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प्रेग्नेंसी में क्यों जरूरी है टीटी का टीका लगवाना? जानें टीटी वैक्सीन के फायदे

वर्ल्ड इम्‍यूनाइजेशन डे पर इस बार हम  प्रेग्नेंसी के दौरान टीटी वैक्‍सीन की जरूरत पर चर्चा करेंगे, ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए पूरा लेख पढ़ें 

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurUpdated at: Nov 10, 2021 13:08 IST
प्रेग्नेंसी में क्यों जरूरी है टीटी का टीका लगवाना? जानें टीटी वैक्सीन के फायदे

10 नवंबर को हर साल वर्ल्ड इम्यूनाइजेशन डे मनाया जाता है ताक‍ि स्‍वास्‍थ्‍य के ल‍िए सभी जरूरी टीकों की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जा सके। ऐसा ही एक जरूरी टीका है टीटी वैक्‍सीन। टीटी वैक्‍सीन को प्रेग्नेंसी के दौरान जरूर लगवाना चाह‍िए। ट‍िटनेस एक तरह का बैक्‍टीर‍ियल संक्रमण है जो जानलेवा हो सकता है, ये बीमारी क्‍लोस्‍ट्रिड‍ियम टेटानी नाम के बैक्‍टीर‍िया के व‍िष से होती है। प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती मह‍िलाओं में टीटी की डोज़ दी जाती है ताक‍ि वो और होने वाला श‍िशु ट‍िटनेस से सुरक्ष‍ित रहें। प्रेग्नेंसी के दौरान अगर मां को संक्रमण हो गया तो उसका सीधा असर बच्‍चे पर पड़ेगा, टिटनेस जैसी बीमारी घाव हो जाने या खुली चोट में बैक्‍टीर‍िया पनपने से हो जाती है इसल‍िए मां और बच्‍चे की सुरक्षा के ल‍िए आप ये वैक्‍सीन जरूर लगवाएं। इस लेख में हम प्रेग्नेंसी के दौरान टीटी वैक्‍सीन की जरूरत और उससे जुड़ी जरूरी बातों पर चर्चा करेंगे। इस व‍िषय पर बेहतर जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के झलकारीबाई अस्‍पताल की गाइनोकॉलोजि‍स्‍ट डॉ दीपा शर्मा से बात की।

tt vaccine

(image source:thenewsminute)

टीटी रोग क्‍या होता है?

यानी ट‍िटनेस टॉक्साइड एक तरह का संक्रामक रोग है जो बैक्‍टीर‍िया के कारण होता है, ये शरीर के अंदर जाते ही टेटनोस्पासमिन नाम का एक व‍िषैला तत्‍व बनाता है। ये बैक्‍टीर‍िया गर्भवस्‍था के दौरान अगर शरीर के अंदर आ जाए तो ये गर्भ में पल रहे श‍िशु के ल‍िए घातक साब‍ित हो सकता है इसल‍िए टीटी वैक्‍सीन की जरूरत पड़ती है। ट‍िटनेस जब नवजात श‍िशु को हो जाए तो उसे हम न‍ियोनेटल ट‍िटनेस के नाम से जानते हैं। ड‍िलीवरी के समय श‍िशु की रोग प्रत‍िरोधक क्षमता कमजोर होती है इसल‍िए अगर उपकरणों को ठीक से स्‍टरलाइज न करने के कारण नवजात को संक्रमण होता है तो उसकी जान को खतरा हो सकता है।

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प्रेग्नेंसी के दौरान क्‍यों जरूरी है टीटी वैक्‍सीन? (Benefits of TT vaccine during pregnancy)

  • ट‍िटनेस जैसी गंभीर बीमारी व्‍यक्‍त‍ि के नर्वस स‍िस्‍टम तक असर छोड़ सकती है, इस बीमारी के गंभीर पर‍िणामों में व्‍यक्‍त‍ि को अपनी जान गंवाना पड़ सकता है पर इस बीमारी का आसान बचाव उपाय है टीकाकरण करवाना।
  • आप अगर प्रेग्नेंसी के दौरान टीटी वैक्‍सीन लगवा लें तो गर्भस्‍थ श‍िशु, जन्‍म के कुछ वक्‍त बाद तक इस बीमारी से सुरक्षित रह सकता है वहीं जन्‍म से पहले भी बच्‍चे को संक्रमण से सुरक्षा म‍िलती है।
  • वहीं गर्भवती मह‍िला की सुरक्षा के ल‍िए भी ट‍िटनेस वैक्‍सीन जरूरी है क्‍योंक‍ि ट‍िटनेस बैक्‍टीर‍िया तेजी से बॉडी में फैल जाते हैं यहां तक क‍ि ये बैक्‍टीर‍िया त्‍वचा में जलने से या कट जाने से भी पहुंच सकते हैं। 
  • प्रेग्नेंसी के दौरान कई केस में स‍िजेर‍ियन ऑपरेशन करना पड़ता है और कई टेस्‍ट के दौरान औजारों के इस्‍तेमाल से गर्भवती मह‍िला और होने वाले बच्‍चे को इंफेक्‍शन हो सकता है ज‍िससे बचने के ल‍िए टीटी का इंजेक्‍शन लेना जरूरी है।

प्रेग्नेंसी में कब लगती है टीटी वैक्‍सीन? (Duration of TT vaccine during pregnancy)

प्रेग्नेंसी के दौरान दो टीटी के इंजेक्‍शन लगाए जाते हैं, पहले टीके और दूसरे के बीच कम से कम 4 हफ्तों का गैप रखा जाता है। वहीं प्रेग्नेंसी की पहली त‍िमाही के बाद यानी प्रेग्नेंसी के तीन महीने बाद टीटी इंजेक्‍शन लगवाने के लि‍ए डॉक्‍टर कह सकते हैं। 

टिटनेस वैक्‍सीन क‍ितने महीनों तक सुरक्षा देती है? 

tt vaccine benefits

(image source:thenewsminute)

पहली प्रेग्नेंसी में आपको ट‍िटनेस के 2 डोज़ म‍िलेंगे। पहली बार गर्भवती हुई हैं तो आपको पहली खुराक तीसरी त‍िमाही के बाद दी जाती है जब आप गर्भावस्‍था के 7वे माह में होंगी। वहीं दूसरी खुराक पहली डोज़ के 4 हफ्ते के बाद दी जाएगी। ट‍िटनेस वैक्‍सीन लगने के बाद शरीर को कम से कम 5 सालों तक टेटनस बैक्‍टीर‍िया से बचाया जा सकता है। आपको टीटी इंजेक्‍शन की जानकारी के ल‍िए अपना टीकाकरण कार्ड हमेशा संभालकर रखना चाह‍िए ताक‍ि आगे आपको वैक्‍सीन की जरूरत हो तो डॉक्‍टर पहले की ह‍िस्‍ट्री चेक कर पाएं।

प्रेग्नेंसी में बैक्‍टीर‍ियल इंफेक्‍शन से बचाती है टीटी वैक्‍सीन 

क्‍या प्रेग्नेंसी में ब‍िना टीटी लगाए भी सुरक्ष‍ित रहा जा सकता है? नहीं ये मुमक‍िन नहीं है। प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले बच्‍चे और मां को बैक्‍टीर‍ियल इंफेक्‍शन होने का खतरा रहता है ज‍िससे बचने के ल‍िए टीटी का इंजेक्‍शन लगवाना बेहद जरूरी है। टीटी का इंजेक्‍शन, प्रेग्नेंसी के दौरान न लगवाने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा क्‍योंक‍ि प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर के रोग प्रत‍िरोधक क्षमता घट जाती है ज‍िससे संक्रमण आसानी से शरीर में हो सकता है पर आप वैक्‍सीन लगवा लेंगी तो बीमार‍ियों से सुरक्षित रहेंगी।

क्‍या दूसरी प्रेग्नेंसी में भी लगेगा टीटी इंजेक्‍शन? (TT vaacine in second pregnancy)

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(image source:cdnparenting)

दूसरी प्रेग्नेंसी के दौरान डॉक्‍टर टीकाकरण या इलाज से पूर्व पहली प्रेग्नेंसी से जुड़े सभी इलाज, कॉम्‍प्‍ल‍िकेशन या टीकाकारण की जानकारी लेते हैं। वैसे तो एक बार टीटी वैक्‍सीन लगने के बाद दूसरी प्रेग्नेंसी में इंजेक्‍शन नहीं लगाया जाता पर अगर आपकी प्रेग्नेंसी काफी समय बाद हुई है तो ये मुमक‍िन है क‍ि आपको टीटी वैक्‍सीन लगवानी पड़ सकती है। अगर आपको पहली प्रेग्नेंसी के दौरान दोनों डोज़ लग चुकी है और दूसरी प्रेग्नेंसी पहली के 2 साल बाद हो रही है तो आपको डॉक्‍टर टीटी का एक बूस्‍टर शॉट लगवाने की सलाह दे सकते हैं। प्रेग्नेंसी के दौरान कई तरह के टेस्‍ट होते हैं, इस दौरान सावधानी के ल‍िए टीटी का बूस्‍टर शॉट आपको संक्रमण से सुरक्षित रखेगा।

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वैक्सीन लगवाने से पहले कुछ बातों का ध्‍यान रखें (Points to remember before taking TT shot)

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(image source:vcuhealth)

अगर आप गर्भवती हैं और टीटी की डोज़ लगवाने जा रही हैं तो इन बातों का खयाल रखें- 

  • आप जहां वैक्‍सीन लगवाने जा रही हैं वो एक मान्‍यता प्राप्‍त च‍िक‍ित्‍सा केंद्र होना चाह‍िए।
  • नर्स या वैक्‍सीन लगाने वाले डॉक्‍टर प्रश‍िक्ष‍ित हों या उन्‍हें टीके की पूर्ण जानकारी हो तभी टीका लगवाएं। 
  • आपको इस बात पर गौर करना है क‍ि आपको फ्रेश इंजेक्‍शन लगाया जा रहा हो।
  • इंजेक्‍शन लगाने से पहले वैक्‍सीन की शीशी को अच्‍छी तरह से ह‍िलाया जाता है ताक‍ि तरल पदार्थ अच्‍छी तरह से घुल जाए। 
  • वैक्‍सीन लगाने से पहले आपको ध्‍यान देना चाह‍िए की श‍ीशी टूटी न हो और न ही पहले से उसे फ्रोजन करके रखा गया हो। 

प्रेग्नेंसी के दौरान जब आप चेकअप के ल‍िए डॉक्‍टर के पास जाएं तो अपने बचपन का टीकाकरण कार्ड भी साथ ले जाएं ताक‍ि डॉक्‍टर को पता लग सके क‍ि आपको ट‍िटनेस का इंजेक्‍शन बचपन में लगा है या नहीं, मेड‍िकल र‍िपोर्ट को जांचकर ही आपको टीटी वैक्‍सीन लगाई जाएगी।

(main image source:ytimg.com) 

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