जहां हो प्‍यार वहां न करें व्‍यापार

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 22, 2014
Quick Bites

  • संस्‍थापक यदि दोेस्‍त हों व्‍यापार और रिश्‍ते दोनों को होता है नुकसान।
  • मित्र दूसरे की ग‍लतियों को उजागर नहीं कर पाते।
  • पूर्व सहकर्मी साबित होते हैं बेहतर सह-संस्‍थापक।
  • दोस्‍तों के साथ मिलकर काम करने से पहले अहम पहलू न करें नजरअंदाज।

जब भी हम कोई नया व्‍यापार शुरू करने की सोचते हैं, तो स्‍वाभाविक रूप से हम सबसे पहले अपने दोस्‍तों का रुख करते हैं। आखिर हमारे दोस्‍त ही तो होते हैं जिन पर हम सबसे ज्‍यादा भरोसा करते हैं। पैसों से जुड़े मामलों में हम केवल उन पर ही यकीन करते हैं। उनके साथ हम सब जानकारी साझा कर सकते हैं। एक हालिया शोध के अनुसार, संस्‍थापक टीमों में चालीस फीसदी लोग पहले से दोस्‍त थे और एक दूसरे को पहले से जानते थे। लेकिन, एक हालिया शोध के अनुसार दोस्‍तों के साथ काम शुरू करना खतरनाक हो सकता है।

 

शोध में सामने आई बात

हावर्ड बिजनेस स्‍कूल के प्रोफेसर नोएम वासरमैन ने तकनीक और लाइफ साइंस के करीब 10 हजार कं‍पनियों पर शोध किया, तो एक चौंकाने वाली बात सामने आयी। इस शोध में सामने आया कि सबसे कम स्‍थायित्‍व उन कंपनियों में था, जो दोस्‍तों ने मिलकर शुरू की थीं। संस्‍थापक टीम में शामिल हर दोस्‍ती का टर्नओवर 28.6 फीसदी बढ़ा। लेकिन, वे लोग जो वर्चुअल दुनिया में भी एक दूसरे से अपरिचित थे, उनके साथ रहने की संभावना अधिक रही।

 

friends and business

जहां हो प्‍यार, वहां मत करो व्‍यापार

बेशक, कई बार ऐसा मौका आता है जब संस्‍थापक सदस्‍य को छोड़कर जाना पड़ता है, लेकिन ज्‍यादातर मामलों में यह भावनात्‍मक और आर्थ‍िक कारणों से होता है। वासरमैन जॉन डी रॉकफैलर की बात को दोहराते हुए कहते हैं, 'बिजनेस के आधार पर हुई दोस्‍ती शानदार हो सकती है, लेकिन दोस्‍ती के आधार पर खड़ा बिजनेस किसी हत्‍या की तरह होता है।'

 

कुछ फायदे भी

लेकिन, ऐसा नहीं है कि व्‍यापार में दोस्‍ती के केवल नुकसान ही होत हैं। कई ऐसे तरीके हैं जिनमें बिना किसी नुकसान के दोस्‍ती के लाभ का आनंद लिया जा सकता है। वॉसरमैन ने इस बात का पता लगाया कि जो टीम सबसे ज्‍यादा स्‍थायी रही उनमें पूर्व में साथ काम कर चुके कर्मचारी शामिल थे। इसके साथ ही इस शोध में यह बात भी निकलकर आयी कि उच्‍च तकनीक कंपनियों की शुरुआत उन लोगों ने की जो कभी साथ काम कर चुके हैं, तो उस कंपनी की ग्रोथ रेट भी सबसे अधिक रही।

 

पूर्व सहकर्मी होते हैं बेहतर

अगर अपनी कंपनी शुरू करने से पहले आप साथ काम कर चुके हैं, तो आपकी कामयाबी के आसार बढ़ जाते हैं। पेपाल के कार्यकारी निदेशक और सह-संस्‍थापक व फेसबुक में निवेश करने वाले पहले बाहरी व्‍यक्ति पीटर थील कंपनियों में निवेश कर करोड़पति बने। उनका कहना है कि संस्‍थापकों का कुछ न कुछ साझा इतिहास होना जरूरी है, अन्‍यथा आप भविष्‍य को लेकर हमेशा सशंकित बने रहेंगे। थील कहते हैं कि जब मैं किसी नयी कंपनी में निवेश करने का विचार करता हूं, तो उसके शुरुआती नियम, तकनीकी दक्षता और नये हुनर आदि के बारे में पूरी जानकारी हासिल करता हूं। ये सब चीजें मेरे लिए काफी मायने रखती हैं। लेकिन इतने भर से काम नहीं होता। संस्‍थापक सदस्‍य एक दूसरे को कितना बेहतर जानते हैं और साथ ही वे पहले कितना बेहतर काम कर चुके हैं, यह बात भी बहुत समान रूप से महत्‍व रखती है।

business in friendship

कुछ सवालों के जवाब हैं जरूरी

आपकी दोस्‍ती किसी भी रूप में हो सकती है। यह साथ घूमने और सामाजिक तौर पर साथ रहने से हो सकती है। लेकिन, किसी सह-संस्‍थापक को जानने के लिए उसके साथ काम करना जरूरी है। यह समझना जरूरी है‍ कि आखिर आप दोनों एक दूसरे का सहयोग किस प्रकार कर सकते हैं। किसी कंपनी की शुरुआत से पहले साथ काम करने से आपको कई महत्‍वपूर्एा सवालों के जवाब मिल जाते हैं, जैसे:

  • क्‍या आपके मूल सिद्धांत समान हैं ?
  • क्‍या आपकी वर्किंग हैबिट एक जैसी हैं ?
  • आप दोनों की कार्यगत कमजोरियां व मजबूत पक्ष क्‍या है ?
  • काम के दौरान कुछ संघर्ष जरूर पैदा होंगे, आखिर उनका सामना कैसे किया जाएगा?

 

खतरे हैं बड़े

इसका अर्थ यह नहीं कि दोस्‍त साथ मिलकर काम कर ही नहीं सकते। हम बस इतना कहना चाहते हैं कि ऐसा करने के खतरे ज्‍यादा हैं और मुनाफे कम। अगर आप दोस्‍तों के साथ काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो आपको कुछ सवालों के जवाब जरूर तलाश लेने चाहिये। आपको हर ओर से पूरी तरह संतुष्‍ट होना जरूरी है। दोस्‍त आमतौर पर एक दूसरे की समस्‍याओं को अधिक गंभीरता से नहीं लेते। असल में उनका पूरा ध्‍यान अपने निजी संबंधों को बनाये और बचाये रखने में होता है। कई बार इसका खामियाजा उनके व्‍यापार को उठाना पड़ता है। निजी संबंधों के चक्‍कर में वे व्‍यापार में आने वाले व्‍यावधानों को नजरअंदाज कर देते हैं। और यही वे कारण हैं जो दोस्‍तों के साथ काम करने में परेशानी पैदा कर सकते हैं।

कई बार जब दोस्‍त साथ मिलकर तब तक काम शुरू नहीं करते, जब तक वे व्‍यावसायिक पक्ष पर एक दूसरे से पूरी तरह सहमत नहीं हो जाते।

 

Image Courtesy- Getty Images

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