित आहार लेने से शरीर में जिंक का लेवल सामान्य बनाए रखने में मदद मिलती है। इस लेख में जानेंगे ब्रेन हेल्थ के लिए जिंक के फायदे।
1. दिमाग काे ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाता है जिंक
ब्रेन में फ्री रेडिकल्स से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस होता है जिससे ब्रेन सेल्स को नुकसान पहुंचता है। जिंक एक एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है और ब्रेन सेल्स को डैमेज से बचाता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक स्टडी के मुताबिक, जिंक, ब्रेन सेल्स को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करता है। दिमाग के सामान्य काम के लिए भी जिंक जरूरी होता है। इससे मेमोरी, सीखने की क्षमता और भावनाओं को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। जिंक की मदद से ब्रेन सेल्स का विकास होता है जो कि नई चीजें सीखने की क्षमता को बढ़ाने के लिए जरूरी है। जिंक की कमी से न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
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2. दिमाग की कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है जिंक
Neha Sinha, Nutritionist At The Nutriwise Clinic, Lucknow ने बताया कि जिंक का सेवन करने से ब्रेन में मौजूद न्यूरॉन्स के बीच कम्युनिकेशन बेहतर होता है। पर्याप्त मात्रा में जिंक लेने से दिमाग तेज होता है और उसकी कार्यक्षमता बेहतर होती है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक स्टडी के मुताबिक, जिंक न्यूरोलॉजिकल फंक्शन बनाए रखने में मदद करता है। जिंक की कमी से मेमोरी, लर्निंग और कॉग्निटिव फंक्शन कमजोर हो सकते हैं।
3. मेमोरी और सीखने की क्षमता बेहतर होती है

जिंक की कमी से मेमोरी कमजोर हो सकती है और नई चीजें सीखने में मुश्किल हो सकती है। जिंक से फोकस बेहतर होता है और मेमोरी पॉवर बढ़ती है। Science Direct की एक स्टडी के मुताबिक, जिंक न्यूरोप्लास्टिसिटी की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है। जिंक का सेवन करने से इस प्रक्रिया को सपोर्ट मिलता है और मेमोरी एवं लर्निंग क्षमता बेहतर होती है। जिंक, एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है और न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर के खतरे को कम करता है।
4. मूड बेहतर होता है और स्ट्रेस घटता है
Journal Of Neuropsychiatry के मुताबिक, जिंक का सेवन करने से मूड डिसऑर्डर दूर होता है। जिन लोगों में जिंक की कमी होती है, उनमें डिप्रेशन का खतरा हो सकता है। दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर के कंट्रोल में जिंक अहम भूमिका निभाता है। स्टडी में यह भी बताया गया कि एंटीडिप्रेसेंट उपचार के साथ जिंक सप्लीमेंट देने से डिप्रेशन के लक्षणों में सुधार देखा गया है।
जिंक के अच्छे स्रोत
- कद्दू के बीज
- बादाम, काजू और अन्य नट्स
- दालें और बीन्स
- दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स
- साबुत अनाज
- तिल
निष्कर्ष:
ब्रेन हेल्थ के लिए जिंक का सेवन फायदेमंद माना जाता है। जिंक दिमाग को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाता है, दिमाग की कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है, मेमोरी और सीखने की क्षमता को बेहतर करता है और मूड सुधारने में मदद करता है।
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Mar 02, 2026 21:05 IST
Modified By : Yashaswi Mathur Mar 02, 2026 21:05 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Neha Mohan Sinha