महिलाओं में माइग्रेन का कारण बनती है इस हार्मोन की गड़बड़ी, जानें दर्द को दूर करने का प्राकृतिक नुस्खा

जर्नल फ्रंटियर इन मॉलिक्यूलर बायोसांइस में प्रकाशित एक अध्ययन में  महिलाओं में माइग्रेन की समस्या की पीछे हार्मोन को जिम्मेदार ठहराया है।

Jitendra Gupta
Written by: Jitendra GuptaPublished at: Jan 29, 2020Updated at: Feb 06, 2020
महिलाओं में माइग्रेन का कारण बनती है इस हार्मोन की गड़बड़ी, जानें दर्द को दूर करने का प्राकृतिक नुस्खा

माइग्रेन एक प्रकार का चुभन और नींद उड़ा देने वाला सिरदर्द है। इसमें सिर के एक हिस्से में अधिक तेज दर्द या फिर सिर के फटने जैसी हालत हो जाती है। कभी-कभार माइग्रेन के कारण सिर के दोनों हिस्सों में भी दर्द होता है।  यह अक्सर मतली, धुंधला-धुंधला दिखाई देना या बदबू, रोशनी या शोर के प्रति संवेदनशीलता के साथ भी होता है। माइग्रेन का दर्द किसी व्यक्ति को घंटों तक परेशान कर सकता है और कभी-कभार किसी व्यक्ति को सामान्य स्थिति में लौटने के लिए कुछ दिन भी लग सकते हैं।

migraine

ये स्थिति लगभग हर उम्र और लिंग के लोगों को प्रभावित कर सकती है लेकिन इस समस्या से ज्यादातर महिलाओं को ही जूझना पड़ता है। महिलाएं अक्सर सिर के एक हिस्से में दर्द की शिकायत करती हैं और इससे निपटने के लिए चिकित्सीय मदद लेती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि महिलाओं के बीच माइग्रेन की समस्या आम क्यों होती है? 

स्पेन के एल्चे स्थित द मिगुएल हर्नांडेज़ यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के मुताबिक, महिलाओं के बीच माइग्रेन की समस्या के आम होने के पीछे कहीं न कहीं सेक्स हार्मोन की गतिविधियों का जुड़ा होना हो सकता है।

जर्नल फ्रंटियर इन मॉलिक्यूलर बायोसांइस में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन में भी यही बात को सामने रखा गया है। ये अध्ययन जानवरों पर किया गया था, जिसमें महिलाओं के सेक्स हार्मोन और माइग्रेन के बीच संबंध को स्थापित करने में मदद मिली। इसमें खुलासा हुआ है कि एस्ट्रोजन सिर में नसों के आस-पास कोशिकाओं का निर्माण करते हैं और रक्त वहिकाओं को माइग्रेन के प्रति अधिक संवेदनशील बना देते हैं। इस कारण से महिलाओं को माइग्रेन की समस्या के कारण अक्सर जूझना पड़ता है। 

इसे भी पढ़ेंः वजन कम करने, ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने में कारगर हैं ये 3 डाइट, शोधकर्ताओं ने गिनाएं फायदे

इसके अलावा मासिक धर्म वाली महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले एस्ट्रोजन लेवल में बदलाव के कारण माइग्रेन से अधिक पीड़ित होने की संभावना होती है। इस बीच, ये जान लेना जरूरी है कि पुरुषों के सेक्स हार्मोन उन्हें सिरसदर्द जैसी समस्या से सुरक्षा प्रदान करते हैं।

शोधकर्ताओं का कहना है कि माइग्रेन और हार्मोन के बीच संबंध और ज्यादा जटिल है इसलिए अधिक शोध की जरूरत है।

इसे भी पढ़ेंः उंगली को हिलाने पर होने वाली ये 2 दिक्कतें हो सकती हैं टाइप-2 डायबिटीज का शुरुआती संकेत, तुरंत लें इलाज

migraine

माइग्रेन की समस्या से निजात पाने के प्राकृतिक नुस्खे

ज्यादातर लोग माइग्रेन की समस्या से राहत पाने के लिए मेडिकल स्टोर से दवाईयां लेना पसंद करते हैं जबकि कुछ लोग माइग्रेन के दर्द को दूर करने के लिए घरेलू नुस्खों को अपनाते हैं, जो निश्चित रूप से प्रभावी होते हैं। इस लेख में हम आपको ऐसे 3 प्राकृतिक नुस्खों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप भी राहत पा सकते हैं।

लैवेंडर ऑयलः लैवेंडर एसेंशियल ऑयल को सूंघने से माइग्रेन के लक्षणों को कम करने में फायदा मिलता है, जिसकी पुष्टि भी कई अध्ययनों में हो चुकी है। 2012 में हुए एक अध्ययन के मुताबिक, जो लोग माइग्रेन के दर्द के दौरान लैवेंडर ऑय़ल सूंघते हैं उन्हें तेजी से आराम पहुंचता है।

अदरकः अदरक न केवल आपके खाने को स्वाद देने का काम करती है बल्कि यह माइग्रेन के दर्द को दूर करने में भी काफी प्रभावी है। आप चाहे तो अदरक की चाय या फिर अदरक से बने सप्लीमेंट को माइग्रेन से राहत पाने के लिए रख सकते हैं।

मसाजः माइग्रेन के दर्द से राहत पाने के लिए आप गर्दन और कंधों पर धीरे-धीरे मसाज करें। ऐसा करने से आपको तनाव और माइग्रेन से राहत मिलेगी। इसके अलावा आप पीपरमींट या रोजमैरी एसेंशियल ऑयल का भी प्रयोग कर सकते हैं। ये दोनों ही माइग्रेन के दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं।

Read more articles on Health News in Hindi

Disclaimer