गर्दन में जकड़न हो या सिर, कान और कंधे में दर्द, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस से घर पर ऐसे हों ठीक

आधुनिक जीवनशैली ने अनेक स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ा दिया है। उन्ही में से सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस भी एक समस्या है। आइए जानते हैं समस्या के कारण और बचाव

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Nov 17, 2020Updated at: Nov 17, 2020
गर्दन में जकड़न हो या सिर, कान और कंधे में दर्द, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस से घर पर ऐसे हों ठीक

लॉकडाउन ने सभी की जीवनशैली को बदल दिया है। पहले जो लोग घर से ऑफिस समय पर निकलते थे वे अब सुबह उठकर बिस्तर पर ही लैपटॉप खोल कर बैठ जाते हैं। 10 घंटे लगातार उसी पोजीशन में बैठने से गर्दन के एक हिस्से में जकड़न, सिर, कान और कंधे में दर्द आदि समस्याएं होने लगती हैं। अगर आपको भी ये समस्या हो रही है तो यह सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस (cervical spondylitis) के लक्षण हो सकते हैं। इस समस्या से ग्रस्त लोगों में अलग-अलग लक्षण देखने को मिलते हैं। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको बता रहे हैं कि यह लक्षण क्या है और इनके बचाव एवं उपचार किस प्रकार हैं? पढ़ते हैं आगे... 

Cervical Spondylitis

जब हो गर्दन में जकड़न

आपने देखा होगा अधिकतर लोग सीधे हाथ से काम करते हैं यही कारण होता है कि 70 से 75% लोग दाहिने हिस्से में जकड़न महसूस करते हैं। यह समस्या लगातार कंप्यूटर के सामने बैठने से होती है। सर्दी में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। नींद में गर्दन की लिगामेंट में खिंचाव आने की संभावना बढ़ जाती है तब भी इस समस्या से व्यक्ति ग्रस्त हो सकता है।

क्या है इसका बचाव

इस तरह के दर्द दो-तीन दिनों में ठीक हो जाते हैं। अगर आप इस दर्द से बचना चाहते हैं तो 1 घंटे के अंतराल पर अपनी गर्दन को हर दिशा में घुमाने की कोशिश किया करें। इसके अलावा आप हॉट वाटर बैग से सिकाई कर सकते हैं। सोते समय पतले और मुलायम तकिए का चुनाव करें। ऐसा करने से आपकी गर्दन को सही सपोर्ट मिलती है।

जब दर्द लगातार रहे

जब उम्र 40 के पार चली जाती है तो यह समस्या ज्यादा परेशान करती है। उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों में कैल्शियम की कमी आने लगती है। जो क्षतिग्रस्त हड्डियां होती है वह शरीर की प्रक्रिया के दौरान फिर से ठीक होने लगती है और उन पर नई परत आने लगती है। चूंकि यह हड्डियां बाहर की तरफ निकलने लगती हैं इसलिए इनका असर कई बार नसों पर पड़ता है। यही कारण होता है कि दर्द लगातार होने लगता है। कुछ गंभीर परिस्थितियां सामने आ जाती है जब दिमाग में सही ढंग से ब्लड सप्लाई नहीं हो पाता। यही कारण होता है कि सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस के मरीजों को कभी-कभी चक्कर आने लगते हैं।

जानें इसके बचाव

रोज एक्सरसाइज करना, स्विमिंग और ब्रिस्क वॉक से भी गर्दन और कंधे की मांसपेशियां सही तरीके से कार्य करना शुरू कर देती हैं। इसके अलावा जोड़ जो कमजोर हो जाते हैं उन्हें भी सपोर्ट मिलता है। 

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सिर और कान में तेज दर्द

सिर को पूरे शरीर से जोड़ने में गर्दन का महत्वपूर्ण योगदान है। अगर इसमें किसी प्रकार की समस्या जाए तो सिर और शरीर दोनों प्रभावित होते हैं। सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस में लोगों के गर्दन में दर्द तो होता ही है इसके अलावा सिर, कान, कंधे, पीठ और बाहों में भी तेज गति से दर्द होता है। अगर आप गर्दन के साथ असामान्य मोमेंट करते हैं तब भी इस प्रकार की समस्या हो सकती है।

क्या है इसके बचाव

अगर आपकी गर्दन और सिर दोनों में ही दर्द है तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें। बिना किसी डॉक्टर की सलाह के दवाई ना लें। हो सकता है सिर में दर्द माइग्रेन के कारण हो रहा हो। ऐसे में इसका अलग उपचार होता है। सर्वाइकल स्पोंडिलाइटिस के कारण सिर में ज्यादा दर्द हो तो पीड़ित को स्टेरॉयड का इंजेक्शन देना पड़ता है। साथ ही पेन किलर और फिजियोथैरेपी भी मददगार साबित होती है।

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(ये लेख अपोलो हॉस्पिटल के ऑर्थोपेडिक सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर अमजद जमादार से बातचीत पर आधारित है।)

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