किन लोगों को है ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का ज्यादा खतरा? डॉक्टर से जानें इसके लक्षण और कारण

अगर आप नींद में तेज खर्राटे लेते हैं या आपको दिन में बहुत अधिक नींद आती हैं तो ये ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के संकेत हो सकते हैं। जानें इसके बारे में

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Apr 29, 2021Updated at: Apr 29, 2021
किन लोगों को है ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का ज्यादा खतरा? डॉक्टर से जानें इसके लक्षण और कारण

क्या आप भी तेज खर्राटे लेते हैं? आपको भी सुबह उठकर तेज सिरदर्द होता है या रात में सोते समय कुछ पल के लिए आपकी सांस रुक जाती है? ये सभी लक्षण ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (Obstructive Sleep Apnea) के होते हैं। अगर आप में ये लक्षण नजर आ रहे हैं तो हो सकता है कि आप ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया से पीड़ित हो। यह नींद से जुड़ा एक विकार है, जिसमें मरीज को सोते समय सांस लेने में तकलीफ होती है। मरीज की सोते समय सांस रुक जाती है। एक अध्ययन में यह भी बताया गया है कि ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया से पीड़ित महिलाओं को कैंसर होने का खतरा बेहद अधिक रहता है। इस बीमारी में सोते समय नाम में एयरफ्लो कम हो जाता है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होने लगती है। इस विषय पर विस्तार से जानकारी लेने के लिए हमने डॉ. एम.के.सिंह, एम.डी,  सीनियर फिजिशियन, फ्लोरेस हॉस्पिटल, गाजियाबाद से बातचीत की-

sleep

क्या है ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (What is Obstructive Sleep Apnea)

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का संबंध नींद और सांस दोनों से है। यह स्लीप एपनिया का एक प्रकार है। इसमें व्यक्ति के सोते समय अकसर कुछ देर के लिए सांस रुक जाती है। इसमें सोते समय शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है। ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया तब होता है, जब वायुमार्ग में ब्लॉकेज हो जाती है। इसकी वजह से नाक पूरी तरह से जाम हो जाती है और व्यक्ति मुंह से सांस लेने लगता है। लोग इसे सामान्य समझते हैं, लेकिन यह एक बीमारी है, जिसका समय से इलाज करवाना बेहद जरूरी होता है।  

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के लक्षण (Symptoms of Obstructive Sleep Apnea)

  • - जोर-जोर से खरार्टे लेना
  • - दिन में अधिक नींद आना
  • - सोते समय कुछ पलों के लिए सांस रुक जाना
  • - गले में खराश और मुंह सूखना
  • - सुबह उठने के बाद सिरदर्द होना
  • - मूड स्विंग
  • - ब्लड प्रेशर बढ़ना
  • - रात को पसीना आना
  • - ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
  • - चिड़चिड़ापन
  • - दिन के समय सुस्ती छाई रहना
  • - दिमाग मांसपेशियों को संकेत देना बंद कर देता है
obesity

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के कारण (Causes of Obstructive Sleep Apnea)

वायुमार्ग में ब्लॉकेज होने पर व्यक्ति नाक से सांस नहीं ले पाता है, जिससे इसे ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया की समस्या होने लगती है। इन कई कारण हो सकते हैं-

इसे भी पढ़ें  - गले में दर्द और इंफेक्शन का कारण हो सकता है मौसम में बदलाव, इन घरेलू नुस्खों से जल्दी मिलेगा छुटकारा

मोटापा (Obesity)

मोटापे की समस्या ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया की एक सबसे बड़ी वजह है। इसमें वयस्क लोगों में यह समस्या सबसे ज्यादा देखने को मिलती है। इस समस्या से बचने के लिए मोटापे को कम करना बहुत जरूरी होता है। अकसर गर्दन में ज्यादा फैट होने से यह समस्या होने लगती है। गर्दन में ज्यादा फैट होने पर सोते समय वायुमार्ग ब्लॉक हो जाता है, जिससे सांस लेने में मुश्किल होने लगती है। 

जेनेटिक (Genetic)

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया एक जेनेटिक समस्या भी है। अगर आपके परिवार के लोगों में किसी को यह समस्या पहले से है, तो हो सकता है कि आगे चलकर आपको भी यह समस्या हो सकती है। ऐसे में समय रहते इसका बचाव करना बेहद जरूरी हो जाता है। आनुवंशिक सिंड्रोम भी इसका एक कारण हो सकता है।

न्यूरोमस्कुलर (Neuromuscular)

न्यूरोमस्कुलर एक ऐसी स्थिति है, जिसमें दिमाग वायुमार्ग और सीने की मांसपेशियों तक संदेश पहुंचाने में असमर्थ हो जाता है। यह स्थिति ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का कारण बन सकता है। ऐसे में अगर आपको शुरुआत में ही इसके संकेत मिलने लगे तो, तुरंत डॉक्टर की सलाह जरूर लें। इसमें स्ट्रोक, मायोटोनिक डिस्ट्रोफी, पोस्ट-पोलियो सिंड्रोम की समस्याएं शामिल हो सकती हैं।

दिल और गुर्दों में समस्या (Heart and Kidney Problems)

दिल और गुर्दों की समस्या होने पर भी ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का खतरा बेहद बढ़ जाता है। जो दिल और किडनी की बीमारी से पीड़ित होते हैं, उनके गर्दन में तरल पदार्थ जमा हो जाते हैं, जो वायुमार्ग को ब्लॉक कर देते हैं। वायुमार्ग के ब्लॉकेज से यह समस्या होने लगती है।

इनके अलावा हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure), डायबिटीज (Diabetes) और डिप्रेशन (Depression) भी ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा जिन बच्चों का जन्म 37वें हफ्ते से पहले हुआ होता है, बड़े होकर इनमें भी इसका जोखिम अधिक होता है। मांसपेशियों में बदलाव (Muscle Changes) और शारीरिक रुकावटें (Physical Blockages) भी इसका कारण हो सकते हैं। 

exercise

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का बचाव (Obstructive Sleep Apnea Rescue)

वजन कम करना (Loss Your Weight)

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का मुख्य कारण मोटापा (Obesity is the Main Cause of Obstructive Sleep Apnea) होता है। ऐसे में अगर वजन को कम कर दिया जाए तो इस समस्या से निजात मिल सकती है। अगर आपको यह समस्या पहले से है, तो अपने वजन को कंट्रोल करना शुरू कर दें। इसके अलावा अगर आप फिट हैं, तो बहुत कम संभावना है कि आप इस बीमारी से पीड़ित हो।

इसे भी पढ़ें - क्या आपको भी इन दिनों होने लगी है कब्ज की समस्या? जानें क्या है क्वारंटाइन कब्ज और इसे ठीक करने का उपाय

एक्सरसाइज करना (Regular Exercise)

नियमित रूप से एक्सरसाइज करने पर इस समस्या से छुटकारा मिल सकता है। एक्सरसाइज कई गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज होता है। नियमित रूप से 30 मिनट का व्यायाम (DO 30 minute Exercise) आपको इस समस्या से निजात दिला सकता है। एक्सरसाइज आपका वजन कम करने में भी मदद करता है और आपको फिट रखता है। 

नशीले पदार्थों के सेवन से बचें (Avoid Drug)

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया की समस्या होने पर आपको एल्कोहल, धूम्रपान जैसे नशीले पदार्थों का सेवन करने से बचना चाहिए। क्योंकि इसके सेवन से गले का पिछला भाग (Posterior Neck) और श्वास मांसपेशियां (Breathing Muscles) शिथिल हो जाती है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होने लगती है।

पीठ के बल सोने से बचें (Avoid Sleeping on Your Back)

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया की समस्या होने पर आपको अपने सोने की पॉजिशन में बदलाव करने की जरूरत होती है। इस दौरान पीठ के बल सोने से बचें, क्योंकि इसे सांस लेने में समस्या हो सकती है। इस दौरान आपको पेट के बल या करवट लेकर सोना चाहिए। इससे इस समस्या में आराम मिल सकता है।

इन लोगों को है ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का ज्यादा खतरा (These People Are at Greater Risk of Obstructive Sleep Apnea)

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का ज्यादा खतरा उन लोगों को होता है, जो मोटोपे से ग्रसित होते हैं। रात में नाक बंद होने पर भी यह समस्या होने की संभावना रहती है।

  • - ओवरवेट और मोटापे (Over Weight and Obesity) से ग्रसित लोगों को इसका खतरा ज्यादा है।
  • - जिन लोगों को रात में नाक बंद होने की समस्या रहती है।
  • - गर्दन के मोटे होने पर यह समस्या हो सकती है। पुरुषों के गर्दन का माप 17 इंच और महिलाओं को 16 इंच होना चाहिए। इससे ज्यादा होने पर यह समस्या होने की संभावना रहती है।
  • - यह एक आंनुवांशिक समस्या (Genetic Problem) भी हो सकती है।
  • - नींद की समस्या होने पर भी ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का खतरा बढ़ जाता है।
  • - पुरुषों को इसका ज्यादा खतरा होता है।
  • - जिनको गले में बड़े टॉन्सिल (Tonsils) होता है, उन्हें भी इसका ज्यादा खतरा रहता है।

अगर आपको भी ऊपर बताए गए लक्षण नजर आते हैं, तो आपको जल्द से जल्द एक बार डॉक्टर से संपर्क जरूर करना चाहिए। अगर आपको यह समस्या होती है, तो बचाव के तरीकों को फॉलो करके आप इससे छुटकारा पा सकते हैं। लेकिन इसे लंबे समय तक नजरअंदाज करने से बचना चाहिए, वरना कोई गंभीर समस्या जन्म ले सकती है। 

Read More Articles on Other Diseases in Hindi

Disclaimer