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बवासीर में कौन सा योगासन करना चाहिए? एक्सपर्ट से जानें 4 योगासन जो हैं पाइल्स की समस्या मे फायदेमंद

yoga for piles : बवासीर की समस्या को ठीक करने के लिए योग करना बहुत जरूरी होता है। इससे कब्ज दूर होता है, मल त्याग में आसानी होती है।

Anju Rawat
Written by: Anju RawatUpdated at: Nov 12, 2021 11:37 IST
बवासीर में कौन सा योगासन करना चाहिए? एक्सपर्ट से जानें 4 योगासन जो हैं पाइल्स की समस्या मे फायदेमंद

क्या बवासीर होने पर योग करना चाहिए? (can yoga cure piles problem in hindi) बवासीर की समस्या से राहत पाने के लिए कौन-से योगासन बेस्ट है? (best yoga poses to cure piles) बवासीर को बढ़ने से रोकने और इस समस्या को ठीक करने के लिए योग बहुत मददगार है। बवासीर कब्ज के कारण होने वाली एक समस्या है। इस स्थिति में मल त्याग करने में कठिनाई होती है। इसलिए पेट या शरीर को साफ करने के लिए आप बवासीर होने पर भी योगासन कर सकते हैं। नियमित रूप से योग करने से पाचन तंत्र दुरुस्त होता है। योग आंतों की समस्याओं को भी रोकने में मदद करता है। 

तनावपूर्ण जीवन, शारीरिक सक्रियता की कमी, अस्वस्थ आहार और कब्ज बवासीर के मुख्य कारण हैं। लेकिन योग बवासीर के इलाज के लिए फायदेमंद है। बवासीर होने पर नियमित रूप से योग करने से समस्या को जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है। बवासीर के लिए सर्वांगासन, बालासन जैसे योगासन काफी सहायक होते हैं। इन योगासनों के अभ्यास से बवासीर से होने वाली जलन, दर्द से काफी राहत मिलती है। बवासीर की समस्या को जल्दी ठीक करने के लिए आप नियमित रूप से योग करें। साथ ही मल पास करते समय जोर लगाने से बचें, इससे निचले मलाशय की नसों में अधिक दबाव पड़ता है, जिससे समस्या बढ़ सकती है। योग के साथ ही ढेर सारा पानी पिएं, फलों और सब्जियों का अधिक मात्रा में सेवन करें। इससे कब्ज की समस्या दूर होगी, मल त्याग में आसानी होगी और बवासीर की समस्या दूर होगी। योग एक्सपर्ट रमेश कुमार से जानें बवासीर के लिए बेहतरीन योगासन-

yoga for piles

(image : drweil.com)

1. सर्वांगासन (Sarvangasana) 

बवासीर की समस्या को ठीक करने के लिए सर्वांगासन करना बेहद फायदेमंद होता है। बवासीर होने पर अगर इस आसन को रोजाना किया जाए, तो समस्या को जल्दी ठीक किया जा सकता है।

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योग मैट पर पीठ के बल लेट जाएं।
  • अब अपने दोनों हाथों से कमर को सहारा देते हुए, पैरों को ऊपर उठाने की कोशिश करें।
  • इस दौरान आपका सिर जमीन पर रहेगा, छाती ठोड़ी के पास रहेगी और शरीर ऊपर होगा।
  • इस अवस्था में कुछ देर रुकने के बाद पैरों को धीरे-धीरे नीचे लेकर आएं।
  • रिलैक्स करें और फिर इस आसन को 2-3 बार दोहराएं। 
  • आप चाहें तो शुरुआत में इस योगासन को दीवार के सहारे भी कर सकते हैं।
  • बवासीर में आप इसका अभ्यास धीरे-धीरे करें, पैरों को आराम से ऊपर और नीचे लेकर आएं।
  • इस योगासन को करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, कब्ज की समस्या दूर होती है और बवासीर से राहत मिलती है।

balasana for piles
 
(image : yogapractice.com)

2. बालासन (Balasana)

बालासन को आसानी से किया जा सकता है। आपको बवासीर होने पर नियमित रूप से इस योगासन का अभ्यास करना चाहिए। इसे करने से पाचन तंत्र मजबूत बनता है। यह आसन शरीर की सफाई में भी मदद करता है। बालासन कब्ज की समस्या में भी फायदेमंद होता है। जानें बालासन करने का तरीका-

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले एक योग मैट पर दोनों पैरों को बिल्कुल सीधा करके बैठ जाएं।
  • इसके बाद वज्रासन (पैरों को मोड़कर) में बैठ जाएं। इस दौरान अपने दोनों पैरों को जोड़कर रखें।
  • अब लंबी गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर की तरफ उठाएं। हाथों के साथ ही थोड़ा-सा कमर को पीछे की तरफ लेकर जाएं।
  • सांस छोड़ते हुए शरीर के साथ हाथों को नीचे लाएं। इस अवस्था में 30 सेकेंड तक रहें और फिर सामान्य अवस्था में आ जाएं।
  • इस योगासन के दौरान छाती घुटनों के पास, गर्दन सीधी और दृष्टि सामने की तरफ होनी चाहिए।
  • आप इस योगासन को 3-5 बार दोहरा सकते हैं। 

3. पवनमुक्तासन (Pawanmuktasana)

पवनमुक्तासन को पेट के लिए काफी अच्छा योगासन माना जाता है। यह पीठ के बल लेट कर किए जाने वाले आसनों में से एक बेहतरीन आसन है। बवासीर की समस्या को ठीक करने के लिए भी इस योगासन को अभ्यास किया जा सकता है। यह पेट की गैस, एसिडीटी को दूर करता है और कब्ज में भी आराम दिलाता है। बवासीर होने पर रोजाना पवनमुक्तासन करना बेहद लाभदायक होता है। पवनमुक्तासन बेहद फायदेमंद होता है

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले आप एक योग मैट पर पीठ के बल लेट जाएं।
  • अपने दोनों पैरों को एकदम सीधा रखें। लंबी गहरी सांस लें। 
  • इसके बाद अपने दोनों हाथों को इंटरलॉक करें और पैरों को घुटनों से मोड़कर पेट की तरफ खींचे।
  • सांस छोड़ते हुए अपनी अपर बॉडी को ऊपर उठाएं, ठोड़ी को घुटनों से छूने की कोशिश करें।
  • इस अवस्था में 20-30 सेकेंड तक रहें। इसके बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं।
  • आप इस आसन का अभ्यास 3-5 बार कर सकते हैं। इसके नियमित अभ्यास से आप बवासीर की समस्या को जल्दी ठीक कर सकते हैं।

4. मालासन (malasana)

मालासन कब्ज की समस्या को दूर करता है। कब्ज ही बवासीर का मुख्य कारण है, अगर कब्ज दूर तो बवासीर को आसानी से ठीक किया जा सकता है। इस आसन को करने से पाचन तंत्र मजबूत बनता है।

  • इस आसन को करने के लिए सबसे पहले योग मैट पर ताड़ासन में खड़े हो जाएं। पैरों के बीच कुछ दूरी बनाकर रखें।
  • अपनी रीढ़ को खींचते हुए पेट को अंदर की तरफ खींचे।
  • कंधों को ऊपर की तरफ खींचते हुए गहरी सांस लें और छोड़ें।
  • अब अपने दोनों हाथों से नमस्ते की मुद्रा बना लें।
  • अपनी छाती या सीने को बाहर की तरफ निकालें।
  • लंबी गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए घुटनों को मोड़ लें।
  • अपने तलवों को जमीन पर ही रखें। अपने दोनों हाथों को नमस्ते की मुद्रा में सीने के आगे रखें। 
  • कोहनियों को घुटनों से सटाकर रखें।
  • इस अवस्था में कुछ देर रुकने के बाद आप सामान्य स्थिति में आ सकते हैं।
  • इस योगासन के नियमित अभ्यास से कुछ ही दिनों में बवासीर की समस्या ठीक हो सकती है।

अगर आप भी बवासीर की समस्या से परेशान हैं, तो ऊपर बताए गए योगासनों को अपनी जीवनशैली में शामिल कर सकते हैं। इन योगासनों के अभ्यास से पाचन तंत्र मजबूत बनता है, कब्ज की समस्या दूर होती है, मल त्याग में आसानी होती है और धीरे-धीरे बवासीर ठीक होने लगता है। लेकिन आपको इन योगासनों का अभ्यास किसी एक्सपर्ट की देखरेख में ही करना चाहिए। इसके अलावा अगर आप किसी अन्य बीमारी से भी परेशान हैं, तो इनके अभ्यास से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

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