टीबी की समस्या में राहत पाने के लिए करें इन 4 योगासनों का अभ्यास, मिलेगा फायदा

टीबी एक संक्रामक बीमारी है, टीबी के लक्षणों को कम करने के लिए कुछ योगासनों का अभ्यास उपयोगी होता है, जानें इनके बारे में। 

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Mar 25, 2022Updated at: Mar 25, 2022
टीबी की समस्या में राहत पाने के लिए करें इन 4 योगासनों का अभ्यास, मिलेगा फायदा

विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी एक आंकड़े के मुताबिक दुनियाभर में टीबी या क्षय रोग के कारण होने वाली मौतें 13वें स्थान पर है। कोरोना और एड्स के बाद टीबी के कारण होने वाली मौत प्रमुख स्थान पर है। टीबी एक संक्रामक रोग है जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक बैक्टीरिया के कारण होता है। टीबी की बीमारी को ट्यूबरक्युलोसिस, क्षय रोग और तपेदिक भी कहते हैं। टीबी दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी बीमारी है, जिससे हर साल सबसे ज्यादा लोगों की मौत होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन) ने दुनियाभर के देशों को 2030 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य दिया है। टीबी की समस्या में लक्षण दिखते ही सबसे पहले डॉक्टर से संपर्क जरूर करना चाहिए। टीबी की समस्या में लक्षणों को कम करने के लिए कुछ योगासनों का अभ्यास बहुत फायदेमंद माना जाता है। आइये जानते हैं इनके बार में।

टीबी के लक्षणों को कम करने के लिए योग (Yoga Exercises To Control TB Symptoms)

टीबी या ट्यूबरक्युलोसिस एक संक्रामक रोग होता है, जो बैक्टीरिया की वजह से होता है। यह बैक्टीरिया शरीर के सभी अंगों में प्रवेश कर जाता है। हालांकि ये ज्यादातर फेफड़ों को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा आंतों, मस्तिष्क, हड्डियों, जोड़ों, गुर्दे, त्वचा तथा हृदय भी टीबी से प्रभावित हो सकते हैं। इस बीमारी में दिखने वाले लक्षणों को कम करने के लिए कुछ योगासनों का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है

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1. पश्चिमोत्तानासन या सीटेड फॉरवर्ड-बेंड पोज

पश्चिमोत्तानासन या सीटेड फॉरवर्ड-बेंड योग का अभ्यास टीबी के लक्षणों को कम करने के लिए बहुत उपयोगी माना जाता है। इसका अभ्यास शरीर और मन को शांत करने के लिए भी बहुत उपयोगी माना जाता है। सिर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करने के लिए भी पश्चिमोत्तानासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। इसका अभ्यास करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें।

  • सबसे पहले आप सुखासन में बैठ जाएं और गहरी सांसें लें और छोड़ें। इससे मन शांत होता है। 
  • अब अपने दोनों पैरों को सामने की ओर सीध में खोलकर बैठ जाएं। दोनों एड़ी और पंजे मिले रहेंगे। 
  • अब सांस छोड़ते हुए और आगे की ओर झुकते हुए दोनों हाथों से दोनों पैरों के अंगूठे पकड़ लें। 
  • माथे को घुटनों से लगाएं और दोनों कोहनियां जमीन पर लगी रहेंगी। जैसा कि आप तस्‍वीरों में देख सकते हैं।
  • इस पोजिशन में आप खुद को 30 से 60 सेकेंड तक रखें। धीमी सांसें लेते रहें। 
  • अब अपने पूर्व की मुद्रा में वापस आ जाएं और आराम करें।
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2. पादहस्तासन या स्टैंडिंग फॉरवर्ड बेंड पोज

टीबी की समस्या में लक्षणों और समस्याओं को कम करने के लिए पादहस्तासन या स्टैंडिंग फॉरवर्ड बेंड पोज का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। इसके नियमित अभ्यास से आपके नाक और गले को फायदा मिलता है। इसके अलावा ये योगासन कब्ज की समस्या या पेट से जुड़ी गंभीर समस्याओं में फायदेमंद है। पादहस्तासन या स्टैंडिंग फॉरवर्ड बेंड पोज का अभ्यास करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें।

  • सबसे पहले जमीन पर मैट बिछाकर खड़े हो जाएं। 
  • इसके बाद अपने पूरे शरीर को सीधा रखें और अपनी आंखों को सामने रखें। 
  • लंबी गहरी सांस लेते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर लेकर जाएं और कुछ सेकेंड तक रुकें। 
  • अब सांस छोड़ने पर कमर की मदद से आगे की तरफ झुकें और अपना हथेलियों से जमीन को छुएं। 
  • अब अपने सर को घुटनों से छुबाएं और कुछ सेकंड इस अवस्था में रहें।
  • अब पहले की अवस्था में आने के लिए सांस लेते हुए उठें और अपने हाथों को सबसे पहले ऊपर लेकर जाएं और पीछे जाने की कोशिश करें। 
  • अब सीधे खड़े हो जाएं और अपने हाथों को धीरे-धीरे नीचे लाएं।
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3. वज्रासन

वज्रासन के फायदे शरीर के लिए अनेकों हैं, इस आसन का नियमित अभ्यास करने से आपको टीबी की समस्या में लक्षणों को कम करने में फायदा मिलता है। इसका अभ्यास पेट की समस्या में फायदेमंद माना जाता है और घुटनों के दर्द को दूर करने के लिए भी इस योगासन का अभ्यास बहुत फायदेमंद होता है। वज्रासन का अभ्यास करने के लिए इस तरीके को अपनाएं।

  • सबसे पहले दण्‍डासन की मुद्रा में बैठें।  
  • अब अपने हाथों को अपने कूल्‍हों के पास रखें।
  • अब अपने दांए पैर को मोड़ें और दाएं कूल्‍हे के नीचे रखें और फिर अपना बांया पैर मोड़कर बांए कुल्‍हे के नीचे रखें। 
  • सुनिश्चित करें कि आपकी जांघे सटी हुई हों और आपके अंगूठे आपस में जुड़े हुए हों। 
  • अब अपने हाथों को घुटनों पर रखें। सुनिश्चित करें कि आपकी ठोड़ी आपके समानान्‍तर हो। 
  • अपना मेरूदंड सीधा रखें और शरीर को ढीला छोड़ें। अब सामान्‍य रूप से सांस लें और छोड़ें। और कुछ देर तक आराम से रहें। 
  • कुछ देर वज्रासन में बने रहने के बाद अपने शरीर को दांयी ओर छुकाते हुए बांये पैर को सीधा करें। इसी प्रकार से शरीर को बांयी ओर झुकाते हुए अपने दांये पैर को सीधा करें। 
  • कुछ देर दण्‍डासन में बैठने के बाद आसन को विराम दें। 

4. चक्रासन या व्हील पोज

चक्रासन का व्हील पोज का अभ्यास भी टीबी की समस्या में बहुत उपयोगी माना जाता है। इसका अभ्यास टीबी के लक्षणों को कम करने के लिए भी उपयोगी होता है। आइये जानते हैं इसका अभ्यास करने के तरीके के बारे में। 

  • अपने मैट पर पीठ के बल लेट जाएं।
  • अपने दोनों पैरों के घुटनों को मोड़ लें। व एडियों को अपने हिप्स के पास ले आएँ।
  • अपने दोनों हाथों को उठाते हुए अपने कान के बगल में जमीन पर रख लें।
  • उंगलियां कंधों की तरफ रहेंगी।
  • सांस भरते हुए अपने हाथों व जांघों पर जोर लगाते हुए अपने शरीर को आसमान की ओर उठा दें।
  • इस आसन में आपके हाथ व पैर जमीन पर ही रहेंगे व कमर व छाती हवा में रहेगी।
  • सांस छोड़ते हुए धीरे से वापस आ जाएं और अपनी कमर को आराम दें।

टीबी की बीमारी में इन योगासनों का अभ्यास बहुत उपयोगी माना जाता है। टीबी के लक्षणों को कम करने और इसकी वजह से होने वाली समस्याओं को कम करने के लिए इसका अभ्यास जरूर करना चाहिए। अगर आप टीबी के मरीज हैं और इन आसनों का अभ्यास करते समय कठिनाई होती है तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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