Fri Sep 11, 2026 | 09:13 PM IST

पेट में गैस की समस्‍या दूर करने वाले 3 योगासन

Yoga for Gas: पेट में गैस की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए आप 3 योगासन ट्राई कर सकते हैं। जानते हैं इन्‍हें करने का सही तरीका। 

पेट में गैस या पेट फूलने की समस्‍या खाने के बाद शुरू होती है। कई बार खाली पेट रहने के कारण भी पेट में गैस की समस्‍या हो सकती है। ज्‍यादातर लोग भोजन को तेजी से खाते हैं। इस कारण से भी पेट में गैस की समस्‍या हो सकती है। कई लोग खाना खाते समय ज्‍यादा हवा न‍िगल जाते हैं और इस कारण से भी गैस की समस्‍या हो सकती है। इस लेख में हम आपको 3 आसान योगासन के बारे में बताने जा रहे हैं ज‍िनकी मदद से आप पेट में गैस की समस्‍या से छुटकारा पा सकते हैं।   

पेट में गैस होने पर करें योग- Yoga for Stomach Gas 

पेट में गैस की समस्‍या होने पर आपको कुछ आसान योगासन ट्राई करने चाह‍िए। जानते हैं इनके बारे में-

wind pose

1. पवनमुक्तासन- Wind Relieving Pose

पवनमुक्तासन करने से पेट में गैस की समस्‍या से छुटकारा मि‍लता है। आप पवनमुक्‍तासन (Pawanmuktasana) को 3 से 5 बार दोहरा सकते हैं। जानते हैं इस योग को करने का तरीका-

  • पवनमुक्‍तासन करने के ल‍िए लेट जाएं।
  • बाएं घुटने को मोड़ते हुए पेट के पास लेकर जाएं।
  • सांस छोड़ते हुए दोनों हाथों की उंगल‍ियों को आपस में म‍िलाएं।
  • उंगल‍ियों को घुटने के नीचे रखें।
  • बाएं घुटने से सीने को छूने की कोश‍िश करें।
  • फ‍िर जमीन से ऊपर उठें और घुटने को नाक से छूने की कोश‍िश करें। 
  • नाक से घुटने को छूने के बाद 30 सेकेंड तक इसी मुद्रा में रहें।
  • फ‍िर सांस छोड़ते हुए सामान्‍य अवस्‍था में आ जाएं।
  • अब इसी प्रक्र‍िया को दाएं पैर से करें।

2. सेतु बंध सर्वांगासन- Bridge Pose

सेतु बंध सर्वांगासन (Setu Bandha Sarvangasana) करने से पेट में गैस की समस्‍या से न‍िजात म‍िलता है। मेटाबॉल‍िज्‍म तेज करने के ल‍िए भी ये योग फायदेमंद माना जाता है। ज‍िन लोगों को कमर में दर्द है वे इस योग को करने से बचें। सेतु बंध सर्वांगासन को करने के जरूरी स्‍टेप्‍स जान लें-       

  • सेतु बंध सर्वांगासन करने के ल‍िए पीठ के बल लेट जाएं।
  • अपने हाथों को बगल में रख लें।
  • सामान्‍य तरीके से सांस लेते रहें।
  • धीरे-धीरे पैरों को घुटनों से मोड़ें और ह‍िप्‍स के पास लेकर जाएं।
  • ह‍िप्‍स को ज‍ितना हो सके फर्श से ऊपर की ओर उठाएं। 
  • हाथों को जमीन पर ही रखें। 
  • इस अवस्‍था में आने पर कुछ देर के ल‍िए सांस को रोककर रखें।
  • सांस छोड़ते हुए फ‍िर से जमीन पर आ जाएं।
  • पैरों को सीधा रखकर आराम करें।
  • 15 सेकेंड आराम करें फ‍िर प्रक्र‍िया दोहराएं।   

इसे भी पढ़ें- पेट में गैस क्यों बनती है? जानें इसके कारण और बचाव के उपाय

3. बालासन- Child Pose

balasana

बालासन (Balasana) एक आसान योग है। बालासन को रोजाना करने से पाचन तंत्र अच्‍छा रहता है और गैस की समस्‍या से छुटकारा पाने में मदद म‍िलती है। आप बालासन को 1 से 3 म‍िनट तक कर सकते हैं। बालासन करने के जरूरी स्‍टेप्‍स जान लें- 

  • बालासन करने के ल‍िए मैट ब‍िछाकर घुटनों के बल बैठ जाएं।
  • टखने और एड़‍ियों को आपस में म‍िलाएं।
  • गहरी सांस लेकर आगे की ओर झुकें।
  • पेट को जांघों के बीच से लेकर जाएं और सांस छोड़ दें।
  • घुटनों को ज‍ितना हो सके बाहर की ओर फैलाएं।
  • कूल्‍हे को स‍िकोड़ें और नाभ‍ि की ओर खींचे। 
  • हाथों को सामने की ओर लेकर जाएं और उन्‍हें सामने रख लें।
  • कंधों को फर्श से छूने की कोश‍िश करें।
  • 30 सेकेंड के ल‍िए इसी अवस्‍था में रहें।

इन योगासन को करने के साथ आप पैदल भी चल सकते हैं। खाना खाने के बाद 15 म‍िनट पैदल टहलने से आप गैस की समस्‍या से बच सकते हैं। 

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jul 28, 2022 16:10 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

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