सेहत के लिए क्यों जरूरी है बदल-बदल कर अनाज खाना? एक्सपर्ट से जानें इसके फायदे

अपने खाने के मेन्यू में रेगुलर चीजों से अलग नई चीजों को भी एड किया करें। ये फूड रोटेशन शरीर के लिए फायदेमंद होगा।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Mar 23, 2021 16:46 IST
सेहत के लिए क्यों जरूरी है बदल-बदल कर अनाज खाना? एक्सपर्ट से जानें इसके फायदे

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रोज एक सा खाना खाना किसी के लिए उबाऊ हो सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आप हर दिन अपने खाने में कोई न कोई नई चीज जरूर एड करें। इसका एक फायदा तो ये होगा कि आपको खाना देख कर खाने का मन करेगा, तो दूसरा ये कि इससे आपको शरीर को ज्यादा न्यूट्रिशन मिलेगा। वहीं सांइस की मानें, तो खाने में सिर्फ सब्जियों और फलों का ही रोटेशन न करें, बल्कि अनाज को भी रोटेट करते रहें। यानी कि रोज गेंहू और चावल खाने से बचें और इसकी जगह कुछ अन्य हेल्दी विकल्पों का चुनाव करें। अनाज के इसी रोटेशन और इनके हेल्दी विकल्पों के बारे में जानने के लिए 'ऑनली माय हेल्थ' ने न्यूट्रिनिस्ट कविता देवगन से बात की।

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क्यों जरूरी है फूड रोटेशन (Reasons to Rotate Your Foods)

शरीर को मिलेंगे विभिन्न न्यूट्रिएंट्स 

न्यूट्रिनिस्ट कविता देवगन बताती हैं कि रोज एक ही अनाज खाने से आपका शरीर जहां कुछ पोषक तत्वों में हाई हो सकता है, वहीं कुछ न्यूट्रिएंट्स में लो हो सकता है। न्यूट्रिएंट्स का ये डिसबैलेंस शरीर के लिए अच्छा नहीं है। दरअसल हर चीज का अपना रंग और पोषण होता है, जिसे खाने के कुछ अपने ही फायदे होते हैं। जैसे कि लाल रंग के फल और सब्जियां एंटी इंफ्लेमेटरी गुण से भरपूर होते हैं, तो वहीं हल्के ऑरेंज कलर की चीजों में बीटा-कैरोटीन और विटामिन-ई होता है। इस तरह इन दोनों ही रंग के फल और सब्जियां हमारी इम्यूनिटी बूस्ट कर सकते हैं। 

मेटाबॉलिज्म सिंड्रोम और फूड एलर्जी से होगा बचाव

आपका शरीर जितने प्रकार की चीजों से वाकिफ रहेगा, उतना ही उसे एलर्जी होने के चांस कम होंगे। ऐसा ही खाने के साथ भी है। अगर आपका शरीर विभिन्न प्रकारों के अनाजों से वाकिफ होगा, तो उसे मेटाबॉलिज्म से जुड़ी परेशानियां कम होंगी। इस तरह आपको किसी विशेष प्रकार की फूड एलर्जी नहीं होगी और आपका मेटाबॉलिज्म भी सही रहेगा।

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कैसे करें अनाज का रोटेशन

न्यूट्रिनिस्ट कविता बताती हैं कि अनाज का रोटेशन ( food rotation) करना बेहद आसान है। इसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं करना बस गेहूं और चावल की जगह कुछ पारंपरिक अनाजों को खाने में शामिल करना है। जैसे कि

1.अमरनाथ (राजगिरा)

इसमें सबसे ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है। इसमें लाइसिन और मेथिओनिन (lysine and methionine) सहित सभी जरूरी अमीनो एसिड होते हैं, जो कि शरीर के लिए प्रोटीन के नेचुरल सोर्स के रूप में काम कर सकते हैं। वहीं ये कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले भी हैं, जो कि मधुमेह रोगियों के लिए और वजन कम करने वाले लोगों के लिए बेहतर तरीके से काम कर सकते हैं। आप इससे नाश्ते में दलिया बना कर खा सकते हैं।

2.जौ

जौ का फाइबर, कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है और ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है। साथ ही इसका घुलनशील फाइबर आंतों के लिए भी अच्छे हैं क्योंकि ये गुड बैक्टीरिया के विकास में मदद करते हैं। इसके अलावा यह कैल्शियम, पोटेशियम, विटामिन बी और सी भरपूर है, जो कि ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। इसे आप सूप और साइड डिश के रूप में तैयार करके खा सकते हैं। 

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3.कुट्टू का आटा

कुट्टू का आटा ग्लूटेन फ्री है और हाई प्रोटीन से भरा हुआ है। ये एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बना सकता है। इसमें बहुत अधिक फाइबर होता है, जो पेट के लिए के लिए हर तरह से फायदेमंद है। वहीं इसे डायबिटीज और मोटापा ग्रस्त लोग भी खा सकते हैं।

4.रागी

यह कम लस मुक्त अनाज है, जो कब्ज को दूर करता है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर कम रखता है। यह कैल्शियम और ऑयरन का एक समृद्ध स्रोत है, जो कि महिलाओं के लिए भी बहुत अच्छा है। वहीं रागी मधुमेह रोगियों के लिए भी एक अच्छा विकल्प है। इसे आप इडली, डोसा और रोटी आदि बना कर खा सकते हैं।

इसी तरह आप बाजरा भी खा सकते हैं। कुल मिला कर आपको अपनी डाइट में गेहूं और चावल की जगह इन चीजों को शामिल करना है। वहीं जिन लोगों को वीट एलर्जी होती है, उनके लिए भी ये बहुत फायदेमंद है। तो बस अपने रोज के मेन्यू में इन्हें शामिल करें और अपने डाइट को बेहतर बनाएं।

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