आंख आना (कंजक्‍ट‍िवाइट‍िस) के दौरान क‍िस स्‍थ‍ित‍ि में डॉक्‍टर को द‍िखाना हो जाता है जरूरी?

कंजक्टिवाइटिस की समस्‍या होने पर आपको कुछ खास स्‍थ‍ित‍ियों में डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए ज‍िसके बारे में हम आगे जानेंगे  

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: May 11, 2022Updated at: May 11, 2022
आंख आना (कंजक्‍ट‍िवाइट‍िस) के दौरान क‍िस स्‍थ‍ित‍ि में डॉक्‍टर को द‍िखाना हो जाता है जरूरी?

कंजक्टिवाइटिस (Conjunctivitis) आंखों की बीमारी है ज‍िसे हम प‍िंक आई के नाम से भी जानते हैं। प‍िंक आई या आंख आने की समस्‍या होने पर आंख में रेडनेस, पेन और सूजन जैसे लक्षण नजर आते हैं। कंजंक्टिवाइटिस की बीमारी तब होती है जब आंख का एक भाग ज‍िसे हम कंजंक्टिवा (Conjunctiva) बोलते हैं उसमें एलर्जी या संक्रमण हो जाता है ज‍िसके कारण सूजन आ जाती है। कंजंक्टिवा एक पतली ट‍िशू होती है ज‍िसका काम आंख के सफेद भाग को बाहरी सतह और पलकों को अंदर से कवर करना होता है। आंख आने की समस्‍या एक से दूसरे व्‍यक्‍त‍ि में फैल सकती है इसलि‍ए आपको व‍िशेष सावधानी बरतनी चाह‍िए। आंख आने की समस्‍या वैसे तो कुछ समय पर ठीक हो जाती है पर ये गंभीर भी हो सकती है। कंजक्टिवाइटिस होने पर आपको कुछ स्‍थ‍ित‍ियों में डॉक्टर को द‍िखाना चाह‍िए ज‍िनके बारे में हम आगे लेख में बात करेंगे। 

pink eye 

कंजक्‍ट‍िवाइट‍िस होने पर डॉक्‍टर से संपर्क कब करें? (When to see a doctor for pink eye)

कई बार कंजक्‍ट‍िवाइट‍िस के लक्षण ब‍िना डॉक्‍टर को दोबारा द‍िखाए ही ठीक हो जाते हैं पर कई स्‍थ‍ित‍ि में आपको डॉक्‍टर को दोबारा द‍िखाने की जरूरत पड़ सकती है। जानते हैं क‍िन स्‍थ‍ित‍ियों में आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए-     

1. कंजक्‍ट‍िवाइट‍िस होने पर अगर आपको आंख में दर्द हो रहा है तो आपको तुरंत डॉक्‍टर को द‍िखाना चाह‍िए।

2. अगर लाइट के कारण आपको समस्‍या हो रही है तो भी आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए।

3. अगर लाइट से सेंस‍िट‍िव‍िटी यानी आप लाइट को देख नहीं पा रहे हैं तो भी आपको डॉक्‍टर को द‍िखाना चाह‍िए।

4. कंजक्‍ट‍िवाइट‍िस के दौरान आपको ज्‍यादा थकान या सूजन की समस्‍या नजर आए तो डॉक्‍टर को द‍िखाएं।

5. अगर आपको आंखों से धुंधला नजर आ रहा है तो आपको डॉक्‍टर को द‍िखाना चाह‍िए।

6. व‍िजन ब्‍लर होने के कारण कंजक्‍ट‍िवाइट‍िस के लक्षण नजर आते हैं।

7. अगर आपके लक्षण कंजक्‍ट‍िवाइट‍िस जैसे नजर आ रहे हैं तो भी आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए।

8. बुखार आने की स्‍थि‍त‍ि में भी आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए, बुखार के साथ अगर इंफेक्‍शन की समस्‍या है तो भी डॉक्‍टर को द‍िखाएं।   

9. अगर आपकी आंखों की रेडनेस कम नहीं हो रही है तो भी आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए।

10. अगर कोई अन्‍य इलाज चल रहा है या क‍िसी अन्‍य दवा का सेवन कर रहे हैं तो भी आपको आंख आने पर डॉक्‍टर से सलाह लेनी चाह‍िए।

11. अगर आपको क‍िसी एक आंख में दूसरे के मुकाबले ज्‍यादा दर्द हो रहा है तो आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाह‍िए।

12. अगर आप ऐसे कोई लक्षण महसूस कर रहे हैं जो लंबे समय से बने हुए हैं तो आंख के डॉक्‍टर के पास जाकर आपको इलाज जरूर करवाना चाह‍िए।  

इसे भी पढ़ें- वजन घटाने में फायदेमंद है अंजीर, जानें कैसे करें सेवन

कंजक्‍ट‍िवाइट‍िस होने पर इन बातों का ध्‍यान रखें 

pink eye tips

  • अगर आपको कंजक्‍ट‍िवाइट‍िस यानी प‍िंक आई की समस्‍या हुई है तो आप लेंस के बजाय चश्‍मा पहनें।
  • कंजक्‍ट‍िवाइट‍िस के दौरान आपको तौल‍िया, बेडशीट, तक‍िया आद‍ि को गरम पानी और डि‍सइंफेक्‍टेंट से क्‍लीन करें।
  • आपको समय-समय पर अपना आईव‍ियर केस भी साफ करना चाह‍िए, इसके अलावा आंख को बार-बार छूने की गलती न करें।
  • कंजक्‍ट‍िवाइट‍िस होने पर आपको साफ-सफाई का खास ख्‍याल रखना चाह‍िए ताक‍ि आपको और दूसरों को इंफेक्‍शन न हो।

 कंजक्‍ट‍िवाइट‍िस का इलाज (Treatment of conjunctivitis)

  • कंजक्‍ट‍िवाइट‍िस होने पर आपको आंख पर गरम या ठंडी स‍िकाई करनी चाह‍िए।
  • आंखों में डॉक्‍टर की बताई आई ड्रॉप डाल सकते हैं।
  • आंख आने पर साफ कॉटन कपड़े से आंख को साफ करें, आपको एक ही कपड़े को दोनों आंखों के ल‍िए इस्‍तेमाल नहीं करना है।
  • अगर डॉक्‍टर प‍िंक आई यानी कंजक्‍ट‍िवाइट‍िस का इलाज करेंगे तो वो आपको एंटीबायोट‍िक आई ड्रॉप या दवा दे सकते हैं।
  • कंजक्‍ट‍िवाइट‍िस की स्‍थि‍त‍ि में एंटी-वायरल दवाओं का सेवन करने की सलाह दी जाती है।
  • आपके ल‍िए कौनसा ट्रीटमेंट ठीक रहेगा ये समझने के ल‍िए आपको डॉक्‍टर के पास जाकर इलाज करवाना चाह‍िए।     

अगर आप समय-समय पर आंखों की जांच करवाते रहेंगे और लक्षणों पर गौर करेंगे तो प‍िंक आई की समस्‍या से बच सकते हैं।

Disclaimer