किडनी के लिए खतरनाक है ग्लोबल वार्मिंग

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 10, 2016

बहुत ज्‍यादा गर्मी के कारण हम कई तरह की बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। यह बात तो लगभग हम सभी जानते हैं कि एक नए शोध से पता चला है कि बहुत ज्‍यादा बढ़े तापमान में रहने से किडनी की गंभीर बीमारियां हो जाती है। शोध बताते हैं कि इस स्थिति को हीट स्‍ट्रेस कहते हैं।

global-warming in hindi



शोधकर्ताओं का कहना है कि आने वाली सदियों में पूरी दुनिया का तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिससे पानी की कमी से भी जूझना पड़ेगा। बढ़ते तापमान और पानी की कमी से कई सारी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें घेर लेगी जिसमें डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रेस प्रमुख हैं।


तेजी से बढ़ते तापमान के नुकसान

अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोरेडो स्कूल ऑफ मेडिसिन में रिचर्ड जॉनसन और जै लीमन ने नेतृत्व में बनी एक टीम के अनुसार, किडनी की नई तरह की बीमारियों का कारण कुछ भी पारंपरिक नहीं है बल्कि तेजी से बढ़ता तापमान है जो हीट स्ट्रेस और शरीर में पानी की कमी को बढ़ावा देता है। खासतौर पर गांवों में जहां पहले से ज्यादा गर्मी है, वहां असर ज्यादा होगा। खेतों में काम करने वाले लोगों पर इसका असर ज्यादा हो सकता है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि सरकारों और वैज्ञानिकों को साथ मिलकर आगे आना होगा और इस तरह काम करना होगा। किडनी की एक खास तरह की बीमारी दुनिया भर के उन सभी गर्म देशों में परेशान करने वाली हैं, जहां इस महामारी की वजह ग्लोबल वार्मिंग होगी।

Image Source : Getty

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