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भारत क्यों बन रहा है डायबिटीज कैपिटल? एक्सपर्ट बता रहे हैं इसके कारण और बचाव के उपाय

भारत में डायबिटीज केस बढ़ने के कई कारण हैं। इन कारणों को विस्तार से एक्सपर्ट्स ने बताया।
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भारत क्यों बन रहा है डायबिटीज कैपिटल? एक्सपर्ट बता रहे हैं इसके कारण और बचाव के उपाय


India Becomes Capital of Diabetes: दुनिया के मुकाबले भारत में डायबिटीज के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। एनसीबीआई (NCBI) की रिपोर्ट के अनुसार, डायबिटीज के मामलों में चीन के बाद भारत दूसरे स्थान पर है। साल 2021 में भारत में 7 करोड़ 42 लाख मामले थे, और रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ये आंकड़े ऐसे ही बढ़ते रहे तो साल 2045 तक भारत में डायबिटीज के मामले 12 करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि लोगों में डायबिटीज को लेकर जागरुकता की कमी है। वर्ल्ड डायबिटीज डे (World Diabetes Day) के मौके पर हमने नई दिल्ली के पीएसआरआई अस्पताल की सीनियर एंडोक्रिनोलॉजी विभाग की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. हिमिका चावला और नई दिल्ली के आकाश हेल्थकेयर के जेरियाट्रिक डायबिजीज में विशेषज्ञ और इंटरनल मेडिसन में कंसल्टेंट डॉ. सरोज कुमार यादव से बात की। उन्होंने भारत में डायबिटीज बढ़ने के कारणों को विस्तार से बताया और उनके बचाव के उपायों पर भी चर्चा की।

डायबिटीज बढ़ने की वजह?

अगर भारत के आंकड़ों पर नजर डालें, तो एमडीआरएफ (MDRF) की रिपोर्ट के अनुसार, गोवा में 26 फीसदी से ज्यादा लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं, वहीं केरल में 25 फीसदी से ज्यादा लोगों को डायबिटीज है। इसके अलावा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी डायबिटीज रोगियों की जनसंख्या काफी ज्यादा है। गौर करने वाली बात यह है कि ये राज्य भारत के अन्य राज्यों के मुकाबले ज्यादा बड़े नहीं हैं। इसके बावजूद डायबिटीज रोगियों की की तादाद काफी ज्यादा है।

 

 

 

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इस बारे में डॉ. हिमिका चावला ने कहा, ”एशिया के लोगों में ऐसे जेनेटिक होते हैं, जिसकी वजह से डायबिटीज का रिस्क ज्यादा होता है। इसके अलावा, लोग शहरों में आकर बस गए हैं। उन्होंने जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड को जीवन का हिस्सा बना लिया है। ये प्रोडेक्ट तुरंत कैलोरी देते हैं और कार्बोहाइड्रेट बहुत ज्यादा होता है। बाकी पोषक तत्वों जैसे प्रोटीन, फाइबर बिल्कुल नहीं होते। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रोसेस्ड फूड जैसे बिस्कुट, चिप्स, भुजिया इत्यादि मार्केट में आसानी से बहुत ही सस्ते दामों में मिल जाते हैं। आजकल मोटे अनाज की बजाय प्रोसेस्ड अनाज खाते हैं, जिसमें चोकर न के बराबर होता है। इससे ग्लूकोज तुरंत बढ़ता है, जिससे धीरे-धीरे डायबिटीज का रिस्क बढ़ जाता है।”

इसके साथ डॉ. हिमिका चावला का कहना है कि शारीरिक गतिविधियां बहुत कम हो गई हैं। लोगों का कसरत कम करना, सारा दिन ऑफिस में बैठे रहना, स्ट्रेस और नींद पूरी न होना भी डायबिटीज बढ़ने के कारण हो सकते हैं।

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डायबिटीज के लक्षणों की पहचान में देरी की वजह

लक्षणों की बात करते हुए डॉ. हिमिका कहती हैं कि करीब 50 फीसदी लोगों को डायबिटीज के कोई लक्षण नहीं होते। ऐसा जरूरी नहीं है कि अगर लक्षण हो, तभी डॉक्टर के पास जाना है। अगर आपको ये समस्याएं हैं, तो आपको डॉक्टर के पास जाकर सलाह लेनी चाहिए।

  • परिवार में डायबिटीज की हिस्ट्री
  • मोटापा
  • 45 से ज्यादा उम्र
  • हाई ब्लड प्रेशर
  • हाई कोलेस्ट्रोल
  • अस्वस्थ जीवनशैली

लोगों में डायबिटीज को लेकर मिथ

भारत में डायबिटीज की बढ़ोतरी होने की एक वजह लोगों में इससे जुड़े मिथकों पर विश्वास करना भी है। लोग डॉक्टर से सलाह लेने की बजाय हर्बल प्रोडेक्ट्स के द्वारा इलाज करने की कोशिश करते हैं, जिससे डायबिटीज की जटिलताएं बढ़ जाती हैं। इस बारे में डॉ. सरोज कुमार यादव ने कहा कि दरअसल, हमें पता होता है कि एलोपैथी की दवा रोगी पर कैसे काम करेगी, लेकिन हर्बल मेडिसन में यह बता पाना बहुत मुश्किल होता है।

इसके अलावा, डॉ. सरोज कुमार ने कहा, “जिन लोगों को टाइप 2 डायबिटीज होता है, वे दवाइयों से इसे मैनेज करते हैं। इसलिए वे लोग रोजाना डायबिटीज चेक नहीं करते, जिससे टाइप 2 डायबिटीज के लोगों में ज्यादा गंभीर परिणाम देखने को मिलते हैं। भारत में लोगों को यह भी भ्रम है कि इंसुलिन लेने के बाद आप कुछ भी खा सकते हैं। इस पर मैं हमेशा रोगियों को कहता हूं कि इंसुलिन का प्रोडक्शन हमारे खाने पर निर्भर करता है। अगर हाई ग्लाइसेमिक फूड लेंगे, तो इंसुलिन प्रोडक्शन ज्यादा होगा। डायबिटीज रोगियों में प्रचुर मात्रा में इंसुलिन नहीं होता। इसलिए जितनी मात्रा में इंसुलिन लेंगे, उतने ही अनुपात में ग्लाइसेमिक मात्रा में आहार लेना होता है।”

इंसुलिन को लेकर भी लोगों के भ्रम को दूर करते हुए डॉ. सरोज ने बताया कि कुछ इंसुलिन जो हम खाना खा रहे होते हैं, उस पर काम करते हैं। अगर आपने इंसुलिन लगाया है और खाना नहीं खाया, तो आपकी इंसुलिन तुरंत कम हो जाएगी। शार्ट इंसुलिन में आपको इंसुलिन लेने के बाद आपको भोजन करना बहुत जरूरी है। जो लॉन्ग-टर्म इंसुलिन होती है, उसमें तुरंत आहार लेने की जरूरत नहीं होती। आप अपने डॉक्टर से इंसुलिन की मात्रा और आहार की सलाह लें।

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डायबिटीज को मैनेज करने के उपाय

डॉ. हिमिका ने डायबिटीज को मैनेज करने के लिए कुछ उपाय बताए हैं, जिन्हें सभी को फॉलो करना चाहिए।

  • संतुलित आहार लें।
  • जंक फूड और सिंपल कार्बोहाइड्रेट न लें।
  • फाइबर की मात्रा ज्यादा लें।
  • प्रोसेस्ड फूड की बजाय मोटा अनाज लें।
  • ब्राउन राइस, क्विनोआ, ओट्स को अपनी डाइट में शामिल करें।
  • प्रोटीन जैसे दाल, राजमा, बींस, डेयर प्रोडेक्ट्स इत्यादि अपनी डाइट में शामिल करें।
  • नॉन-वेज वाले अंडे, फिश, चिकन आहार में लें।
  • 4-5 तरह की सब्जियां रोजाना लें।
  • छोटे-छोटे मील नियमित रूप से लें।
  • नियमित रूप से कम से कम आधा घंटा कसरत जरूर करें।
  • समय पर सोना बहुत जरूरी है।
  • स्ट्रेस कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें।

स्वस्थ खान-पान और कसरत के द्वारा लोग डायबिटीज को मैनेज कर सकते हैं। इसके साथ ही नियमित स्क्रीनिंग कराना बहुत महत्वपूर्ण है।

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